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सोनभद्र – सहायक अभियंता की कारस्तानी से दुबेपुर विद्युत सब स्टेशन बंद होने की कगार पर

 

सहायक अभियंता की कारस्तानी से दुबेपुर विद्युत सब स्टेशन बंद होने की कगार पर

 

 

सोनभद्र बैनी/सत्यनारायण मौर्य/संतेश्वर सिंह

 

दुबेपुर विद्युत सब स्टेशन पर जब से सहायक अभियंता प्रदीप कुमार गुप्ता महोदय चार्ज लिए हैं तब से स्थिति बहुत ही दयनीय चल रही है यहां पर शुरू में 5 एम बी ए के ट्रांसफार्मर से पहले सैकड़ो गांव में सप्लाई चल रही थी कालांतर में जब काफी लोड बढ़ गया तो विद्युत विभाग के अधिकारियों द्वारा 10 एम बी ए का ट्रांसफार्मर लगाने की स्वीकृति प्रदान की गई जबकि उससे भी ज्यादा लोड है तब तक पिछले कार्यकाल में रहे मयंक वर्मा सहायक अभियंता का स्थानांतरण हो गया वर्तमान में जो सहायक अभियंता महोदय हैं इन्होंने दुबेपुर के लि ए

स्वीकृत ट्रांसफार्मर को सुकृत विद्युत सब स्टेशन में लगवा दिया और वहां से निकालकर डैमेज 8 एम बी ए का ट्रांसफार्मर दुबेपुर विद्युत सब स्टेशन में लगवा दिया दुबेपुर विद्युत सब स्टेशन के कर्मचारियों ने इसका जबरदस्त विरोध किया उन्होंने कहा कि तुम लोगों से क्या मतलब मुझे चलाना है मैं चाहे जैसे चलाऊंगा

बताते चलें कि नगवा ब्लॉक के रहवासियों को बिना ट्रिपिंग लो वोल्टेज से जूझ रहे लोगों को निर्वाध बिजली आपूर्ति के लिए सदर विधायक भूपेश चौबे व ब्लॉक प्रमुख नगवां आलोक कुमार सिंह के प्रयास से ,10एमवीए का ट्रांफार्मा लागने की स्वीकृति प्रदान की गई थी

कर्मचारियों ने बड़ी ही मेहनत से लगा तो दिया लेकिन एक ही दिन में ट्रांसफार्मर जल गया अब फिर उसी पुराने 5 एम बी ए के ट्रांसफार्मर से आधी अधूरी सप्लाई दी जा रही है सप्ताह में तीन दिन बिजली गायब रहती है इसकी जानकारी जब स्थानीय पत्रकारों को हुई तो उनसे पूछा गया कि आपने ऐसा क्यों किया तो उनका जवाब था कि दुबे फिर विद्युत सब स्टेशन तो ऐसे ही चलेगा यहां के लोग बिल ही नहीं जमा करते तो बिजली क्यों दी जाएगी जबकि जागरूक उपभोक्ता कार्यालय पर जाकर बिजली बिल समय से जमा कर रहे हैं रामगढ़ से दुबेपुर के लिए मेन लाइन जंगलों से एवं खेतों से होकर गई है जो काफी पुराने पोल एवं तार करीब 40 वर्षों पुराने हैं फाल्ट होने पर खोजने में ही तीन-चार दिन लग जाते हैं इसके लिए भी प्रस्ताव गया की पंन्नूगंज से दुबेपुर तक रावटसगंज खलियारी मार्ग के किनारे किनारे पोल एवं तार लगा दिए जाएं तो फाल्ट की समस्या ही खत्म हो जाएगी लेकिन इनकी कारस्तानी से यह प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया इनके भ्रष्टाचार का आलम यह है क्षेत्र में बिजली चोरी पकड़ने पर कई लोगों को ऊपर ही ऊपर सुविधा शुल्क लेकर छोड़ दिया जाता है और जो सुविधा शुल्क नहीं देता उनके विरुद्ध एफआईआर कराई जाती है ताजा मामला तो वैनी बाजार के रमेश सेठ का है जिन्होंने 70000 रुपया दिया लेकिन उनको रसीद ₹12000 की दी गई जागरूक क्षेत्रीय उपभोक्ताओं ने उच्च अधिकारियों से मांग की है कि दुबे पूर सब स्टेशन पर स्वीकृत 10 एम बी ए का ट्रांसफार्मर लगाया जाए एवं भ्रष्ट सहायक अभियंता के क्रियाकलापों की जांच कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए.

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