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सीढ़ियां चढ़ते ही फूलने लगती है सांस, तो बिल्कुल न करें अनदेखा! हो सकता है 5 समस्याओं का शुरुआती संकेत

सत्यार्थ न्यूज श्रीडूंगरगढ़- सवांददाता मीडिया प्रभारी

सीढ़ियां चढ़ते ही सांस फूलने लगती है और आप हर बार इसे मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं तो यह आर्टिकल आपको जरूर पढ़ना चाहिए। दरअसल यह सेहत से जुड़ी कुछ गंभीर परेशानियों का इशारा हो सकता है। आइए जानते हैं कौन-सी हैं ये समस्याएं ताकि समय रहते आप डॉक्टर से सलाह ले सकें और बड़ी परेशानी से बच सकें।

HighLights

1.सीढ़ियां चढ़ने में कुछ लोगों को सांस फूलने की समस्या होती है।

2.इसे आम बात न समझें, क्योंकि यह गंभीर समस्याओं का संकेत हो सकता है।

3.शरीर के इन संकेतों को समझकर आप समय रहते सतर्क हो सकते हैं।

क्या आपको भी थोड़ी-सी सीढ़ियां चढ़ने या हल्का सा काम करने पर ही सांस फूलने लगती है? अगर आप सोचते हैं कि यह सिर्फ थकान या बढ़ती उम्र का नतीजा है, तो सावधान हो जाइए! कम फिजिकल एक्टिविटी पर भी सांस फूलना, एक सामान्य बात नहीं है और इसे बिल्कुल भी अनदेखा नहीं करना चाहिए। जी हां, यह आपके शरीर में पनप रही 5 गंभीर समस्याओं का शुरुआती संकेत हो सकता है। आइए जानें।

हार्ट डिजीज

थोड़ी-सी मेहनत पर ही सांस फूलना, हार्ट डिजीज का एक प्रमुख संकेत हो सकता है। जब दिल कमजोर हो जाता है और शरीर को पर्याप्त खून पंप नहीं कर पाता, तो फेफड़ों में तरल पदार्थ जमा होने लगता है, जिससे सांस लेने में कठिनाई होती है। अगर आपको सीढ़ियां चढ़ते समय सीने में दर्द, चक्कर आना या पैरों में सूजन भी महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें। यह कंजेस्टिव हार्ट फेलियर, कोरोनरी आर्टरी डिजीज या अन्य दिल की समस्याओं का लक्षण हो सकता है।

लंग डिजीज

फेफड़े हमारे शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करते हैं। अगर फेफड़ों में कोई समस्या है, तो सांस लेने में दिक्कत जरूर होगी। क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD), अस्थमा, ब्रोन्काइटिस या इंटरस्टिशियल लंग डिजीज (ILD) जैसी स्थितियां फेफड़ों की कार्यक्षमता को कम कर सकती हैं, जिससे थोड़ी-सी मेहनत पर भी सांस फूलने लगती है। अगर आप खांसी, घरघराहट या सीने में जकड़न भी महसूस करते हैं, तो तुरंत सावधान हो जाएं।

एनीमिया

शरीर में रेड ब्लड सेल्स या हीमोग्लोबिन की कमी होने पर एनीमिया की समस्या हो जाती है। बता दें, हीमोग्लोबिन ही ऑक्सीजन को फेफड़ों से शरीर के अन्य हिस्सों तक ले जाता है। ऐसे में, जब हीमोग्लोबिन कम होता है, तो शरीर के टिशूज को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती, जिससे सांस फूलने लगती है, खासकर मेहनत करते समय। इसलिए अगर आपको थकान, कमजोरी, त्वचा का पीला पड़ना जैसी समस्याएं हो रही हैं और चक्कर भी आते हैं, तो यह एनीमिया का संकेत हो सकता है।

मोटापा

जरूरत से ज्यादा वजन होने पर शरीर को हर काम करने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। एक्स्ट्रा फैट फेफड़ों और डायाफ्राम पर दबाव डालता है, जिससे फेफड़ों की क्षमता कम हो जाती है। बता दें, मोटापे के कारण हार्ट को भी ज्यादा काम करना पड़ता है, जिससे थोड़ी-सी फिजिकल एक्टिविटी पर भी सांस फूलने लगती है।

स्ट्रेस

कभी-कभी चिंता और तनाव भी सांस फूलने का कारण बन सकते हैं। ज्यादा स्ट्रेस से शरीर में एड्रेनालाईन का स्तर बढ़ जाता है, जिससे सांस लेने की स्पीड तेज हो जाती है और व्यक्ति को लगता है कि उसे पर्याप्त हवा नहीं मिल पा रही। ऐसे में, अगर आप भी ज्यादा तनाव ले रहे हैं और सीढ़िया चढ़ने में घबराहट महसूस हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

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