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ग्राम्य विकास विभाग की प्रगति की समीक्षा हेतु सचिव ग्राम्य विकास की अध्यक्षता में ऑनलाइन बैठक संपन्न

Parul Rathaur
रोशनाबाद

ग्राम्य विकास विभाग की प्रगति की समीक्षा हेतु सचिव ग्राम्य विकास की अध्यक्षता में ऑनलाइन बैठक संपन्न

सचिव ग्राम्य विकास/मुख्य परियोजना निदेशक – UGVS की अध्यक्षता में उत्तराखंड के सभी जनपदों की ग्राम्य विकास से संबंधित योजनाओं एवं परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा हेतु एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य के सभी जनपदों से मुख्य विकास अधिकारी (CDO), परियोजना निदेशक (PD), जिला विकास अधिकारी (DDO), सहायक परियोजना निदेशक (APD), जिला परियोजना प्रबंधक (DPM) – ग्रामोत्थान परियोजना सहित अन्य विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया।

बैठक के मुख्य उद्देश्य:

इस समीक्षा बैठक का प्रमुख उद्देश्य राज्य में संचालित विभिन्न ग्राम्य विकास कार्यक्रमों की वर्तमान प्रगति की गहन समीक्षा करना तथा उनकी प्रभावशीलता सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक निर्देश प्रदान करना था। बैठक के दौरान सभी जनपदों में संचालित योजनाओं की वास्तविक स्थिति पर विस्तृत चर्चा की गई, जिससे उनके प्रभाव, चुनौतियों एवं आगामी कार्ययोजनाओं को समझा जा सके।

प्रमुख बिंदु एवं चर्चाएं:

1. चल रही परियोजनाओं की समीक्षा

बैठक में सभी विभागों के अधिकारियों द्वारा अपने-अपने जनपदों में संचालित योजनाओं और परियोजनाओं की विस्तृत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। सचिव महोदया ने प्रत्येक योजना के क्रियान्वयन की स्थिति, लाभार्थियों तक पहुंच, वित्तीय व्यय, और संरचनात्मक विकास पर विशेष जोर दिया।

2. राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) की प्रगति

NRLM के अंतर्गत महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) के गठन, उनके वित्तीय सशक्तिकरण, बैंक लिंकेज, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के प्रयासों की समीक्षा की गई। सचिव महोदया ने इस योजना के बेहतर क्रियान्वयन हेतु जिला अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे SHG समूहों की ब्रांडिंग, मार्केटिंग और वित्तीय पहुंच को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दें।

3. ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना (REAP) की समीक्षा

बैठक में ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए संचालित REAP परियोजना की समीक्षा की गई। सचिव महोदया ने निर्देश दिया कि स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी बनाया जाए, जिससे ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सके। साथ ही, उन्होंने स्थानीय उत्पादों के प्रसंस्करण और विपणन को बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया।

4. ग्रामीण रोजगार सृजन और कौशल विकास

बैठक में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGA) के तहत रोजगार सृजन की स्थिति की समीक्षा की गई। सचिव महोदया ने निर्देश दिया कि इस योजना के तहत अधिकतम ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराया जाए और काम की गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, ग्रामीण युवाओं के कौशल विकास के लिए प्रभावी प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ाने पर जोर दिया गया।

सचिव महोदया द्वारा दिए गए निर्देश:

परियोजनाओं की गति तेज करें:-

सचिव महोदया ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए प्रभावी मॉनिटरिंग करें और नियमित फील्ड विजिट सुनिश्चित करें।

प्रौद्योगिकी का उपयोग बढ़ाएं:-

सचिव महोदया ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के अधिकतम उपयोग की बात कही, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी प्रभावी ढंग से की जा सके।

बाजार लिंकेज को मजबूत करें:-

ग्रामीण उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने के लिए मार्केटिंग और ब्रांडिंग के प्रयासों को तेज करने के निर्देश दिए गए।

सतत विकास को प्राथमिकता दें:-

ग्रामीण विकास योजनाओं में पर्यावरणीय संतुलन और सतत विकास को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया ।

बैठक के अंत में सचिव महोदया ने अधिकारियों से कहा कि वे ग्राम्य विकास से जुड़ी योजनाओं को और अधिक प्रभावी एवं लाभकारी बनाने के लिए लगातार प्रयासरत रहें। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास हेतु हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।

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