राज परिवार की शादी बनी क्षेत्र में चर्चाओं का विषय दुल्हा हुआ था हाथी पर सवार

जी हां राज परिवार ठिकाना चौड़ा खेड़ी जो कि राघौगढ़ तहसील के अंतर्गत आता है श्री विश्व प्रताप सिंह जी चौहान के युवराज त्रिलोकेंद्र सिंह जी का विवाह समारोह आयोजन 6 फरवरी से 9 फरवरी चार दिन तक चला पहले दिन क्षेत्र के लगभग 10हजार लोगों ने शादी में भोजन जाकर किया निजी निवास कोठी ठिकाना चौड़ा खेड़ी में 10हजार लोगों के खाने में शुद्ध घी का इस्तेमाल किया गया था इस महंगाई के दौर में अगले दिन बारात ठिकाना चौड़ा खेड़ी से रवाना होकर देवास पहुंची क्षेत्र के प्रतिष्ठित सम्माननीय लोग बरात में शामिल हुए और लोग आश्चर्यचकित तब रह गए जब दूल्हे को हाथी पर सवार होकर तोरण लगाते हुए देखा आज क्षेत्र में चर्चाओं का विषय बना हुआ है 9 तारीख को फिर से ठिकाना चौड़ा खेड़ी में रिसेप्शन का प्रोग्राम रखा गया था उसमें क्षेत्र के प्रतिष्ठित लोग आमंत्रित किए गए थे और इस शादी में राज्य परिवार के ही सदस्य पूर्व मुख्यमंत्री राजा दिग्विजय सिंह जी के सुपुत्र जयवर्धन सिंह भी इस परिवारिक शादी में शामिल हुए थे और काफी देर उस शादी में रुक कर अपना अनमोल समय प्रदान किया इस परिवार के मुखिया श्री विश्व प्रताप सिंह जी चौहान इस क्षेत्र के जाने-माने और प्रतिष्ठित शख्सियत में उनका नाम शुमार है सरल स्वभाव के धनी माने जाने वाले से श्री विश्व प्रताप सिंह जी चौहान अपने क्षेत्र के लोगों से हमेशा संपर्क में बने रहते हैं और और उनकी खासियत यह है कोई भी व्यक्ति उनके यहां पहुंच जाता है आस लगाकर तो वह खाली हाथ नहीं आता है इस परिवार से क्षेत्र के सभी लोगों का दिल की गहराइयों से जुड़ाव है और इस शादी में एक बहुत अच्छी बात देखने को यह मिली कि इस शादी में एसटीएससी वर्ग सामान्य वर्ग और जरनल वर्ग के सभी लोग इसमें आमंत्रित किए गए थे कोई कोई ऊच नीच का भेदभाव नहीं था इस शादी में और दूसरा उनकी शादी का कार्ड भी लोगों जुबान पर चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि इस शादी में मुखिया श्री विश्व प्रताप सिंह जी का नाम तो है ही साथ में गुना के जाने-माने सेठ संतोष जैन जो की भारयल ग्रुप के मालिक हैं वह भी उनके पारिवारिक सदस्य के तौर पर जाने जाते हैं राज परिवार के मुखिया चौहान साहब इस क्षेत्र में काफी लोकप्रियता है वह ऑर्गेनिक खेती करने में जाने जाते हैं वह जो खाने के गेहूं जो पैदा करते हैं वह बिना रासायनिक खादो के पैदा करते हैं और उनके दूध डेयरी का भी उत्पादन है और चौहान साहब अपने पिता की विरासत को संभाल कर रखे हुए हैं

















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