विशेष संवाददाता पुनीत मरकाम ✍️ ✍️ भानुप्रतापपुर: गोदावरी इस्पात कंपनी के खिलाफ प्रशासन को चंद्रमौली मिश्रा ने लिखा पत्र, तत्काल कार्रवाई की मांग

भानुप्रतापपुर, 27 मार्च: शिवसेना के प्रदेश महासचिव चंद्रमौली मिश्रा ने भानुप्रतापपुर के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को एक पत्र लिखकर गोदावरी इस्पात कंपनी द्वारा किए जा रहे कई गंभीर उल्लंघनों पर प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। मिश्रा ने आरोप लगाया है कि गोदावरी इस्पात कंपनी के द्वारा भानुप्रतापपुर क्षेत्र में लोह अयस्क उत्खनन और परिवहन कार्यों के दौरान न केवल शासन और पर्यावरण के नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है, बल्कि कंपनी द्वारा स्थानीय जनता के बीच विभाजन की स्थिति उत्पन्न करने और शोषण के कृत्यों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

पत्र में चंद्रमौली मिश्रा ने यह भी बताया कि गोदावरी इस्पात कंपनी द्वारा कच्चे से रायपुर तक लोह अयस्क का परिवहन करने के लिए भानुप्रतापपुर के वाहन मालिकों को प्रति टन ₹100 कम भाड़ा दिया जा रहा है, जिसके चलते वाहन मालिकों का शोषण हो रहा है। इसके अलावा, कंपनी द्वारा वाहन मालिकों पर दबाव डालकर कार्य करवाए जा रहे हैं और उन्हें भेदभावपूर्ण तरीके से काम पर लगाया जा रहा है। इस तरह के असमान व्यवहार से न केवल वाहन मालिकों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है, बल्कि यह स्थानीय समुदाय में असंतोष और तनाव पैदा कर रहा है।
मिश्रा ने यह भी आरोप लगाया कि गोदावरी इस्पात कंपनी ने क्षेत्रीय विकास निधि में भी भेदभावपूर्ण तरीके से धन का वितरण किया है, जिसके कारण गांवों के बीच विभाजन पैदा हुआ है। यह एक सोची-समझी रणनीति प्रतीत होती है, जिससे कंपनी अपनी सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए क्षेत्रीय लोगों को आपस में लड़ाने का प्रयास कर रही है। चंद्रमौली मिश्रा ने कहा कि इस तरह की नीतियों के कारण स्थानीय लोगों में गहरी असंतोष की भावना उत्पन्न हो रही है, जो क्षेत्र की शांति और सामूहिक विकास के लिए खतरनाक हो सकती है।
इसके अलावा, मिश्रा ने यह भी आरोप लगाया कि यदि कोई व्यक्ति गोदावरी इस्पात कंपनी की अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाता है, तो कंपनी के प्रबंधन द्वारा माइंस बंद कर देने का डर दिखाकर उसे धमकाया जाता है। इसके अलावा, आवाज उठाने वालों के खिलाफ विवाद पैदा करने की कोशिश की जाती है और उन्हें डराने की रणनीति अपनाई जाती है। इससे स्थानीय लोगों का मनोबल टूट रहा है और वे न्याय की मांग करने से डर रहे हैं।
शिवसेना के प्रदेश महासचिव ने पत्र में प्रशासन से यह अपील की है कि गोदावरी इस्पात कंपनी द्वारा की जा रही इन अनियमितताओं और शोषण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यदि इस पर त्वरित कार्रवाई नहीं की गई तो यह मामले गंभीर रूप से प्रभावित कर सकते हैं और क्षेत्र में बड़े विवाद उत्पन्न हो सकते हैं। साथ ही उन्होंने प्रशासन से यह भी आग्रह किया है कि कंपनी द्वारा भानुप्रतापपुर के वाहन मालिकों से किए जा रहे भेदभाव और शोषण को तुरंत रोका जाए, ताकि स्थानीय समुदाय में विश्वास बनाए रखा जा सके और वहां की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके।
चंद्रमौली मिश्रा ने इस पत्र की एक प्रति मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ और कांकेर कलेक्टर को भी भेजी है, ताकि इस मुद्दे पर उच्च अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया जा सके और त्वरित कार्रवाई की जा सके। उन्होंने जोर दिया कि प्रशासन को इस गंभीर मुद्दे पर शीघ्र ध्यान देना चाहिए और जो भी कानूनी और प्रशासनिक कदम उठाने की आवश्यकता हो, वह तुरंत उठाए जाने चाहिए।


















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