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राजगढ़-हरदा हादसे के बाद प्रशासन माचलपुर की बड़ी लापरवाही

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सत्यार्थ न्यूज़ के लिए राजगढ़ से निखिल गोयल की रिपोर्ट

हरदा हादसे के बाद प्रशासन माचलपुर की बड़ी लापरवाही

महाशिवरात्रि पर नगर परिषद ने अवैध आतिशबाजी विक्रेता को दिया टैण्डर

हरदा फटाखा फेक्ट्री ब्लास्ट के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर आया और राजगढ़ जिले में जगह-जगह छापेमारी कर अवैध फाटाखों के भण्डारण व विक्रय करने वालों पर प्रशासन ने सख्त कार्यवाही करते हुए विभिन्न थानों पर एफआईआर दर्ज करवाई थी। प्रशासन की सख्त हिदायत के बावजूत नगर परिषद माचलपुर ने ही प्रशासन के आदेशों का उल्लंघन कर दिया और महाशिवरात्रि पर आतिशबाजी के लिये गुना जिले के अवैध फटाखा बनाने व विक्रय करने वाले को ही टैण्डर दे दिया। परिषद ने गुना निवासी साबिर अहमद के आतिशबाजी के लाईसेन्स संबंध में भी कोई जांच तक नहीं की। हद तो तब हो गई, जब नगर परिषद में प्राप्त तीन टैण्डरों में से एक टैण्डर जिसके नाम से डाला गया, उस पर प्रशासन ने एक माह पूर्व अवैध फटाखा भण्डारण व विक्रय के मामले में माचलपुर थाने में एफआईआर दर्ज की थी, आरोपी फिलहाल जमानत पर है। प्रशासन की सख्ती की पोल खोलते हुए प्रतिबंधित देशी आतिशबाजी व हजारों रूपयों के फटाखे लेकर सप्लायर गुना से अपनी कार में विस्फोटक सामग्री लेकर माचलपुर आया और प्रशासनिक अधिकारियों के सामने बेखौफ आतिशबाजी का प्रदर्शन कर चला गया। प्रतिबंधित हाथ से बनाई देशी आतिशबाजी का प्रदर्शन भी माचलपुर में किया गया।

सीएमओ बोले- हाथ से आतिशबाजी बनाता है, तो लाईसेन्स तो होगा ही
इस मामले में जब माचलपुर के सीएमओ मनोज नामदेव से चर्चा की, तो उन्होने बताया कि हमने विज्ञप्ति जारी की थी, जिसमें टेण्डर आये थे। इसके तीन लोगों के टैण्डर आये थे, शकीर अहमद, निवासी-गुना, साबिर अहमद, निवासी-गुना, महेश अग्रवाल निवासी-माचलपुर के टैण्डर आये थे। साबिर अहमद गुना का टैण्डर स्वीकृत हुआ था। साबिर अहमद पिछले 5-6 सालों से पूरे जिले में दशहरे पर्व पर कार्य कर रहा है। जब हाथ से आतिशबाजी बनाता है, तो लाईसेन्स तो होगा ही। 50 हजार के अंदर आतिशबाजी की गई। उसके पास लाईसेन्स होगा ही, हम लाईसेन्स बुलवा लेते हैं। ये हैण्ड वाली आतिशबाजी है, जिसे देशी आतिशबाजी कहते हैं।

नायब तहसीलदार बोले-वरिष्ठ अधिकारियों की जानकारी में लायेंगे
नगर परिषद ने महाशिवरात्रि पर्व को मनाने के लिये दिनांक 23 फरवरी को अखबार में विज्ञप्ति जारी कर प्रकाश लाईटिंग, टैन्ट, स्टेज कुर्सी, टेबल मोटी, साउण्ड, स्वागत गेट, आतिशबाजी, अस्थाई सीसीटीवी कैमरे, भोजन पैकेट की व्यवस्था, भजन संध्या हेतु गायक गायिका के लिये भाव पत्र मंगवाये थे। आतिशबाजी के लिये 3 टैण्डर आये थे, जिसमें महेश अग्रवाल, निवासी-माचलपुर का भी टैण्डर डाला गया था। हरदा फटाखा फेक्ट्री के ब्लास्ट के बाद पुलिस प्रशासन ने जिले भर में कार्यवाही की थी, माचलपुर के एक फटाका व्यापारी के विरूद्ध प्रशासन ने अवैध फटाखा भण्डारण व विक्रय के मामले में माचलपुर थाने में एफआईआर दर्ज की थी और उसके अवैध फटाखों को जप्त किया था। उसके विरूद्ध माचलपुर थाने में अपराध क्रमांक 33/2024, धारा 285 भादवि व विस्फोटक अधिनियम के अंर्तगत अपराध दर्ज है। फिलहाल आरोपी न्यायालय से जमानत पर है। इस संबंध में जब महेश अग्रवाल से फोन पर बात की गई, तो उन्होने बताया, कि मैंने महाशिवरात्रि पर आतिशबाजी का नगर परिषद में कोई टैण्डर नहीं डाला था। मामले को माचलपुर टप्पे के नायब तहसीलदार रामनिवास धाकड़ की जानकारी में भी लाया गया है। उन्होने वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में लाने व जांच की बात कही है।

एसडीएम अंकित जैन ने कहा मैं जांच करवा लेती हू

 

महेश अग्रवाल

तीन टेंडर में से जिसके नाम तीसरा टेंडर था माचलपुर निवासी महेश अग्रवाल उसका कहना तो यह है कि मैंने तो जब से नई नगर परिषद भवन का निर्माण हुआ है तब से नगर परिषद परिषद का चेहरा भी नहीं देखा तो फिर टेंडर कहां से डालूंगा।

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