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27 फरवरी 2025 गुरुवार आज का पंचांग व राशिफल और जानें कुछ खास बातें पंडित नरेश सारस्वत रिड़ी के साथ

सत्यार्थ न्यूज श्रीडूंगरगढ़-सवांददाता नरसीराम शर्मा

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है। शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है। पंचांग में सूर्योदय सूर्यास्त,चद्रोदय-चन्द्रास्त काल,तिथि,नक्षत्र,मुहूर्त योगकाल,करण,सूर्य-चंद्र के राशि,चौघड़िया मुहूर्त दिए गए हैं।

जय श्री गणेशाय नमः

जय श्री कृष्णा

आज का पंचांग-27.02.2025

✴️ दैनिक गोचर राशिफल सहित✴️

🕉️ शुभ गुरुवार – 🌞 – शुभ प्रभात् 🕉️

74-30💥मध्यमान💥75-30
(केतकी चित्रापक्षीय गणितानुसारेण निर्मितम्)
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____________आज विशेष____________

शिव खप्पर पूजा विधि कथा एवं महत्व सहित
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_________दैनिक पंचांग विवरण________
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आज दिनांक………………….27.02.2025
कलियुग संवत्…………………………5126
विक्रम संवत्………………………….. 2081
शक संवत्……………………………..1946
संवत्सर………………………….श्री कालयुक्त
अयन…………………………………….उत्तर
गोल………………………. …………..दक्षिण
ऋतु……………………………………. बसंत
मास…………………………………..फाल्गुन
पक्ष………………………………………कृष्ण
तिथि..चतुर्दशी. प्रातः 8.55 तक/अमाव(क्षय)
वार…………………………………….गुरुवार
नक्षत्र…धनिष्ठा. अपरा. 3.44 तक / शतभिषा
चंद्रराशि……………… कुंभ. संपूर्ण (अहोरात्र)
योग……….. शिव. रात्रि. 11.40 तक / सिद्ध
करण……………….शकुनि. प्रातः 8.55 तक
करण……… चतुष्पद. रात्रि. 7.37 तक / नाग
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नोट-जिस रात्रि समय के ऊपर(*) लगा हुआ हो
वह समय अर्द्ध रात्रि के बाद सूर्योदय तक का है
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विभिन्न नगरों के सूर्योदय में समयांतर मिनट
दिल्ली -10 मिनट———जोधपुर +6 मिनट
जयपुर -5 मिनट——अहमदाबाद +8 मिनट
कोटा – 5 मिनट————-मुंबई +7 मिनट
लखनऊ – 25 मिनट——बीकानेर +5 मिनट
कोलकाता -54 मिनट–जैसलमेर +15 मिनट
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सूर्योंदयास्त दिनमानादि-अन्य आवश्यक सूची
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सूर्योदय…………………. प्रातः 6.57.28 पर
सूर्यास्त…………………. सायं. 6.31.05 पर
दिनमान-घं.मि.से…………………11.33.36
रात्रिमान-घं.मि.से……………….. 12.25.28
चंद्रास्त…………………… 5.56.32 PM पर
चंद्रोदय……………………7.05.47 AM पर
राहुकाल..अपरा. 2.11 से 3.38 तक(अशुभ)
यमघंट…….प्रातः 6.57 से 8.24 तक(अशुभ)
गुलिक………..प्रातः 9.51 से से 11.18 तक
अभिजित………. मध्या.12.21 से 1.07 तक
पंचक…………………………………. जारी है
शुभ हवन मुहूर्त……………………… आज है
दिशाशूल………………………… दक्षिण दिशा
दोष परिहार……. दही का सेवन कर यात्रा करें
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🌄विशिष्ट काल-मुहूर्त-वेला परिचय🌄

अभिजित् मुहुर्त – दिनार्द्ध से एक घटी पहले और एक घटी बाद का समय अभिजित मुहूर्त कहलाता है,पर बुधवार को यह शुभ नहीं होता.
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ब्रह्म मुहूर्त – सूर्योदय से पहले का 1.30 घंटे का समय ब्रह्म मुहूर्त कहलाता है..
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प्रदोष काल – सूर्यास्त के पहले 45 मिनट और
बाद का 45 मिनट प्रदोष माना जाता है…
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गौधूलिक काल- सूर्यास्त से 12 मिनट पहले एवं
12 मिनट बाद का समय कहलाता है
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🌄✴️भद्रा वास शुभाशुभ विचार✴️🌄
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भद्रा मेष, वृष, मिथुन, वृश्चिक के चंद्रमा में स्वर्ग में व कन्या, तुला, धनु, मकर के चंद्रमा में पाताल लोक में और कुंभ, मीन, कर्क, सिंह के चंद्रमा में मृत्युलोक में मानी जाती है यहां स्वर्ग और पाताल लोक की भद्रा शुभ मानी जाती हैं और मृत्युलोक की भद्रा काल में शुभ कार्य वर्जित होते हैं इसी तरह भद्रा फल विचार करें..

दैनिक सूर्योदय कालीन लग्न एवं ग्रह स्पष्ट
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लग्न ………… कुम्भ 13°45′ शतभिषा 3 सी
सूर्य …………..कुम्भ 14°30′ शतभिषा 3 सी
चन्द्र ………………कुम्भ 1°24′ धनिष्ठा 3 गु
बुध ……….. कुम्भ 28°49′ पूर्वभाद्रपद 3 दा
शुक्र …….. मीन 16°28′ उत्तरभाद्रपद 4 ञ
मंगल ……….. ..मिथुन 22°53′ पुनर्वसु 1 के
बृहस्पति ……… वृषभ 17°53′ रोहिणी 3 वी
शनि ^ ……. कुम्भ 26°19′ पूर्वभाद्रपद 2 सो
राहू * ……….. .मीन 4°21′ उत्तरभाद्रपद 1 दू
केतु * ….. कन्या 4°21′ उत्तर फाल्गुनी 3 पा
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✴️🌄दैनिक लग्न समय सारिणी 🌄✴️
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लग्न——————–प्रारंभ—-समापन
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कुम्भ …………………….06:57 – 07:45
मीन ……………………. 07:45 – 09:14
मेष ………………………09:14 – 10:52
वृषभ …………………….10:52 – 12:49
मिथुन ……………………12:49 – 15:03
कर्क ……………………..15:03 – 17:21
सिंह ……………………..17:21 – 19:35
कन्या …………………….19:35 – 21:48
तुला…………………… .21:48 – 24:04*
वृश्चिक ………………. .24:04* – 26:21*
धनु …………………….26:21* – 28:26*
मकर …………………..28:26* – 30:11*
कुम्भ …………………..30:11* – 30:57*

जहां समय के आगे (*) लगा है वह समय
अर्द्ध रात्रि उपरांत समय का सूचक है।
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✴️🌄दिन का चौघड़िया🌄✴️
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शुभ………………प्रातः 6.57 से 8.24 तक
चंचल…………पूर्वा. 11.18 से 12.44 तक
लाभ………….अपरा. 12.44 से 2.11 तक
अमृत…………..अपरा. 2.11 से 3.38 तक
शुभ………………सायं. 5.04 से 6.31 तक
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✴️🌄रात्रि का चौघड़िया🌄✴️
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अमृत……….सायं-रात्रि. 6.31 से 8.04 तक
चंचल……………..रात्रि. 8.04 से 9.37 तक
लाभ…….रात्रि. 10.44 से 12.17 AM तक
शुभ……रात्रि. 3.50 AM से 5.23 AM तक
अमृत….रात्रि. 5.23 AM से 6.57 AM तक
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(विशेष – ज्योतिष शास्त्र में एक शुभ योग और एक अशुभ योग जब भी साथ साथ आते हैं तो शुभ योग की स्वीकार्यता मानी गई है )
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🌞🕉️शुभ शिववास की तिथियां🕉️🌞
शुक्ल पक्ष-2—–5—–6—- 9——-12—-13.
कृष्ण पक्ष-1—4—-5—-8—11—-12—-30.
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दिन नक्षत्र एवं चरणाक्षर संबंधी संपूर्ण विवरण

संदर्भ विशेष -यदि किसी बालक का जन्म गंड नक्षत्रों (रेवती, अश्विनी, अश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा और मूल) में होता है तो सविधि नक्षत्र शांति की आवश्यक मानी गयी है और करवाना चाहिये..

आज जन्मे बालकों का नक्षत्र के चरण अनुसार राशिगत् नामाक्षर..
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समय-नक्षत्र नाम-नक्षत्र चरण-चरणाक्षर
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10.10 AM तक—-धनिष्ठा—–3——-गू
03.43 PM तक—-धनिष्ठा—–4——-गे
09.14 PM तक–शतभिषा—–1——गो
02.44 AM तक–शतभिषा—–2——सा उपरांत रात्रि तक–शतभिषा—–3——सी

________राशि कुंभ – पाया ताम्र______
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___________आज का दिन___________
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व्रत विशेष……………..श्री शिव खप्पर पूजा
अन्य व्रत………………………………नहीं है
पर्व विशेष………. स्वामी दयानन्द बोधोत्सव
दिन विशेष……………… देवपितृ अमावस्या
दिन विशेष……. विश्व NGO द इग्नोर दिवस
दिन विशेष……………. राष्ट्रीय प्रोटीन दिवस
पंचक……………………………….. .जारी है
विष्टि(भद्रा)……………………. आज नहीं है
खगोल विशेष…. मीने बुध. रात्रि. 11.47 पर
सर्वा.सि.योग…………………… आज नहीं है अमृ.सि.योग…………………….आज नहीं है
सिद्ध रवियोग………………….. आज नहीं है
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अगले दिन की प्रतीकात्मक जानकारी

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दिनांक……………………….28.02.2025
तिथि………फाल्गुन शुक्ला प्रतिपदा शुक्रवार
व्रत विशेष…………………………….. नहीं है
अन्य व्रत…………………………….. . नहीं है
पर्व विशेष………………………………नहीं है
दिन विशेष…..फरवरी 2025 का अंतिम दिन
दिन विशेष…………….. राष्ट्रीय विज्ञान दिवस
दिन विशेष……. सिद्धार्थी नाम संवत्सर प्रवेश
पंचक………………………………… जारी है
विष्टि(भद्रा)…………………….. आज नहीं है
खगोल विशेष………………….. आज नहीं है
सर्वा.सि.योग…………………… आज नहीं है अमृ.सि.योग………………….. .. आज नहीं है
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✴️आज की विशेष प्रस्तुति✴️
💥धर्म ज्योतिष आध्यात्म वास्तु राशिफल 💥
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शिव खप्पर पूजा विधि.. कथा एवं महत्व…

शिव रात्रि में शिव खप्पर पूजा करना अति आवश्यक हे खप्पर पूजा शिव रात्रि के दूसरे दिन की जाती हे। एवं पंचांग में भी इस त्योहार का समय दिया हे । कुछ पंचांगों में नही दिया जाता ) शिव रात्रि पूजा खप्पर पूजा के बगैर अधूरी हे या ये कहें शिव रात्रि पूजा खप्पर पूजा के बगैर पूर्ण हो ही नही सकती।
शिव खप्पर पूजा करने पर आपके जीवन में भौतिक एवं आध्यात्मिक दोनों तरह का परिवर्तन परिलक्षित होगा I वह धन-धान्य, सुख-सौभाग्य से परिपूर्ण होकर श्रीवान एवं ऐश्वर्यवान बन जाता है। इसके साथ ही साथ आपके शत्रु का स्वत: ही शमन हो जायेगा।
शिव खप्पर पूजा तो जीवन को पूर्णता देने वाली होती है जिसके द्वारा साधक को एक के पश्चात् एक धन के स्त्रोत मिलने आरम्भ हो जाते हैं I अगर वह नौकरी पेशा है तो काई नया मार्ग मिल जाता है या पैतृक धन आदि के द्वारा धन प्राप्ति का नया मार्ग खुल जाता है।
व्यापारी है तो व्यापार में लाभ की स्थिति या नये व्यापार में लाभ की स्थिति बनती है या शेयर मार्केट में एकदम से लाभ मिल जाता है। कहने का तात्पर्य है कि धन प्राप्ति के इतने मार्ग या तो खुल जाते हैं या तो सूझने लगते हैं कि साधक आश्चर्यचकित रह जाता है। जिस प्रकार आप आनंदयुक्त ऐसा ही जीवन आपको प्राप्त हो, और आपका जीवन निश्चिन्ता निर्भिकता और ऐश्वर्य से परिपूर्ण हो। इस पूजा का प्रभाव पूजा आरम्भ करने से अनुभव होने लग जाता है। तन्त्र बाधाएँ स्वयं समाप्त होने लग जाती है, परिस्थितियों में अनुकूलता आने लग जाती है, शत्रु आपसे सहयोग करने लगता है और आप तीव्रता के साथ अपने लक्ष की ओर गतिशील होने लगते हैं।
शिव खप्पर पूजा के लिये सर्वप्रथम आपको प्रातः अपने घर पर योगी को आमंत्रित करना होगा मांस मदिरा का सेवन करने वाला योगी ना हो क्योंकि शिव की पूजा लेने का अधिकार सिर्फ सन्यासी और नाथ को ही हे क्योंकि शिव जी योगी नाथ थे और योगी शिव के लिये अपने पुत्र कार्तिकेय से भी अधिक प्यारा हे।
साधारण पूजा विधि – प्रातः काल एक शिव जी के नाम की ज्योत जलाएं ईशान कोण की तरफ मुख करके योग साधना की मुद्रा में बैठ जाएं एक पांच मुखी रुद्राक्ष लें गंगाजल से स्नान कराएं चन्दन का लेप करें रुद्राक्ष को अपने बाएं हाथ के ऊपर दाहें हाथ की हथेली पर रुद्राक्ष रख कर इक्षानुसार ॐ का जप करे जब तक आपकी इन्द्रियाँ चाहें या आप अपने प्रभु के लिये जितना समय दे सकते हें उतना दें।
पूजा संपन्न होने पर  रुद्राक्ष को धारण भी कर सकते हें या धन के स्थान पर काले कपड़े में लपेट कर रख दें  घर आये हुए योगी से डमरू नाद एवं शंख बजाने के लिये कहे जिससे घर का वातावरण शुद्ध होगा एवं हमारे भोले भंडारी भी अति प्रसन्न होंगे और वो जब योगी के द्वारा बजाए गये डमरू से प्रसन्न होते हें तो अवश्य ही साधक की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हें। आप योगी को अपनी इच्छनुसार भोजन कराएं एवं योगी से आशीर्वाद लेकर अपनी इक्षानुसार धन धान का दान देकर प्रेम पूर्वक विदा करें और जाते हुये योगी से कहें कि आप जल्दी आना । प्रभु श्री कृष्ण भी इस पूजा को विधि पूर्वक किया करते थे और यह प्रथा आज भी मथुरा छेत्र में प्रचलित हे। ब्राह्मण से लेकर सभी वर्ण के लोग शिव रात्रि पूजा को संपन्न करते हें। महायोगी बाबा भोले नाथ आपका कल्याण करें.
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यहां अन्नपूर्णा देवी ने भरा भोलेनाथ का खप्पर, जानिये म‍हाशिवरात्रि के बाद की इस पूजा का महत्व।

महाशिवरात्रि पर भगवान आशुतोष की आराधना के बाद रविवार को खप्पर पूजा का आयोजन शिवालयों में किया जा रहा है। शिव मंदिरों के अलावा आस्‍थावान लोग घर में भी खप्‍पर पूजन करते हैं। द्वार पर आने वाले साधुओं को शिव का प्रतिनिधि मान लोग भेंट देते हैं और उनके हाथ में लगे कटोरे नुमा लकड़ी के खप्‍पर को कढ़ी एवं चावल से भरते हैं। ब्रज में प्रचलित इस पूजा के कई मायने हैं। पौराणिक मान्यता के अनुसार कहा जाता है कि भगवान शंकर का परिवार बहुत बड़ा था। जिसमें मां पार्वती गणेशजी के अलावा सर्प, नंदी, गणेशजी, गणेशजी का मूसक, मां पार्वती का सिंह था। लेकिन भगवान के पास तो भांग के अलावा कुछ भी नहीं था। वे भस्म लगाते थे और श्मशान में रहते थे। लेकिन शिव के परिवार के अन्‍य सदस्‍यों को तो भूख लगती ही थी। भोजन को लेकर परिवार में आपस में झगड़ा होने लगा। सभी भूखे थे तो भगवान शंकर पार्वती जी के पास जो कि अन्नपूर्णा थीं, उनके पास भिक्षा मांगने गए। भगवान भोलेनाथ ने मां अन्नपूर्णा से कहा:

अन्नपूर्णे सदा पूर्णे, शंकर प्राण बल्लभे।
ज्ञान, वैराग्य सिध्यर्थम्, भिक्षाम् देहि पार्वती ।।

भोलेनाथ बोले हे जगज्जननी मेरे पूरे परिवार में भूख को लेकर कलह हो रहा है..सब भूखे हैं। तो पार्वती जी ने भगवान शंकर के पास जो खप्पर था उसको अन्न से भर दिया। वह खप्पर आज तक खाली नहीं हुआ है। आज सारी सृष्टि का पालन मां अन्नपूर्णां इसी खप्पर के माध्यम से भरण पोषण कर रही हैं..

शिव हुए ब्रज की धरा पर पदार्पित

यूं तो शिव के मंदिर भारत में उत्तर से लेकर दक्षिण और पूर्व से लेकर पश्चिम तक हैं लेकिन ब्रजमण्डल के शिव मंदिरों की कुछ खास ही बात है। कई मंदिर यहां ऐसे हैं जिनके बारे में जनश्रुति है कि भगवान शिव यहां पदार्पित हुए थे। कहते हैं कि द्वापर युग में भगवान शिव कई बार ब्रजआए थे। यहां तीन ऐसे मंदिर हैं जो पांच हजार साल से भी ज्यादा पुराने बताये जाते हैं। मथुरा का रंगेश्वर महादेव, वृंदावन का गोपेश्वर महादेवऔर नंदगांव का आश्वेश्वरमहादेव मंदिर भोले भंडारी से सीधे जुड़े हुए माने जाते हैं। नंदगांव के आश्वेश्वर मंदिर के बारे में कहा जाता है कि भगवान श्रीकृष्ण को जब वसुदेव नंद के यहां छोड़ गए तो भगवान शिव उनके दर्शन करने यहां पधारे थे। योगी के वेश में आए भोलेनाथ को माता यशोदा पहचान नहीं सकीं और उन्होंने बालक कृष्ण के दर्शन कराने से मना कर दिया। कहते हैं कि इस पर नाराज होकर भगवान शिव उसी जगह धूनी रमाकर बैठ गए थे और अंतत: यशोदा को अपने लाल को उन्हें दिखाना पड़ा था ब्रज के एक और मंदिर का महादेव से पुराना नाता बताया जाता है। वृंदावन के गोपेश्वर महादेव मंदिर के बारे में महामण्डलेश्वर डॉ. अवशेष स्वामी का कहना है कि प्राचीन कथानकों के अनुसार राधा और श्रीकृष्ण यहां महारास कर रहे थे। उन्होंने गोपियों को आदेश दे रखा था कि कोई पुरुष यहां नहीं आना चाहिये। उसी वक्त भगवान शिव उनसे मिलने वहां पहुंच गये। गोपियों ने आदेश का पालन करते हुये महादेव को वहां रोक लिया और कहा कि स्त्री वेश में ही वह अंदर जा सकते हैं। इसके बाद महादेव ने गोपी का रूप धरकर प्रवेश किया लेकिन श्रीकृष्ण उन्हें पहचान गये। भगवान शिव के गोपी का रूप लेने की वजह से ही इस मंदिर का नाम गोपेश्वर महादेव मंदिर है।

खप्‍पर पूजा का विशेष महत्‍व

रंगेश्वर महादेव मंदिर में खप्पर एवं जेहर पूजा का विशेष महत्व है। खप्पर पूजा महाशिवरात्रि के बाद अमावस्या को होती है। वहीं, जेहर पूजा महाशिवरात्रि के दिन नवविवाहिता महिलायें पुत्र की प्राप्ति के लिए करती हैं।
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✴️ 🕉️आज का राशिफल🕉️ ✴️
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मेष-(चू चे चो ला ली लू ले लो अ)
आज संभावित चोट से बचने के लिए सावधानी से बैठें। साथ ही सही तरीक़े से कमर सीधी करके बैठना न केवल व्यक्तित्वमें सुधार लाता है, बल्कि सेहत और आत्म-विश्वास के स्तर को भी ऊपर ले जाता है। धन की आवश्यकता कभी भी पड़ सकती है इसलिए आज जितना हो अपने पैसे की बचत करने का विचार बनाएं। अपने जीवन-साथी के साथ बेहतर समझ ज़िन्दगी में ख़ुशी, सुकून और समृद्धि लाएगी। आपकी आकर्षक छवि मनचाहा परिणाम देगी। वरिष्ठ से आपको पदोन्नति या लम्बे वक़्त से लटके किसी काम के पूरे होने का तोहफ़ा मिल सकता है। आज इस राशि के कुछ छात्र लेपटॉप या टीवी पर कोई मूवी देखकर अपना कीमती समय जाया कर सकते हैं। क्या आपको पता है कि आपका जीवनसाथी वाक़ई आपके लिए सब कुछ है। उनपर ग़ौर करें, यह बात आपको ख़ुद-ब-ख़ुद दिख जाएगी।

वृषभ-(इ उ एओ वा वी वू वे वो)
आप अपने वज़न पर नज़र रखें और ज़रूरत से ज़्यादा खाने से बचें। भागीदारी वाले व्यवसायों और चालाकी भरी आर्थिक योजनाओं में निवेश न करें। दोस्तों के साथ घूमना-फिरना मज़ेदार रहेगा। लेकिन ज़्यादा पैसे ख़र्च न करें, नहीं तो आप खाली जेब लेकर घर पहुँचेंगे। आज ऑफिस में आपको अच्छे परिणाम नहीं मिलेंगे। आपका कोई खास ही आज आपके साथ विश्वासघात कर सकता है। जिसकी वजह से आप दिनभर परेशान रह सकते हैं। आज आपको रिश्तों की अहमियत का अंदाज हो सकता है क्योंकि आज के दिन का ज्यादातर समय आप अपने परिवार के लोगों के साथ बिताएंगे। संभव है कि आज आपका जीवनसाथी ख़ूबसूरत शब्दों में यह बताए कि आप उनके लिए कितने क़ीमती हैं।

मिथुन– (क की कू घ ङ छ के को ह)
आज दाँत का दर्द या पेट की तक़लीफ़ आपके लिए परेशानी खड़ी कर सकती है। तुरंत आराम पाने के लिए अच्छे चिकित्सक की सलाह लेने में कोताही न बरतें। अपने धन का संचय कैसे करना है यह हुनर आज आप सीख सकते हैं और इस हुनर को सीख कर आप अपना धन बचा सकते हैं। नए पारिवारिक व्यवसाय को शुरू करने के लिए शुभ दिन है। इसे सफल बनाने के लिए दूसरे सदस्यों की भी मदद लें। आपके ज़हन में काम का दबाव होने के बावजूद आपका प्रिय आपके लिए ख़ुशी के पलों को लाएगा। आज आपके पास अपनी धनार्जन की क्षमता को बढ़ाने के लिए ताक़त और समझ दोनों ही होंगे। इस राशि के जातक खाली वक्त में आज किसी समस्या का समाधान निकालने की कोशिश कर सकते हैं। जीवन साथी से पूर्णरूपेण सहयोग न मिलने के कारण आप निराश हो सकते हैं।

कर्क– (ही हू हे हो डा डी डू डे डो)
आज जीवन-साथी ख़ुशी की वजह साबित होगा। इस राशि के कारोबारियों को आज अपने घर के उन सदस्यों से दूर रहना चाहिए जो आपसे पैसा मांगते हैं और फिर लौटाते नहीं हैं। अगर आप दफ़्तर में अतिरिक्त समय लगाएंगे, तो आपकी घरेलू ज़िंदगी पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। आपकी मुलाक़ात एक ऐसे दोस्त से होगी, जिसे आपका ख़याल है और जो आपको समझता भी है। कामकाज के मामलों को सुलझाने के लिए अपनी होशियारी और प्रभाव का उपयोग करें। समय का अच्छा उपयोग करने के लिए आज आप पार्क में घूमने का प्लान बना सकते हैं लेकिन वहां किसी अनजान शख्स से आपकी बहस होने की अशंका है जिससे आपका मूड खराब हो जाएगा।

सिंह- (मा मी मू मे मो टा टी टू टे)
आज एक भागमभाग भरे दिन के बावजूद आपकी सेहत पूरी तरह अच्छी रहेगी। केवल एक दिन को नज़र में रखकर जीने की अपनी आदत पर क़ाबू करें और ज़रूरत से ज़्यादा वक़्त व पैसा मनोरंजन पर ख़र्च न करें। परिवार के सदस्यों का आपके जीवन में विशेष महत्व होगा। ज़िंदगी में एक नया मोड़ आ सकता है, जो प्यार को नयी दिशा देगा। आप जीतोड़ मेहनत और धीरज के बल पर अपने उद्देश्य हासिल कर सकते हैं। अपने ज़बरदस्त आत्मविश्वास का फ़ायदा उठाएँ, बाहर निकलें और कुछ नए सम्पर्क व दोस्त बनाएँ। आप अपने जीवनसाथी के प्यार की मदद से ज़िन्दगी की मुश्किलों का आसानी से सामना कर सकते हैं।

कन्या– (टो प पी पू ष ण ठ पे पो)
आज का दिन फ़ायदेमन्द साबित होगा और आप किसी पुरानी बीमारी में काफ़ी आराम महसूस करेंगे। अगर आपका धन से जुड़ा कोई मामला कोर्ट-कचहरी में अटका था तो आज उसमें आपको विजय मिल सकती है और आपको धन लाभ हो सकता है। घर में उल्लास का माहौल आपके तनावों को कम कर देगा। आप भी इसमें पूरी सहभागिता करें और महज़ मूक दर्शक न बने रहें। कार्यक्षेत्र में आप ख़ुद को ख़ास महसूस करेंगे। इस राशि वाले जातकों को आज खाली वक्त में आध्यात्मिक पुस्तकों का अध्ययन करना चाहिए। ऐसा करके आपकी कई परेशानियां दूर हो सकती हैं। जीवनसाथी से बिना पूछे योजना बनाएंगे, तो उनकी ओर से नकारात्मक प्रतिक्रिया मिल सकती है।

तुला– (रा री रू रे रो ता ती तू ते)
आप आज ख़ुद को रोज़ाना की अपेक्षा कम ऊर्जावान महसूस करेंगे। स्वयं को ज़रूरत से ज़्यादा काम के नीचे न दबाएँ, थोड़ा आराम करें और आज के कामों को कल तक के लिए टाल दें। व्यापार में आज अच्छा खास मुनाफा होने की संभावना है। आज के दिन आप अपने बिजनेस को नई ऊंचाईयां दे सकते हैं। आज आपको अपने होशियारी और प्रभाव का उपयोग संवेदनशील घरेलू मुद्दों को हल करने के लिए करना चाहिए। आपका जीवनसाथी आपको पूरे दिन याद करता रहेगा। उसे कोई प्यारा सरप्राइज़ देने की योजना बनाएँ और इसे उसके लिए एक ख़ूबसूरत दिन में तब्दील करने के बारे में सोचें। भागीदार आपकी योजनाओं और व्यावसायिक ख़यालों के प्रति उत्साही होंगे। खेलकूद जीवन का जरुरी हिस्सा है लेकिन खेलकूद में इतने भी व्यस्त न हो जाएं कि आपकी पढ़ाई में कमी आ जाए।

वृश्चिक– (तो ना नी नू ने नो या यी यू)
आज कुछ दिलचस्प पढ़कर थोड़ी दिमाग़ी कसरत करें। अगर आप सूझ-बूझ से काम लें, तो आज अतिरिक्त धन कमा सकते हैं। उन लोगों के साथ कुछ समय बिताएँ, जो आपको चाहते हैं और आपका ख़याल रखते हैं। आपको आज ही अपने प्रिय को दिल की बात बताने की ज़रूरत है, क्योंकि कल बहुत देर हो जाएगी। कार्यक्षेत्र में हालात आपके पक्ष में रुख़ करते मालूम होंगे। आज आप ख़ुद को लोगों के ध्यान के केंद्र में पाएंगे, जब कोई आपके सहयोग की वजह से पुरस्कृत होगा या सराहा जाएगा। आप महसूस कर सकते हैं कि जीवनसाथी का प्यार सारे दुःख-दर्द भुला देता है।

धनु-ये यो भा भी भू धा फा ढ़ा भे)
आज कार्यक्षेत्र में वरिष्ठों का दबाव और घर में अनबन के चलते आपको तनाव का सामना करना पड़ सकता है- जो काम में आपकी एकाग्रता को भंग करेगा। आर्थिक तौर पर बेहतरी के चलते आपके लिए ज़रूरी चीज़ें ख़रीदना आसान होगा। ज़रूरत के वक़्त आपको दोस्तों का सहयोग मिलेगा। प्रेम हमेशा आत्मीय होता है और यही बात आप आज अनुभव करेंगे। अगर आप थोड़ी देर अनुभवी लोगों की संगत में गुज़ारेंगे, तो आपको काफ़ी ज्ञान मिलेगा। दीर्घावधि में कामकाज के सिलसिले में की गयी यात्रा फ़ायदेमंद साबित होगी। आप दुनिया में ख़ुद को सबसे रईस महसूस करेंगे, क्योंकि आपके जीवनसाथी का व्यवहार आपको ऐसा महसूस कराएगा।

मकर– (भो जा जी खी खू खे खो गा गी)
आज आप अपनी बीमारी के बारे में चर्चा करने से बचें। ख़राब तबियत से ध्यान हटाने के लिए कोई और दिलचस्प काम करें। क्योंकि इस बारे में आप जितनी ज़्यादा बातें करेंगे, उतनी ही ज़्यादा तकलीफ़ आपको होगी। पैसे की अहमियत को आप अच्छे से जानते हैं इसलिए आज के दिन आपके द्वारा बचाया गया धन आपके बहुत काम आ सकता है और आप किसी बड़ी मुश्किल से निकल सकते हैं। दोस्तों का साथ राहत देगा। आज आप अपने प्रिय से अपने जज़्बात का इज़हार करने में मुश्किल महसूस करेंगे। काम में मन लगाएँ और जज़्बाती बातों से बचें। कर्म-काण्ड/हवन/पूजा-पाठ आदि का आयोजन घर मे हो सकता है। जीवनसाथी की ओर से मिले तनाव के चलते सेहत पर बुरा असर पड़ना संभव है।

कुंभ– (गू गे गो सा सी सू से सो द)
आज आपकी ऊर्जा का स्तर ऊँचा रहेगा। आपको अपने अटके कामों को पूरा करने में इसका उपयोग करना चाहिए। धन का आगमन आज आपको कई आर्थिक परेशानियों से दूर कर सकता है। किसी धार्मिक स्थल या संबंधी के यहाँ जाने की संभावना है। आज अनुभवी लोगों से जुड़कर जानने की कोशिश करें कि उनका क्या कहना है। आपके घर का कोई करीबी शख्स आज आपके साथ वक्त बिताने की बात कहेगा लेकिन आपके पास उनके लिए वक्त नहीं होगा जिसकी वजह से उनको तो बुरा लगेगा ही आपको भी बुरा लगेगा। कई लोग साथ तो रहते हैं, लेकिन उनके जीवन में प्रेम नहीं होता। लेकिन यह दिन आपके लिए बेहद खूबसूरत होने वाला है।

मीन– (दी दू थ झ ञ दे दो च ची)
आज किसी संत पुरुष का आशीर्वाद मानसिक शान्ति प्रदान करेगा। आज आपको पैसों से जुड़ी कोई समस्या आ सकती है जिसे सुलझाने के लिए आप अपने पिता या पितातुल्य किसी आदमी से सलाह ले सकते हैं। दिन के उत्तरार्ध में अचानक आई कोई अच्छी ख़बर पूरे परिवार को ख़ुशी देगी। आपकी आँखें चमकने लगेंगी और धड़कनें तेज़ हो जाएंगी, आज जब आप अपनी सपनों के जीवनसाथी से मिलेंगे। आज के दिन कार्यक्षेत्र में चीज़ें वाक़ई बेहतरी की ओर बढ़ सकेंगी, अगर आप आगे बढ़कर उन लोगों से भी संपर्क करें जो आपको ज़्यादा पसंद नहीं करते। आज के दिन आपके कुछ दोस्त आपके घर में आ सकते हैं और उनके साथ आप समय बिता सकते हैं हालांकि इस दौरान शराब, सिगरेट जैसे पदार्थों का सेवन करना आपके लिए अच्छा नहीं रहेगा। थोड़ी-सी कोशिश करें तो यह दिन आपके वैवाहिक जीवन के सबसे विशेष दिनों में से एक हो सकता है।
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