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21 मार्च 2025 शुक्रवार, शीतला सप्तमी की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ देखें आज का पंचांग व राशिफल और जानें कुछ खास बातें पंडित नरेश सारस्वत रिड़ी के साथ।

सत्यार्थ न्यूज श्रीडूंगरगढ़-सवांददाता नरसीराम शर्मा

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है। शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है। पंचांग में सूर्योदय सूर्यास्त, चद्रोदय-चन्द्रास्त काल, तिथि, नक्षत्र, मुहूर्त योगकाल, करण, सूर्य-चंद्र के राशि, चौघड़िया मुहूर्त दिए गए हैं।

🙏जय श्री गणेशाय नमः 🙏

🙏जय श्री कृष्णा🙏

🕉️आज का पंचांग -21.03.2025🕉️

✴️ दैनिक गोचर राशिफल सहित✴️

🕉️ शुभ शुक्रवार – 🌞 – शुभ प्रभात् 🕉️
74-30💥मध्यमान💥75-30

(केतकी चित्रापक्षीय गणितानुसारेण निर्मितम्)
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___आज विशेष__

विभिन्न प्रकार के शकुन से मिलने वाले कुछ
संकेत प्रस्तुत है एक विश्लेषित जानकारी
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___दैनिक पंचांग विवरण__
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आज दिनांक……………..21.03.2025
कलियुग संवत्………………….5126
विक्रम संवत्…………………. 2081
शक संवत्……………………1946
संवत्सर…………………..श्री कालयुक्त
अयन………………………..उत्तर
गोल………………………उत्तर
ऋतु…………………… …बसंत
मास…………………….. . चैत्र
पक्ष……………………….. कृष्ण
तिथि……सप्तमी. रात्रि. 4.44* तक / अष्टमी
वार………………………. शुक्रवार
नक्षत्र………..ज्येष्ठा. रात्रि. 1.46* तक / मूल
चंद्रराशि….. .वृश्चिक. रात्रि. 1.46* तक / धनु
योग…….सिद्धि. सायं. 6.40 तक / व्यतिपात्
करण………….विष्टि(भद्रा) अपरा. 3.39 तक
करण………..बव. रात्रि. 4.44* तक / बालव
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नोट-जिस रात्रि समय के ऊपर(*) लगा हुआ हो वह समय अर्द्ध रात्रि के बाद सूर्योदय तक का है।
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विभिन्न नगरों के सूर्योदय में समयांतर मिनट

दिल्ली -10 मिनट———जोधपुर +6 मिनट
जयपुर -5 मिनट——अहमदाबाद +8 मिनट
कोटा – 5 मिनट————-मुंबई +7 मिनट
लखनऊ – 25 मिनट——बीकानेर +5 मिनट
कोलकाता -54 मिनट–जैसलमेर +15 मिनट
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सूर्योंदयास्त दिनमानादि-अन्य आवश्यक सूचना
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सूर्योदय………………. प्रातः 6.35.35 पर
सूर्यास्त……………… सायं. 6.41.50 पर
दिनमान-घं.मि.से…………….12.06.14
रात्रिमान-घं.मि.से…………… 11.52.42
चंद्रास्त………………..10.36.18 AM पर
चंद्रोदय………………..1.05.10 AM पर
राहुकाल.पूर्वा.11.08 से 12.39 तक(अशुभ)
यमघंट….अपरा. 3.40 से 5.11 तक(अशुभ)
गुलिक…………प्रातः 8.06 से से 9.37 तक
अभिजित……….मध्या.12.15 से 1.03 तक
पंचक…………………..आज नहीं है
शुभ हवन मुहूर्त……………..आज नहीं है
दिशाशूल……………….. पश्चिम दिशा
दोष परिहार…….. जौ का सेवन कर यात्रा करें
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🌄विशिष्ट काल-मुहूर्त-वेला परिचय🌄

अभिजित् मुहुर्त – दिनार्द्ध से एक घटी पहले और एक घटी बाद का समय अभिजित मुहूर्त कहलाता है,पर बुधवार को यह शुभ नहीं होता.
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ब्रह्म मुहूर्त – सूर्योदय से पहले का 1.30 घंटे का समय ब्रह्म मुहूर्त कहलाता है..
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प्रदोष काल – सूर्यास्त के पहले 45 मिनट और
बाद का 45 मिनट प्रदोष माना जाता है…
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गौधूलिक काल- सूर्यास्त से 12 मिनट पहले एवं
12 मिनट बाद का समय कहलाता है।
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🌄✴️भद्रा वास शुभाशुभ विचार✴️🌄
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भद्रा मेष, वृष, मिथुन, वृश्चिक के चंद्रमा में स्वर्ग में व कन्या, तुला, धनु, मकर के चंद्रमा में पाताल लोक में और कुंभ, मीन, कर्क, सिंह के चंद्रमा में मृत्युलोक में मानी जाती है यहां स्वर्ग और पाताल लोक की भद्रा शुभ मानी जाती हैं और मृत्युलोक की भद्रा काल में शुभ कार्य वर्जित होते हैं इसी तरह भद्रा फल विचार करें..
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दैनिक सूर्योदय कालीन लग्न एवं ग्रह स्पष्ट 
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लग्न ………मीन 5°59′ उत्तरभाद्रपद 1 दू
सूर्य ……….मीन 6°27′ उत्तरभाद्रपद 1 दू
चन्द्र ……….. वृश्चिक 20°15′ ज्येष्ठा 2 या
बुध *^ .. मीन 13°15′ उत्तरभाद्रपद 3 झ
शुक्र *^ …..मीन 9°44′ उत्तरभाद्रपद 2 थ
मंगल ……..मिथुन 26°13′ पुनर्वसु 2 को
बृहस्पति ……वृषभ 20°11′ रोहिणी 4 वु
शनि ^ ……कुम्भ 29°2′ पूर्वभाद्रपद 3 दा
राहू * ……..मीन 3°11′ पूर्वभाद्रपद 4 दी
केतु * ..कन्या 3°11′ उत्तर फाल्गुनी 2 टो
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✴️🌄दैनिक लग्न समय सारिणी 🌄✴️
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लग्न राशि ***********प्रारंभ – समाप्ति
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मीन ………………06:36 – 07:47
मेष ……………..07:47 – 09:25
वृषभ ……………..09:25 – 11:22
मिथुन ……………..11:22 – 13:36
कर्क ……………….13:36 -15:54
सिंह ………………15:54 – 18:08
कन्या ……………..18:08 – 20:21
तुला ………………20:21 – 22:38
वृश्चिक ……………. 22:38 – 24:54*
धनु …………….. 24:54* – 26:59*
मकर ………….. 26:59* – 28:44*
कुम्भ………………. 28:44* – 30:15*
मीन ……………..30:15* – 30:35*
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जहां समय के आगे (*) लगा है वह समय
अर्द्ध रात्रि उपरांत के समय का सूचक है।
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✴️🌄दिन का चौघड़िया🌄✴️
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चंचल…………….. प्रातः 6.36 से 8.06 तक
लाभ…………….. .प्रातः 8.06 से 9.37 तक
अमृत…………….प्रातः 9.37 से 11.08 तक
शुभ…………….अपरा. 12.39 से 2.10 तक
चंचल…………….. सायं. 5.11 से 6.42 तक
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✴️🌄रात्रि का चौघड़िया🌄✴️
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लाभ………..रात्रि. 9.40 से 11.09 तक
शुभ…..रात्रि. 12.38 AM से 2.07 AM तक
अमृत…..रात्रि. 2.07 AM से 3.36 AM तक
चंचल…..रात्रि. 3.36 AM से 5.05 AM तक
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(विशेष – ज्योतिष शास्त्र में एक शुभ योग और एक अशुभ योग जब भी साथ साथ आते हैं तो शुभ योग की स्वीकार्यता मानी गई है )
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🌞🕉️शुभ शिववास की तिथियां🕉️🌞
शुक्ल पक्ष-2—–5—–6— 9—–12—-13
कृष्ण पक्ष-1—4—-5—-8—11—12—30
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दिन नक्षत्र एवं चरणाक्षर संबंधी संपूर्ण विवरण

संदर्भ विशेष –यदि किसी बालक का जन्म गंड नक्षत्रों (रेवती, अश्विनी, अश्लेषा,मघा,ज्येष्ठा और मूल) में होता है तो सविधि नक्षत्र शांति की आवश्यक मानी गयी है और करवाना चाहिये।

आज जन्मे बालकों का नक्षत्र के चरण अनुसार राशिगत् नामाक्षर
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समय-नक्षत्र नाम-नक्षत्र चरण-चरणाक्षर
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12.42 PM तक—-ज्येष्ठा—-2——या
07.14 PM तक—-ज्येष्ठा—-3——यी
01.46 AM तक—-ज्येष्ठा—-4——-यू

________राशि वृश्चिक – पाया ताम्र______
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उपरांत रात्रि तक——मूल—-1——-ये

________राशि धनु – पाया ताम्र_______
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_____आज का दिन_____
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व्रत विशेष……………..नहीं है।
अन्य व्रत…………….. नहीं है।
पर्व विशेष……….. शीतला सप्तमी (बासोड़ा)
दिन विशेष…………….. विश्व वानिकी दिवस
दिन विशेष……………… विश्व कविता दिवस
दिन विशेष………..विश्व डाउन सिंड्रोम दिवस
पंचक………………… आज नहीं है।
विष्टि(भद्रा)……………अपरा. 3.39 तक
खगोल विशेष…………….. आज नहीं है
सर्वा.सि.योग……………..आज नहीं है
अमृ.सि.योग……………. आज नहीं है
सिद्ध रवियोग……. उदयात् रात्रि. 1.46* तक
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अगले दिन की प्रतीकात्मक जानकारी
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दिनांक………………22.03.2025
तिथि…………….चैत्र कृष्णा अष्टमी शनिवार
व्रत विशेष…………………. नहीं है।
अन्य व्रत……………………नहीं है।
पर्व विशेष………………..शीतलाष्टमी
दिन विशेष….केसरिया जी मेला मेवाड़ प्रारंभ
दिन विशेष…………. विश्व जल दिवसं
पंचक……………….. आज नहीं है।
विष्टि(भद्रा)…………….. आज नहीं है।
खगोल विशेष…………….. आज नहीं है।
सर्वा.सि.योग…………….. आज नहीं है।
अमृ.सि.योग……………. आज नहीं है।
सिद्ध रवियोग…………… आज नहीं है।
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✴️आज की विशेष प्रस्तुति✴️
💥धर्म ज्योतिष आध्यात्म वास्तु राशिफल 💥
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विभिन्न प्रकार के शकुन से मिलने वाले कुछ संकेत प्रस्तुत है एक विश्लेषित जानकारी

यदि घर में बिल्ली प्रसव करती है तो यह शुभ संकेत है कि जल्दी ही धन संपदा की प्राप्ति होगी, ऐसे कई संकेत प्रकृति हमारे सामने नित्य रखती है, परंतु हम समझ नहीं पाते हैं। यह कुदरत का नियम है कि जो भी शुभ या अशुभ होना है, उसकी पूर्व सूचना मनुष्य को ऐसे ही संकेतों से मिलती है। हमारे ऋषि-मुनि चिंतक और आत्मदर्शी थे और वे मानव जीवन की, प्रकृति परिवर्तन की, पशु-पक्षियों के व्यवहार, बोली अथवा बार-बार होने वाली घटनाओं का अत्यंत सूक्ष्म दृष्टि से विश्लेषण किया करते थे। बृहत् संहिता में एक सम्पूर्ण अध्याय इसी विषय पर लिखा गया है।

1.घर के दरवाजे के अंदर आकर अचानक गाय रम्भाना शुरू कर दें तो, यह संकेत सुख सौभाग्य का सूचक है।

2.बंदर यदि आपके घर के आँगन में आम की गुठली कहीं से लाकर डाल दे तो यह संकेत आपके व्यापार में लाभ होने का सूचक होता है।

3.सुबह-सुबह यदि कौआ आपके घर के मुख्य द्वार के पास बोलता है तो समझ लीजिए कि आज आपका कोई प्रिय आने वाला है। यदि दोपहर को बोलता है तो कोई पत्र या अतिथि आपसे मिलने आएगा।

4.घर के दक्षिण दिशा में तीतर यदि आवाज करता है तो अचानक सुख, सौभाग्य और धन प्राप्ति का योग बनता है।

5.यदि आपके घर में कोई भी पक्षी चांदी का टुकड़ा या चांदी की अन्य चीज ला कर डाल देता है तो आपको कहीं से अचानक लक्ष्मी की प्राप्ति होगी।

6.यदि आपके घर की मुंडेर या चहारदीवारी पर कोयल या सोन चिड़िया बैठकर मधुर स्वर करती है तो घर के स्वामी का भाग्योदय होता है तथा सुखी जीवन का प्रतीक है।

7.घर की छत या दीवार पर काली चींटियों का घूमना या रेंगना घर की उन्नति के लिए शुभ संकेत माना जाता है ।

8.यदि हाथी आ कर आपके घर के मुख्य द्वार के सामने अचानक अपनी सूंड़ उठा कर जोर से स्वर करता है तो विवाद में आपकी जीत होती है और मुकद्दमा आपके पक्ष में होता चला जायगा.

9.सफेद कमेड़ी यदि आपके घर की किसी भी दीवार पर बैठ कर आवाज करती है तो यह संकेत आपकी व्यापार वृद्धि में अत्यंत सहायक सिद्ध होगा।

10.घर में बिल्ली यदि छत या किसी कमरें में अपना प्रसव करती है तो समझ लीजिए कि धन संपदा की वृद्धि होने वाली है।

11.यदि आप किसी कार्य से जा रहे हैं तो आपके सामने सुहागन स्त्री अथवा गाय आ जाए तो कार्य में सफलता मिलती है।

12.जाते समय आप कपड़े पहन रहे हैं और जेब से पैसे गिरें तो धन प्राप्ति का संकेत है। कपड़े उतारते समय भी ऐसा हो तो शुभ होता है।

13.यदि आपके यहाँ सोकर उठते ही कोई भिखारी माँगने आ जाए तो ये समझना चाहिए आपके द्वारा दिया गया पैसा (उधार) बिना माँगे वापस आ जाएगा।

14.आप सोकर उठे हों उसी समय नेवला आपको दिख जाए तो गुप्त धन मिलने की संभावना रहती है।

15.आप किसी कार्य से जा रहे हों, तब आपके सामने कोई भी व्यक्ति गुड़ ले जाता हुआ दिखे तो आशा से अधिक लाभ होता है।

16.लड़की के लिए आप वर तलाश करने जा रहे हों तब घर से निकलते समय चार कुँवारी लड़कियाँ बातचीत करते मिल जाएँ तो शुभ योग होता है।

17.यदि शरीर पर चिड़िया गंदगी कर दे तो आपको समझना चाहिए आपकी दरिद्रता दूर होने वाली है। ये शुभ शकुन हैं।
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✴️ 🕉️आज का राशिफल🕉️ ✴️
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मेष-(चू चे चो ला ली लू ले लो अ)

आज आप दूसरों की सफलता को सराहकर उसका लाभ ले सकते हैं। यह बात भली भांति समझ लें कि दुख की घड़ी में आपका संचित धन ही आपके काम आएगा इसलिए आज के दिन अपने धन का संचय करने का विचार बनाएं। दोस्त शाम के लिए कोई बढ़िया योजना बनाकर आपका दिन ख़ुशनुमा कर देंगे। आज आपको प्यार का जवाब प्यार और रोमांस से मिलेगा। दफ़्तर में कोई आपकी योजनाओं में अड़ंगा लगा सकता है- इसलिए आँखें खोलकर रखिए और अपने चारों तरफ़ हो रही गतिविधियों के प्रति सजग रहिए। आपका कम्यूनिकेशन और काम करने की क्षमता असरदार सिद्ध होंगे। वैवाहिक जीवन के लिए विशेष दिन है। अपने जीवनसाथी को बताएँ कि आप उनसे कितना प्यार करते हैं।

वृषभ-(इ उ एओ वा वी वू वे वो)

आज अपने कार्यक्षेत्र में वरिष्ठों का दबाव और घर में अनबन के चलते आपको तनाव का सामना करना पड़ सकता है- जो काम में आपकी एकाग्रता को भंग करेगा। कार्यक्षेत्र में या करोबार में आपकी कोई लापरवाही आज आपको आर्थिक नुक्सान करा सकती है। नयी चीज़ों पर ध्यान लगाएँ और अपने सबसे अच्छे दोस्त की मदद लें। आज काम में आपकी दक्षता की परीक्षा होगी। इच्छित परिणाम देने के लिए आपको अपनी कोशिशों पर एकाग्रता बनाए रखने की ज़रूरत है। दिन की शुरुआत भले ही थोड़ी थकाऊ रहे लेकिन जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ेगा आपको अच्छे फल मिलने लगेंगे। दिन के अंत में आपको अपने लिए समय मिल पाएगा और आप किसी करीबी से मुलाकात करके इस समय का सदुपयोग कर सकते हैं।

मिथुन- (क की कू घ ङ छ के को ह)

आज आप चौकन्ने रहें, क्योंकि कोई आपको बलि का बकरा बना सकता है। तनाव और चिंता में वृद्धि संभव है। आपको कमीशन, लाभांश या रोयल्टी के ज़रिए फ़ायदा होगा। रिश्तेदारों से सहयोग मिलेगा और दिमाग़ी बोझ से छुटकारा मिलेगा। आज प्यार के नज़रिए से दिन काफ़ी विवादास्पद रहेगा। अगर आप कई दिनों से कामकाज में दिक़्क़त महसूस कर रहे हैं, तो आज के दिन आपको राहत महसूस हो सकती है। खाली समय में आप कोई खेल आज के दिन खेल सकते हैं लेकिन इस दौरान किसी तरह की दुर्घटना होने की भी संभावना है इसलिए संभलकर रहें। अपने जीवनसाथी के किसी छोटी बात को लेकर बोेले गए झूठ से आप आहत महसूस कर सकते हैं।

कर्क- (ही हू हे हो डा डी डू डे डो)

आज ऊर्जा के अपने ऊँचे स्तर को आज अच्छे काम में लगाएँ। धन से जुड़ा कोई मसला आज हल हो सकता है और आपको धन लाभ हो सकता है। नाती-पोतों से आज काफ़ी ख़ुशी मिल सकती है। रोमांटिक मनोभावों में अचानक आया बदलाव आपको काफ़ी खिन्न कर सकता है। कार्यक्षेत्र में दिल लगाने से बचें नहीं तो आपकी बदनामी हो सकती है। यदि आप किसी से जुड़ना भी चाहते हैं तो ऑफिस से दूरी बनाकर ही उनसे बात करें। आज घर में किसी पार्टी की वजह से आपका कीमती समय बर्बाद हो सकता है।

सिंह- (मा मी मू मे मो टा टी टू टे)

आज आप अपना धन धार्मिक कार्यों में लगा सकते हैं जिससे आपको मानसिक शांति मिलने की पूरी संभावना है। अपने जीवन-साथी के साथ अपनी गोपनीय जानकारी बांटने से पहले सोच लें। अगर संभव हो तो इससे बचें, क्योंकि इन बातों के बाहर फैलने का ख़तरा है। आज के दिन अपने प्रिय से कोई तल्ख़ बात न कहें। मशहूर लोगों से मेलजोल आपको नई योजनाएँ सुझाएगा। आज आप नए विचारों से परिपूर्ण रहेंगे और आप जिन कामों को करने के लिए चुनेंगे, वे आपको उम्मीद से ज़्यादा फ़ायदा देंगे। वैवाहिक जीवन में कठिन दौर से गुज़रने के बाद आपको अब कुछ राहत का एहसास होगा।

कन्या- (टो प पी पू ष ण ठ पे पो)

आज आपमें से कुछ लोगों को महत्वपूर्ण फ़ैसला लेने के लिए बाध्य होना पड़ सकता है, जिससे आप तनावग्रस्त और चिंतित हो सकते हैं। धन से जुड़ा कोई मसला आज हल हो सकता है और आपको धन लाभ हो सकता है। एक-दूसरे का नज़रिया समझकर व्यक्तिगत समस्याएँ सुलझाएँ। इसे औरों के सामने न लाएँ, नहीं तो बदनामी हो सकती है। थोड़ी कोशिश और करें। आज भाग्य आपका साथ ज़रूर देगा, क्योंकि यह आपका दिन है। कुछ सहकर्मी कई अहम मुद्दों पर आपकी कार्यशैली से नाख़ुश होंगे, लेकिन यह वे आपको बताएंगे नहीं। अगर आपको लगता है कि परिणाम आपकी उम्मीद के मुताबिक़ नहीं आ रहे हैं, तो अपनी योजनाओं का फिर से विश्लेषण कर उनमें सुधार लाना बेहतर रहेगा। कर्म-काण्ड/हवन/पूजा-पाठ आदि का आयोजन घर मे हो सकता है।

तुला- (रा री रू रे रो ता ती तू ते)

आज आपका तेज़ी से काम करना आपको प्रेरित करेगा। सफलता हासिल करने के लिए समय के साथ अपने विचारों में बदलाव लाएँ। इससे आपका दृष्टिकोण व्यापक होगा, समझ का दायरा बढ़ेगा, व्यक्तित्व में निखार आएगा और दिमाग़ विकसित होगा। आज आप अपने घर केे सदस्यों को कहीं घुमाने ले जा सकते हैं और आपका काफी धन खर्च हो सकता है। बच्चे आपको अपनी उपलब्धियों से गर्व का अनुभव कराएंगे। आपकी मुस्कुराहट आपके प्रिय की नाराज़गी दूर करने के लिए सबसे अच्छी दवा है। अगर आप व्यवसाय में किसी नये भागीदार को जोड़ने पर विचार कर रहे हैं, तो यह ज़रूरी होगा कि उससे कोई भी वादा करने से पहले आप सभी तथ्य अच्छी तरह जाँच लें। जो चीजें आपके लिए आवश्यक नहीं हैं उनपर आज अपना अधिकतर समय आप जाया कर सकते हैं। अगर आप वैवाहिक तौर पर लंबे समय से कुछ नाख़ुश हैं, तो आज के दिन आप हालात बेहतर होते हुए महसूस कर सकते हैं।

वृश्चिक- (तो ना नी नू ने नो या यी यू)

अभी तक जो समस्याएँ आपको परेशान कर रही हैं, उन्हें हल करने के लिए होशियारी, चतुरता और कूटनीति के दाव-पेंचों की ज़रूरत है। आज आपका सामना कई नई आर्थिक योजनाओं से होगा- कोई भी फ़ैसला करने से पहले अच्छाईयों और कमियों पर सावधानी से ग़ौर करें। रिश्तेदारों के यहाँ छोटी यात्रा आपके भागदौड़ भरे दिन में आराम और सुकून देने वाली साबित होगी। प्रेम भगवान की पूजा की ही तरह पवित्र है। यह आपको सच्चे अर्थों में धर्म व आध्यात्मिकता की ओर भी ले जा सकता है। आपके पास आज अपनी क्षमताओं को दिखाने के मौक़े होंगे। आपका संंगी आपसे सिर्फ कुछ समय चाहता है लेकिन आप उनको समय नहीं दे पाते जिससे वो खिन्न हो जाते हैं। आज उनकी यह खिन्नता स्पष्टता के साथ सामने आ सकती है। विवाह के बाद कई बातें ज़रूरत से आगे बढ़कर अनिवार्य हो जाती हैं। आज ऐसी ही कुछ बातें आपको व्यस्त रख सकती हैं।

धनु-ये यो भा भी भू धा फा ढ़ा भे)

आज दूसरों की इच्छाएँ आपकी अपना ख़याल रखने की इच्छा से टकराएगी- अपने जज़्बात को बांधे नहीं और वे काम करें जिससे आपको सुकून मिले। जो लोग अब तक पैसेे को बेवजह खर्च कर रहे थे आज उन्हें समझ आ सकता है कि पैसे की जीवन में क्या अहमियत है क्योंकि आज अचानक आपको पैसे की जरुरत पड़ेगी और आपके पास पर्याप्त धन नहीं होगा। घर को सजाने-संवारने के अलावा बच्चों की ज़रूरतों पर भी ध्यान दें। बच्चों के बिना घर आत्मा के बिना शरीर की तरह है, फिर चाहे वह कितना भी ख़ूबसूरत क्यों न हो। बच्चे घर में उत्साह और ख़ुशीयों की सौगात लाते हैं। अपने प्रिय की ग़ैर-ज़रूरी भावनात्मक मांगों के सामने घुटने न टेकें। अगर आपको एक दिन की छुट्टी पर जाना है तो चिंता न करें, आपकी ग़ैरहाज़िरी में सभी काम ठीक से चलते रहेंगे। और अगर किसी ख़ास वजह से कोई परेशानी खड़ी भी हो जाए, तो आप लौटने पर उसे आसानी से हल कर लेंगे। आज आपका जीवनसाथी आपकी सेहत के प्रति असंवेदनशील हो सकता है।

मकर- (भो जा जी खी खू खे खो गा गी)

आज बहुत ज़्यादा रोमांच और दीवानगी की ऊँचाई आपके तंत्रिका-तंत्र को नुक़सान पहुँचा सकती है। इन दिक़्क़तों से बचने के लिए अपने जज़्बात क़ाबू में रखें। अगर आप सूझ-बूझ से काम लें, तो आज अतिरिक्त धन कमा सकते हैं। ऐसा कोई जिसे आप जानते हैं, आर्थिक मामलों को ज़रूरत से ज़्यादा गंभीरता से लेगा और घर में थोड़ा-बहुत तनाव भी पैदा होगा। हर बात पर प्यार का दिखावा करना ठीक नहीं है इससे आपका रिश्ता सुधरने की जगह बिगड़ सकता है। व्यापारियों के लिए अच्छा दिन है। व्यवसाय के लिए अचानक की गयी कोई यात्रा सकारात्मक परिणाम देगी। आज आप सब कामों को छोड़कर उन कामों को करना पसंद करेंगे जिन्हें आप बचपन के दिनों में करना पसंद करते थे। जीवनसाथी से अच्छी बातचीत हो सकती है।

कुंभ- (गू गे गो सा सी सू से सो द)

आज गर्भवती महिलाओं को चलते-फिरते समय ख़ास ख़याल रखने की ज़रूरत है। अगर संभव हो तो ऐसे लोगों से दूर रहें जो धूम्रपान करते हैं, क्योंकि इससे पैदा होने वाले शिशु को नुक़सान हो सकता है। अगर आप यात्रा पर जाने वाले हैं तो अपने कीमती सामान का ध्यान रखें उसके चोरी होने की संभावना है। खासकर अपने पर्स को आज बहुत संभालकर रखें। शादी लायक़ युवाओं का रिश्ता तय हो सकता है। आप जीतोड़ मेहनत और धीरज के बल पर अपने उद्देश्य हासिल कर सकते हैं। लोगों के साथ बात करने में आज आप अपना बहुमूल्य समय बर्बाद कर सकते हैं। आपको ऐसा करने से बचना चाहिए। छोटे-छोटे मामलों को लेकर हुए आपके आपसी झगड़े आज आपके वैवाहिक जीवन में कटुता को बढ़ा सकते हैं। इसलिए आपको चाहिए कि दूसरों के कहने और बहकावे में न आएं।

मीन- (दी दू थ झ ञ दे दो च ची)

आज जीवन-साथी की सेहत को ठीक तरह से ध्यान दिए जाने और देखभाल की ज़रूरत है। विवाहित दंपत्तियों को आज अपनी संतान की शिक्षा पर अच्छा खासा धन खर्च करना पड़ सकता है। अपने स्वभाव को अस्थिर न होने दें- ख़ासतौर पर अपनी पत्नी/पति के साथ- नहीं तो यह घर की शांति पर असर डाल सकता है। अपने रोमांटिक ख़यालों को हर किसी को बताने से बचें। अगर आप कई दिनों से कामकाज में दिक़्क़त महसूस कर रहे हैं, तो आज के दिन आपको राहत महसूस हो सकती है। आज ऐसे बर्ताव करें जैसे कि आप ‘सुपर-स्टार’ हैं, लेकिन सिर्फ़ उन चीज़ों की ही प्रशंसा करें जो उसके क़ाबिल हैं।
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शीतला सप्तमी आज (बासोड़ा)

माता की कथा यह कथा बहुत पुरानी है।

एक बार शीतला माता ने सोचा कि चलो आज देखु कि धरती पर मेरी पूजा कौन करता है,कौन मुझे मानता है। यही सोचकर शीतला माता धरती पर राजस्थान के डुंगरी गाँव में आई और देखा कि इस गाँव में मेरा मंदिर भी नही है,ना मेरी पुजा है। माता शीतला गाँव कि गलियो में घूम रही थी तभी एक मकान के ऊपर से किसी ने चावल का उबला पानी (मांड) निचे फेका। वह उबलता पानी शीतला माता के ऊपर गिरा जिससे शीतला माता के शरीर में (छाले) फफोले पड गये। शीतला माता के पुरे शरीर में जलन होने लगी शीतला माता गाँव में इधर उधर भाग भाग के चिल्लाने लगी अरे में जल गई,मेरा शरीर तप रहा है,जल रहा हे। कोई मेरी मदद करो। लेकिन उस गाँव में किसी ने शीतला माता कि मदद नही करी। वही अपने घर के बहार एक कुम्हारन (महिला) बेठी थी। उस कुम्हारन ने देखा कि अरे यह बूढी माई तो बहुत जल गई है। इसके पुरे शरीर में तपन है। इसके पुरे शरीर में (छाले) फफोले पड़ गये है। यह तपन सहन नही कर पा रही है। तब उस कुम्हारन ने कहा है माँ तू यहाँ आकार बैठ जा,मैं तेरे शरीर के ऊपर ठंडा पानी डालती हूँ। कुम्हारन ने उस बूढी माई पर खुब ठंडा पानी डाला और बोली है माँ मेरे घर में रात कि बनी हुई राबड़ी रखी है थोड़ा दही भी है। तू दही-राबड़ी खा लें। जब बूढी माई ने ठंडी (जुवार) के आटे कि राबड़ी और दही खाया तो उसके शरीर को ठंडक मिली। तब उस कुम्हारन ने कहा आ माँ बेठ जा तेरे सिर के बाल बिखरे हे ला में तेरी चोटी गुथ देती हु और कुम्हारन माई कि चोटी गूथने हेतु (कंगी) कागसी बालो में करती रही। अचानक कुम्हारन कि नजर उस बुडी माई के सिर के पिछे पड़ी तो कुम्हारन ने देखा कि एक आँख वालो के अंदर छुपी हैं। यह देखकर वह कुम्हारन डर के मारे घबराकर भागने लगी तभी उस बूढी माई ने कहा रुक जा बेटी तु डर मत। मैं कोई भुत प्रेत नही हूँ। मैं शीतला देवी हूँ। मैं तो इस घरती पर देखने आई थी कि मुझे कौन मानता है। कौन मेरी पुजा करता है। इतना कह माता चारभुजा वाली हीरे जवाहरात के आभूषण पहने सिर पर स्वर्णमुकुट धारण किये अपने असली रुप में प्रगट हो गई।
माता के दर्शन कर कुम्हारन सोचने लगी कि अब में गरीब इस माता को कहा बिठाऊ। तब माता बोली है बेटी तु किस सोच मे पड गई। तब उस कुम्हारन ने हाथ जोड़कर आँखो में आसु बहते हुए कहा- है माँ मेरे घर में तो चारो तरफ दरिद्रता है बिखरी हुई हे में आपको कहा बिठाऊ। मेरे घर में ना तो चौकी है,ना बैठने का आसन। तब शीतला माता प्रसन्न होकर उस कुम्हारन के घर पर खड़े हुए गधे पर बैठ कर एक हाथ में झाड़ू दूसरे हाथ में डलिया लेकर उस कुम्हारन के घर कि दरिद्रता को झाड़कर डलिया में भरकर फेक दिया और उस कुम्हारन से कहा है बेटी में तेरी सच्ची भक्ति से प्रसन्न हु अब तुझे जो भी चाहिये मुझसे वरदान मांग ले। कुम्हारन ने हाथ जोड़ कर कहा है माता मेरी इक्छा है अब आप इसी (डुंगरी) गाँव मे स्थापित होकर यही रहो और जिस प्रकार आपने आपने मेरे घर कि दरिद्रता को अपनी झाड़ू से साफ़ कर दूर किया ऐसे ही आपको जो भी होली के बाद कि सप्तमी को भक्ति भाव से पुजा कर आपको ठंडा जल,दही व बासी ठंडा भोजन चढ़ाये उसके घर कि दरिद्रता को साफ़ करना और आपकी पुजा करने वाली नारि जाति (महिला) का अखंड सुहाग रखना। उसकी गोद हमेशा भरी रखना। साथ ही जो पुरुष शीतला सप्तमी को नाई के यहा बाल ना कटवाये धोबी को पकड़े धुलने ना दे और पुरुष भी आप पर ठंडा जल चढ़कर,नरियल फूल चढ़ाकर परिवार सहित ठंडा बासी भोजन करे उसके काम धंधे व्यापार में कभी दरिद्रता ना आये। तब माता बोली तथाअस्तु है बेटी जो तुने वरदान मांगे में सब तुझे देती हूँ। है बेटी तुझे आर्शिवाद देती हूँ कि मेरी पुजा का मुख्य अधिकार इस धरती पर सिर्फ कुम्हार जाति का ही होगा। तभी उसी दिन से डुंगरी गाँव में शीतला माता स्थापित हो गई और उस गाँव का नाम हो गया शील कि डुंगरी। शील कि डुंगरी भारत का एक मात्र मुख्य मंदिर है। शीतला सप्तमी वहाँ बहुत विशाल मेला भरता है। इस कथा को पड़ने से घर कि दरिद्रता का नाश होने के साथ सभी मनोकामना पुरी होती है।🙏🙏

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