सत्यार्थ न्यूज श्रीडूंगरगढ़-सवांददाता नरसीराम शर्मा
पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है। शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है। पंचांग में सूर्योदय सूर्यास्त, चद्रोदय-चन्द्रास्त काल, तिथि, नक्षत्र, मुहूर्त योगकाल, करण, सूर्य-चंद्र के राशि, चौघड़िया मुहूर्त दिए गए हैं।
🙏जय श्री गणेशाय नमः 🙏
🙏जय श्री कृष्णा🙏
🕉️आज का पंचांग- 25.03.2025🕉️
✴️ दैनिक गोचर राशिफल सहित✴️
🕉️ शुभ मंगलवार 🌞 – शुभ प्रभात् 🕉️
74-30💥मध्यमान💥75-30
(केतकी चित्रापक्षीय गणितानुसारेण निर्मितम्)
__आज विशेष__
हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार भस्मी लगाने एवं
खाने का महत्व और मिलने वाले लाभ
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__दैनिक पंचांग विवरण_
आज दिनांक………………..25.03.2025
कलियुग संवत्…………………..5126
विक्रम संवत्………………….. 2081
शक संवत्…………………….1946
संवत्सर……………….. श्री कालयुक्त
अयन………………………उत्तर
गोल…………. …………… उत्तर
ऋतु…………………… …बसंत
मास……………………. . चैत्र
पक्ष……………………… कृष्ण
तिथि…. एकादशी रात्रि. 3.45* तक / द्वादशी
वार…………………….. मंगलवार
नक्षत्र…….श्रवण. रात्रि. 3.50* तक / धनिष्ठा
चंद्रराशि…………….. मकर. संपूर्ण (अहोरात्र)
योग…………शिव. अपरा. 2.52 तक / सिद्ध
करण……………..बव. अपरा. 4.30 तक
करण…… बालव. रात्रि. 3.50* तक / कौलव
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नोट-जिस रात्रि समय के ऊपर(*) लगा हुआ हो वह समय अर्द्ध रात्रि के बाद सूर्योदय तक का है।
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विभिन्न नगरों के सूर्योदय में समयांतर मिनट
दिल्ली -10 मिनट———जोधपुर +6 मिनट
जयपुर -5 मिनट——अहमदाबाद +8 मिनट
कोटा – 5 मिनट————-मुंबई +7 मिनट
लखनऊ – 25 मिनट——बीकानेर +5 मिनट
कोलकाता -54 मिनट–जैसलमेर +15 मिनट
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सूर्योंदयास्त दिनमानादि-अन्य आवश्यक सूची
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सूर्योदय…………….. प्रातः 6.31.24 पर
सूर्यास्त…………….. सायं. 6.43.37 पर
दिनमान-घं.मि.से…………..12.12.13
रात्रिमान-घं.मि.से…………. 11.46.43
चंद्रास्त………………. 2.29.56 PM पर
चंद्रोदय………………..4.19.15 AM पर
राहुकाल..अपरा. 3.41 से 5.12 तक(अशुभ)
यमघंट….प्रातः 9.34 से 11.06 तक(अशुभ)
गुलिक……..अपरा. 12.38 से से 2.09 तक
अभिजित………. मध्या.12.13 से 1.02 तक
पंचक…………………… आज नहीं है।
हवन मुहूर्त……………….. आज नहीं है।
दिशा शूल………………… उत्तर दिशा
दोष परिहार……. गुड़ का सेवन कर यात्रा करें
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🌄विशिष्ट काल-मुहूर्त-वेला परिचय🌄
अभिजित् मुहुर्त – दिनार्द्ध से एक घटी पहले और एक घटी बाद का समय अभिजित मुहूर्त कहलाता है,पर बुधवार को यह शुभ नहीं होता.
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ब्रह्म मुहूर्त – सूर्योदय से पहले का 1.30 घंटे का समय ब्रह्म मुहूर्त कहलाता है।
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प्रदोष काल – सूर्यास्त के पहले 45 मिनट और बाद का 45 मिनट प्रदोष माना जाता है।
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गौधूलिक काल -सूर्यास्त से 12 मिनट पहले एवं 12 मिनट बाद का समय कहलाता है।
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🌄✴️भद्रा वास शुभाशुभ विचार✴️🌄
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भद्रा मेष, वृष, मिथुन, वृश्चिक के चंद्रमा में स्वर्ग में व कन्या, तुला, धनु, मकर के चंद्रमा में पाताल लोक में और कुंभ, मीन, कर्क, सिंह के चंद्रमा में मृत्युलोक में मानी जाती है यहां स्वर्ग और पाताल लोक की भद्रा शुभ मानी जाती हैं और मृत्युलोक की भद्रा काल में शुभ कार्य वर्जित होते हैं इसी तरह भद्रा फल विचार करें।
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दैनिक सूर्योदय कालीन लग्न एवं ग्रह स्पष्ट
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लग्न ………..मीन 9°41′ उत्तरभाद्रपद 2 थ
सूर्य ……….मीन 10°25′ उत्तरभाद्रपद 3 झ
चन्द्र ……………मकर 11°10′ श्रवण 1 खी
बुध *^ ……..मीन 10°2′ उत्तरभाद्रपद 3 झ
शुक्र *^ ……. मीन 7°13′ उत्तरभाद्रपद 2 थ
मंगल ……….. .मिथुन 27°17′ पुनर्वसु 3 हा
बृहस्पति …….. .वृषभ 20°43′ रोहिणी 4 वु
शनि ^ ……. कुम्भ 29°31′ पूर्वभाद्रपद 3 दा
राहू * ………..मीन 2°58′ पूर्वभाद्रपद 4 दी
केतु * … .कन्या 2°58′ उत्तर फाल्गुनी 2 टो
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✴️🌄दैनिक लग्न समय सारिणी 🌄✴️
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लग्न राशि ***********प्रारंभ – समाप्ति
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मीन ………………….06:31 – 07:31
मेष …………………. 07:31 – 09:10
वृषभ ……………….. 09:10 – 11:07
मिथुन ………………..11:07 – 13:20
कर्क ………………….13:20 – 15:38
सिंह ………………….15:38 – 17:52
कन्या ………………..17:52 – 20:05
तुला ………………….20:05 – 22:22
वृश्चिक ……………….22:22 – 24:39*
धनु …………………24:39* – 26:44*
मकर ……………….26:44* – 28:29*
कुम्भ ……………….28:29* – 29:59*
मीन ………………..29:59* – 30:30*
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जहां समय के आगे (*) लगा है वह समय
अर्द्ध रात्रि उपरांत के समय का सूचक है।
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✴️🌄दिन का चौघड़िया🌄✴️
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चंचल…………..प्रातः 9.34 से 11.06 तक
लाभ………….पूर्वा. 11.06 से 12.38 तक
अमृत…………अपरा. 12.38 से 2.09 तक
शुभ…………….अपरा. 3.41 से 5.12 तक
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✴️🌄रात्रि का चौघड़िया🌄✴️
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लाभ……………..रात्रि. 8.12 से 9.40 तक
शुभ…….रात्रि. 11.09 से 12.37 AM तक
अमृत..रात्रि.12.37 AM से 2.05 AM तक
चंचल…रात्रि. 2.05 AM से 3.34 AM तक
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(विशेष – ज्योतिष शास्त्र में एक शुभ योग और एक अशुभ योग जब भी साथ साथ आते हैं तो शुभ योग की स्वीकार्यता मानी गई है )
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🌞🕉️शुभ शिववास की तिथियां🕉️🌞
शुक्ल पक्ष-2—–5—–6— 9—–12—-13.
कृष्ण पक्ष-1—4—-5—-8—11—-12—-30
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दिन नक्षत्र एवं चरणाक्षर संबंधी संपूर्ण विवरण
संदर्भ विशेष -यदि किसी बालक का जन्म गंड नक्षत्रों (रेवती, अश्विनी, अश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा और मूल) में होता है तो सविधि नक्षत्र शांति की आवश्यक मानी गयी है और करवाना चाहिये
आज जन्मे बालकों का नक्षत्र के चरण अनुसार राशिगत् नामाक्षर
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समय-नक्षत्र नाम-नक्षत्र चरण-चरणाक्षर
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10.21 AM तक—-श्रवण—-1——खी
04.13 PM तक—-श्रवण—-2——-खू
10.02 PM तक—-श्रवण—-3——-खे
03.50 AM तक—-श्रवण—-4——खो उपरांत रात्रि तक—धनिष्ठा—-1——-गा
__राशि मकर – पाया ताम्र__
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__आज का दिन__
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व्रत विशेष.पापमोचिनी एकादशी (स्मार्त्त मत)
अन्य व्रत…………………… नहीं है।
पर्व विशेष………………….. नहीं है।
दिन विशेष………… विश्व अजन्मा शिशु दिवस
पंचक………………….. आज नहीं है।
विष्टि(भद्रा)……………….. आज नहीं है।
खगोल विशेष…………………… नहीं है।
सर्वा.सि.योग……………… आज नहीं है।
अमृ.सि.योग………………..आज नहीं है।
सिद्ध रवियोग………………..आज नहीं हैं।
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अगले दिन की प्रतीकात्मक जानकारी
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दिनांक…………………….26.03.2025
तिथि……………. चैत्र कृष्णा द्वादशी बुधवार
व्रत विशेष पापमोचिनी 11 (वैष्णव/निंबार्क)
अन्य व्रत…………………….. नहीं है।
पर्व विशेष……………………. नहीं है।
दिन विशेष…….. राष्ट्रीय विज्ञान प्रशंसा दिवस
पंचक………………..अपरा. 3.15 पर प्रारंभ
विष्टि(भद्रा)…………………. आज नहीं है।
खगोल विशेष.शुक्र बाल्य.पूर्ण रात्रि.7.25 तक
सर्वा.सि.योग…………….. आज नहीं है।
अमृ.सि.योग………………. आज नहीं है।
सिद्ध रवियोग………………. आज नहीं है।
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✴️आज की विशेष प्रस्तुति✴️
💥धर्म ज्योतिष आध्यात्म वास्तु राशिफल 💥
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हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार भस्मी लगाने एवं खाने का महत्व और मिलने वाले लाभ
भारत में शैव,नागा या नाथपंथी साधु धूनी रमाते और भस्म धारण करते हैं। आदिदेव शिव के समय से ही परंपरा से भस्म धारण करने का प्रचलन रहा है। भस्म को नागा साधुओं का वस्त्र माना जाता है। भस्म कई प्रकार की होती है। खाने की भस्म को विभूति या भभूत कहा जाता है। कहा जाता है कि गुरु गोरखनाथ के समय में भभूति का प्रचलन व्यापक स्तर पर प्रारंभ हुआ। शिरडी के साईं बाबा जिस भभूति को लोगों को देते थे उसे उदी भी कहा जाता है। आओ जानेत हैं कि किस तरह इसे रोग नाशक मानते हैं और क्या है इसके प्रकार। हिन्दू धर्म में भभूति या भस्म, विभूति आदि को राख भी कहते हैं।
क्या है भस्म : किसी भी पदार्थ का अंतिम रूप भस्म होता है। किसे भी जलाओ तो वह भस्म रूप में एक जैसा ही होगा। मिट्टी को भी जलाओ तो वह भस्म रूप में होगी। सभी का अंतिम स्वरूप भस्म ही है। भस्म इस बात का संकेत भी है कि सृष्टि नश्वर है। हवन की सामग्री जलकर भस्म बन जाती है, सभी जड़ी बूटियों को जलाकर भस्म बनाई जाती है। किसी भी पतार्थ को कूट-पीसकर भी भस्म बनाई जाती है।
भस्म का प्रयोग : भस्म का प्रयोग साधु लोग शरीर पर लगाने, आम लोग माथे पर तिलक लगाने और खाने के रूप में उपयोग करते हैं। इसमें से भस्म तिलक का अधिकतर प्रयोग दक्षिण भारत में होता है जबकि नागा साधु, नाथपंथी साधु भी भभूति का तिलक लगाते हैं। नागा साधु मस्तक पर आड़ा भभूत लगा तीनधारी तिलक लगा कर धुनी रमाकर रहते हैं। नागा बाबा या तो किसी मुर्दे की राख को शुद्ध करके शरीर पर मलते हैं या उनके द्वारा किए गए हवन की राख को शरीर पर मलते हैं या फिर यह राख धुनी की होती है। कई सन्यासी तथा नागा साधु पूरे शरीर पर भस्म लगाते हैं।
भस्म के प्रकार : श्रौत, स्मार्त और लौकिक ऐसे तीन प्रकार की भस्म कही जाती है। श्रुति की विधि से यज्ञ किया हो वह भस्म श्रौत है, स्मृति की विधि से यज्ञ किया हो वह स्मार्त भस्म है तथा कण्डे को जलाकर भस्म तैयार की हो तो वह लौकिक भस्म कही जाती है। विरजा हवन की भस्म सर्वोत्कृष्ट मानी है। इसके अलावा हवन कुंड में पीपल, पाखड़, रसाला, बेलपत्र, केला व गऊ के गोबर को भस्म (जलाना) करते हैं। आयुर्वेद में कई तरह की भस्म का उल्लेख किया गया है। जैसे जड़ी-बूटियों या स्वर्ण, रजत, शंख, हीरक, मुक्ताशुक्ति गोदंती, अभ्रक आदि कई तरह की भस्म होती है। उक्त भस्म को खाने से लाभ मिलता है। भस्म की हुई सामग्री की राख को कपड़े से छानकर कच्चे दूध में इसका लड्डू बनाया जाता है। इसे सात बार अग्नि में तपाया और फिर कच्चे दूध से बुझाया जाता है। इस तरह से तैयार भस्मी को समय-समय पर लगाया जाता है। यही भस्मी नागा साधुओं का वस्त्र होता है।
माथे पर लगाई जाने वाली भस्म मूलत: चावल की भूसी से तैयार होती है जिसे दक्षिण भारत के लोग उपयोग करते हैं। दूसरी गोबर और कुछ अन्य मिश्रण से तैयार भस्म को उत्तर भारत के लोग उपयोग में लाते हैं। तीसरी गुग्गल, लकड़ी आदि की भस्म भी होती है। इसके अलावा श्मशान भूमि की भस्म का उपयोग शैवपंथी लोग करते हैं।
भस्म लगाने के लाभ
1. कहते हैं कि भस्म का स्नान करने के कई चमत्कारिक फायदे हैं। नवनाथ पंथ में कहते हैं कि उलटन्त बिभूत पलटन्त काया। अर्थात यह भभूत काया को शुद्ध तथा तेजस्वी बनाती है।
2. चढ़ी भभूत घट हुआ निर्मल। अर्थात भभूत मन की मलिनता को हटाकर मन को निर्मल तथा पवित्र करती है।
3. नागा साधु अपने पूरे शरीर पर भस्म लगाते हैं। कहते हैं कि यह भस्म उनके शरीर की कीटाणुओं से तो रक्षा करता ही है तथा सब रोम कूपों को ढंककर ठंड और गर्मी से भी राहत दिलाती है। रोम कूपों के ढंक जाने से शरीर की गर्मी बाहर नहीं निकल पाती इससे शीत का अहसास नहीं होता और गर्मी में शरीर की नमी बाहर नहीं होती। इससे गर्मी से रक्षा होती है।
4. मच्छर, खटमल आदि जीव भी भस्म रमे शरीर से दूर रहते हैं। नागा साधु अपने पूरे शरीर पर भभूत मले, निर्वस्त्र रहते हैं।
5. कई बार आपने सुना होगा कि किसी बाबा ने भभूत खिलाकर रोगी को ठीक कर दिया या फलां जगह मंदिर आश्रम आदि की भभूत खाकर लोग चमत्कारिक रूप से ठीक हो गए।
6. दरअसल, आयुर्वेद में कई तरह की भस्म का उल्लेख किया गया है। जैसे जड़ी-बूटियों या स्वर्ण, रजत, शंख, हीरक, मुक्ताशुक्ति गोदंती, अभ्रक आदि कई तरह की भस्म होती है। उक्त भस्म को खाने से लाभ मिलता है, क्योंकि यह विश्वसनीय होती है।
7. यज्ञ या हवन की सामग्री से बनी भभूत को भी कई तरह के रोग का नाशक माना गया है, लेकिन इस तरह की भभूत खाने से पहले यह जानना जरूरी है कि वह विश्वसनीय स्थान की है या नहीं।
8. माथे पर विभूति लगाने से आपके भीतर की नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और आज्ञाचक्र सक्रिय होता है। इससे मानसिक रूप से शांति मिलती है और विचार शुद्ध होते हैं। गले में लगाने से विशुद्ध चक्र जागृत होता है। छाती के मध्य में लगाने से अनाहत चक्र जागृत होता है। उपरोक्त बिंदुओं पर भभूति लगाने से विवेक जागृत होता।
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✴️ 🕉️आज का राशिफल🕉️ ✴️
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मेष-(चू चे चो ला ली लू ले लो अ)
आज दूसरों के साथ ख़ुशी बांटने से सेहत और खिलेगी। जिन लोगों नेे अतीत में अपना धन निवेश किया था आज उस धन से लाभ होने की संभावना बन रही है। घर के किसी सदस्य के व्यवहार की वजह से आप परेशान रह सकते हैं। आपको उनसे बात करने की जरुरत है। व्यक्तिगत मार्गदर्शन आपके रिश्ते में सुधार लाएगा। कामकाज के नज़रिए से आज का दिन वाक़ई सुचारू रूप से चलेगा। जो चीजें आपके लिए आवश्यक नहीं हैं उनपर आज अपना अधिकतर समय आप जाया कर सकते हैं।
वृषभ-(इ उ एओ वा वी वू वे वो)
अभी तक जो धुंध आपके चारों तरफ़ छायी हुई है और आपकी प्रगति को बाधित कर रही है, उससे बाहर निकलने का समय है। जेवर और एंटीक में निवेश फ़ायदेमंद रहेगा और समृद्धि लेकर आएगा। नाती-पोतों से आज काफ़ी ख़ुशी मिल सकती है। विवाह-प्रस्ताव के लिए सही समय है, क्योंकि आपका प्यार जीवन भर के साथ में बदल सकता है। आज आपके पास अपनी धनार्जन की क्षमता को बढ़ाने के लिए ताक़त और समझ दोनों ही होंगे। आज आप सब कामों को छोड़कर उन कामों को करना पसंद करेंगे जिन्हें आप बचपन के दिनों में करना पसंद करते थे। जीवनसाथी के साथ आज की शाम वाक़ई कुछ ख़ास होने वाली है।
मिथुन- (क की कू घ ङ छ के को ह)
आज आप सकारात्मक विचारों को ही दिमाग़ में आने दें। आप जीवन में पैसे की अहमियत को नहीं समझते लेकिन आज आपको पैसे की अहमियत समझ में आ सकती है क्योंकि आज आपको पैसे की बहुत आवश्यकता होगी लेकिन आपके पास पर्याप्त धन नहीं होगा। ऐसा कोई जिसके साथ आप रहते हैं, आज आपके किसी काम की वजह से बहुत झुंझलाहट महसूस करेगा। काम की अधिकता के बावजूद भी आज कार्यक्षेत्र में आपमें ऊर्जा देखी जा सकती है। आज आप दिये गये काम को तय समय से पहले ही पूरा कर सकते हैं। आपका व्यक्तित्व ऐसा है कि ज्यादा लोगों से मिलकर आप परेशान हो जाते हैं और फिर अपने लिए वक्त निकालने की कोशिश करने लग जाते हैं। इस लिहाज से आज का दिन आपके लिए बहुत अच्छा रहने वाला है। आज आपको अपने लिए पर्याप्त समय मिलेगा। अगर आप वैवाहिक तौर पर लंबे समय से कुछ नाख़ुश हैं, तो आज के दिन आप हालात बेहतर होते हुए महसूस कर सकते हैं।
कर्क- (ही हू हे हो डा डी डू डे डो)
आज जब भी आप कोई फ़ैसला लें, तो दूसरों की भावनाओं का ख़ास ख़याल रखें। आपका कोई भी ग़लत निर्णय न केवल उनपर ख़राब असर डालेगा, बल्कि आपको भी मानसिक तनाव देगा। अपने धन का संचय कैसे करना है यह हुनर आज आप सीख सकते हैं और इस हुनर को सीख कर आप अपना धन बचा सकते हैं। घरेलू मामलों पर तुरंत ध्यान देने की ज़रूरत है। आपकी ओर से की गयी लापरावाही महंगी साबित हो सकती है। प्रेम के दृष्टिकोण से आपके लिए यह दिन विशेष रहने वाला है। नयी साझीदारी आज के दिन फलदायी रहेगी। ऐसे लोगों से जुड़ने से बचें जो आपकी प्रतिष्ठा को आघात पहुँचा सकते हैं।
सिंह- (मा मी मू मे मो टा टी टू टे)
आज अध्यात्म की सहायता लेने का सही समय है, क्योंकि मानसिक तनाव को मार भगाने के लिए यह सबसे बेहतरीन विकल्प है। ध्यान और योग आपकी मानसिक मज़बूती को बढ़ाने में कारगर रहेंगे। माता-पिता की मदद से आप आर्थिक तंगी से बाहर निकलने में सफल रहेंगे। जीवनसाथी आपका ख़याल रखेगा। प्रेम भगवान की पूजा की ही तरह पवित्र है। यह आपको सच्चे अर्थों में धर्म व आध्यात्मिकता की ओर भी ले जा सकता है। आपके साझीदार आपकी नई योजनाओं और विचारों का समर्थन करेंगे। दिन को कैसे अच्छा बनाया जाए इसके लिए आपको अपने लिए भी समय निकालना सीखना होगा। एक बढ़िया जीवनसाथी के साथ जीवन वाक़ई अद्भुत लगता है और आज आप इस बात का अनुभव कर सकते हैं।
कन्या- (टो प पी पू ष ण ठ पे पो)
आज दूसरों के लिए ख़राब नीयत रखना मानसिक तनाव को जन्म दे सकता है। इस तरह के विचारों से बचें, क्योंकि ये समय की बर्बादी करते हैं और आपकी क्षमताओं को ख़त्म करते हैं। अतिरिक्त आय के लिए अपने सृजनात्मक विचारों का सहारा लें। अगर आप अपने आकर्षण और होशियारी का उपयोग करें, तो लोगों से मनचाहा व्यवहार पा सकते हैं। हर रोज़ प्रेम में पड़ने की अपनी आदत को बदलिए। आज के दिन कार्यालय का माहौल बढ़िया बना रहेगा। वक्त पर चलने के साथ-साथ अपनों को वक्त देना भी आवश्यक है। यह बात आज आप समझेंगे लेकिन इसके बावजूद भी आप अपने घरवालों को पर्याप्त समय नहीं दे पाएंगे। अगर आप जीवनसाथी के अलावा किसी और को अपने ऊपर असर डालने का मौक़ा दे रहे हैं, तो जीवनसाथी की ओर से आपको नकारात्मक प्रतिक्रिया मिलना संभव है।
तुला- (रा री रू रे रो ता ती तू ते)
आज एक भरे-पूरे और संतुष्ट जीवन के लिए अपनी मानसिक दृढ़ता में वृद्धि कीजिए। लम्बे समय से अटके मुआवज़े और कर्ज़ आदि आख़िरकार आपको मिल जाएंगे। पढ़ाई-लिखाई में कम रुचि के चलते बच्चे आपको थोड़ा निराश कर सकते हैं। सच्चे और पवित्र प्रेम का अनुभव करें। जो लोग प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें दिमाग़ शांत रखने की ज़रूरत है। परीक्षा की घबराहट को हावी न होने दें। आपका प्रयास सकारात्मक परिणाम ज़रूर देगा। दूसरों को राज़ी करने की आपकी प्रतिभा आपको काफ़ी फ़ायदा पहुँचाएगी। संभव है कि आपके माता-पिता आपके जीवनसाथी को कुछ शानदार आशीर्वाद दें, जिसके चलते आपके वैवाहिक जीवन में और निखार आएगा।
वृश्चिक- (तो ना नी नू ने नो या यी यू)
आज का क्षणिक ग़ुस्सा विवाद और दुर्भावना की वजह बन सकता है। जिन व्यापारियों के संबंध विदेशों से हैं उन्हें आज धन हानि होने की संभावना है इसलिए आज के दिन सोच समझकर चलें। ऐसे कामों में सहभागिता करने के लिए अच्छा समय है, जिसमें युवा लोग जुड़े हों। प्रेम का आह्लाद महसूस करने के लिए आप किसी नए व्यक्ति से मिल सकते हैं। नई योजनाएँ आकर्षक होंगी और अच्छी आमदनी का ज़रिया साबित होंगी। कोई रोचक मैगजीन या उपन्यास पढ़ के आजके दिन को आप अच्छी तरह से व्यतीत कर सकते हैं। जीवन की सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में आपको अपने जीवनसाथी से पूरा सहयोग मिलेगा।
धनु-ये यो भा भी भू धा फा ढ़ा भे)
आज ख़ुद को उत्साही बनाए रखने के लिए अपनी कल्पनाओं में कोई ख़ूबसूरत और शानदार तस्वीर बनाएँ। आप अच्छा पैसा बना सकते हैं, बशर्ते आप पारंपरिक तौर पर निवेश करें। ग़ैर-ज़रूरी चीज़ों पर रुपये ख़र्च कर आप अपने जीवन-साथी को नाराज़ कर सकते हैं। ऐसे लोगों से साथ जुड़ें जो स्थापित हैं और भविष्य के रुझानों को समझने में आपकी मदद कर सकते हैं। आपका खाली वक्त आज किसी गैरजरुरी काम में खराब हो सकता है। आपका जीवनसाथी वाक़ई आपके लिए फ़रिश्तों की तरह है और आपको आज यह एहसास होगा।
मकर- (भो जा जी खी खू खे खो गा गी)
आज आपका उदार स्वभाव आपके लिए कई ख़ुशनुमा पल लेकर आएगा। कुछ ख़रीदने से पहले उन चीज़ों का उपयोग करें, जो पहले से आपके पास हैं। समस्याओं को दिमाग़ से बाहर खदेड़ दें और घर व दोस्तों के बीच अपनी स्थिति सुधारने के बारे में सोचें। संभव है कि आज आपकी आँखें किसी से चार हो जाएँ- अगर आप अपने सामाजिक दायरे में उठेंगे-बैठेंगे तो। भले ही छोटी-मोटी बाधाओं का सामना करना पड़े, लेकिन कुल मिलाकर यह दिन कई उपलब्धियाँ दे सकता है। उन सहकर्मियों का ख़ास ध्यान रखें, जो उम्मीद के मुताबिक़ चीज़ न मिलने पर जल्दी ही बुरा मान जाते हैं। आज के दिन यात्रा, मनोरंजन और लोगों से मिलना-जुलना होगा। आज आपको महसूस होगा कि जीवनसाथी की ज़िन्दगी में आपकी कितनी अहमियत है।
कुंभ- (गू गे गो सा सी सू से सो द)
आज धार्मिक और आध्यात्मिक रुचि के काम करने के लिए अच्छा दिन है। दीर्घावधि लाभ के नज़रिए से स्टॉक और म्यूचुअल फ़ंड में निवेश करना फ़ायदेमंद रहेगा। एक बेहतरीन शाम के लिए रिश्तेदार/दोस्त घर आ सकते हैं। आप साथ में कहीं घूमने-फिरने जाकर अपने प्रेम-जीवन में नयी ऊर्जा का संचार कर सकते हैं। अगर आप सीधा जवाब नहीं देंगे तो आपके सहयोगी आपसे नाराज़ हो सकते हैं। अगर आप अपनी चीज़ों का ध्यान नहीं रखेंगे, तो उनके खोने या चोरी होने की संभावना है।
मीन- (दी दू थ झ ञ दे दो च ची)
आज आपका प्रबल आत्मविश्वास और आज के दिन का आसान कामकाज मिलकर आपको आराम के लिए काफ़ी वक़्त देंगे। आज धन लाभ होने की संभावना तो बन रही है लेकिन ऐसा हो सकता है कि अपने गुस्सैल स्वभाव के कारण आप पैसा कमाने में सक्षम न हो पाएं। आपकी परेशानी आपके लिए ख़ासी बड़ी हो सकती है, लेकिन आस-पास के लोग आपके दर्द को नहीं समझेंगे। शायद उन्हें लगता हो कि इससे उन्हें कोई लेना-देना नहीं है। मतभेद के चलते व्यक्तिगत संबंधों में दरार पड़ सकती है। अगर आप कार्यक्षेत्र में बेहतर करना चाहते हैं तो अपने काम में आधुनिकता लाने की कोशिश करें। इसके साथ ही नई तकनीक से अपडेटेड रहें। आज आप व्यस्त दिनचर्या के बावजूद भी अपने लिए समय निकाल पाने में समर्थ होंगे और इस खाली समय में अपने परिवार वालों के साथ बातचीत कर सकते हैं। जीवनसाथी की ओर से जानबूझ कर भावनात्मक चोट मिल सकती है, जिसके चलते आप उदास हो सकते हैं।
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