सत्यार्थ न्यूज श्रीडूंगरगढ़-सवांददाता ब्युरो चीफ
श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीन कार्यरत ट्यूबवैल व पम्प चालकों को न्यूनतम मजदूरी नहीं मिल रही है। ऐसे में लोक समता समिति के अध्यक्ष भरत सिंह राठौड़ ने शुक्रवार को जिला श्रम कल्याण अधिकारी, बीकानेर को पत्र लिखकर मामले की जांच कर श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी दिलवाने की मांग की। समिति के अध्यक्ष एडवोकेट भरतसिंह राठौड़ ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति के लिए हर दिन 6 से 10 घंटे तक पम्प चालक कार्य करते हैं, जबकि उन्हें केवल ₹100 प्रतिदिन या उससे भी कम मजदूरी दी जाती है। जो सरासर श्रम क़ानून का उल्लंघन है बल्कि मजदूरों के साथ खुला शोषण है। उन्होंने बताया कि जलदाय विभाग की ओर से यह कार्य ठेके पर दिया जाता है। ठेकेदार सरकार से पूरी मजदूरी का भुगतान उठाते हैं लेकिन श्रमिकों को बहुत कम राशि दी जाती है। कई बार अधिशाषी अभियंता ग्रामीण को मौखिक रूप से अवगत कराया गया, लेकिन कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई लोक समता समिति ने जिला श्रम कल्याण अधिकारी से अपील की है कि वे श्रीडूंगरगढ़ तहसील में कार्यरत सभी पम्प चालकों के वेतन भुगतान की जांच करवाएं तथा उन्हें न्यूनतम मजदूरी दिलवाए।


















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