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राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर बालिका दिवस कार्यक्रम का हुआ आयोजन

राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर बालिका दिवस कार्यक्रम का हुआ आयोजन

भिण्ड 24 जनवरी 2025/

पत्रकार अभिषेक शर्मा की रिपोर्ट भिंड से

कलेक्टर श्री संजीव श्रीवास्तव के मार्गदर्शन एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री संजय कुमार जैन के निर्देशन में राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर स्थानीय संत विवेकानंद स्कूल में बालिका दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया, कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग से बाल संरक्षण अधिकारी अजय सक्सेना द्वारा सभी छात्रों को संबोधित करते हुए कहा गया की राष्ट्रीय बालिका दिवस 2025 का थीम एंपावरिंग गर्ल्स फॉर ए ब्राइट फ्यूचर है, जिसका प्रमुख उद्देश्य बालिकाओं को उनके संबंध में लिए जाने वाले प्रमुख निर्णयों में उनकी सहभागिता और प्रतिभागिता तय करना है।
बालिकाओं को संबोधित करते हुए कहा गया की दसवीं के बाद आपको कौन सा सब्जेक्ट लेना है यह आपको अपनी रुचि के अनुसार तय करना है आपके संबंध में लिए जाने वाले निर्णय चाहे वह पढ़ाई हो, शादी हो, दूरस्थ शिक्षा, हो बाहर जाकर जॉब करना हो एवं अन्य सभी मसले जो आपसे संबंधित हैं उनमें आपके निर्णय का सम्मान होना अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रबंधक डॉ विवेक यादव के निर्देशन में विद्यालय की प्राचार्य डॉ गीता रेनू एवं समस्त स्टाफ द्वारा कार्यक्रम में सहयोग प्रदान किया गया ।महिला एवं बाल विकास से आनंद मिश्रा लेखापाल भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अगले चरण में बाल संरक्षण अधिकारी सक्सेना के द्वारा बालिकाओं को पॉक्सो अधिनियम के तहत जानकारी देते हुए अवगत कराया गया की चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर बाल शोषण अथवा बच्चों से संबंधित कोई भी समस्या की शिकायत दर्ज कराई जा सकती है एवं पोक्सो अधिनियम के तहत सभी से अपेक्षा की गई की सभी बालक अपने माता-पिता से कुछ न छुपाएं, सामान्यत: बालकों से होने वाले अपराधों में डर और लालच की प्रधानता रहती है अतः किसी से डरें नहीं और ना ही लालच में आएं। यदि कोई व्यक्ति आपसे यह बोलता है कि यह हमारे बीच का सीक्रेट है और इस बात को आप किसी से शेयर मत करना, तो तत्काल समझ जाएं सामने वाला व्यक्ति सही नहीं है और सारी बात अपने अभिभावकों को बताएं।
दुनिया में ऐसा कोई सीक्रेट अथवा रहस्य नहीं है जो हम अपने माता-पिता को सांझा न कर सकें। इसके साथ ही पोक्सो ई-बॉक्स पर शिकायत करने का तरीका बताया गया सभी बालकों को अवगत कराया गया कि पोक्सो के प्रकरण में पुलिस पीड़ित व्यक्ति से वर्दी में बात नहीं करती अपितु सामान्य कपड़ों में बात करती है बालकों को पुलिस थाने नहीं बुलाया जाता है अपितु पुलिस बालक के बताए गए स्थान पर ही पूछताछ, बालक के अभिभावक अथवा सपोर्ट पर्सन की उपस्थिति में ही कर सकती है साथ ही प्रकरण की विवेचना महिला पुलिस अधिकारी द्वारा और वह भी सब इंस्पेक्टर से कम रैंक की नहीं होनी चाहिए, के द्वारा किए जाने का प्रावधान है और पीड़ित व्यक्ति की समस्त पहचान गोपनीय रखी जाती है, पोक्सो प्रकरण में किसी भी प्रकार के डर अथवा घबराने जैसी कोई बात नहीं है यदि कोई आपको परेशान कर रहा है आपको नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहा है या नुकसान पहुंचा रहा है तो बिल्कुल भी डरें नहीं और चाइल्ड हेल्पलाइन के नंबर 1098, पुलिस 100 अथवा बाल कल्याण समिति और महिला बाल विकास, पुलिस विभाग के माध्यम से भी आप अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। जिला प्रशासन द्वारा कानून के तहत समस्त सुविधाएं प्रदान कराई जाएंगी।
कार्यक्रम के अगले चरण में बढ़ते साइबर अपराधों और डिजिटल अरेस्ट जैसे विषयों पर चर्चा की गई, श्री सक्सेना के द्वारा सभी को अवगत कराया गया कि किसी भी प्रकार से थर्ड पार्टी ऐप मोबाइल से डाउनलोड ना करें जो अप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है उन्हीं को डाउनलोड करें किसी भी लिंक अथवा अनजान स्रोत से कोई भी ऐप अथवा अन्य डाउनलोड ना करें, सोशल मीडिया का उपयोग करते हुए सावधानी बरतें अपनी लाइव लोकेशन बहुत ही आवश्यकता हो तभी शेयर करें अथवा लाइव लोकेशन शेयर ना करें अनजान फ्रेंड रिक्वेस्ट आपको परेशानी में डाल सकती है कई सारी फेक आईडी बनाई गई हैं अतः जिन व्यक्तियों को आप नहीं जानते हो उनकी फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार नहीं करें। फॉलोअर्स बढ़ाने के चक्कर में हम यह गलती कर बैठते हैं। अतः हमें सोशल मीडिया का उपयोग करते हुए इन बातों का ध्यान रखना चाहिए किसी भी प्रकार की आपकी निजी जानकारी प्राइवेट फोटोज, वीडियोस अपने फोन में स्टोर करके ना रखें क्योंकि आपके फोन से आपके द्वारा डाटा डिलीट करने पर भी विभिन्न सॉफ्टवेयर के माध्यम से वह डाटा रिकवर हो जाता है जो बाद में आपके लिए समस्या बन सकता है। इसके साथ ही सभी बालकों को समझाइश दी गई कि यदि कोई व्यक्ति आपको परेशान करता है अथवा आपके द्वारा किसी व्यक्ति को गलती से अपने निजी फोटो तथा वीडियो प्रेषित किए गए हैं अथवा सामने वाला एआई के माध्यम से फोटो एडिट करके आपको परेशान कर रहा है तो ऐसे में बिल्कुल ना घबराएं, बिल्कुल भी डरने की आवश्यकता नहीं है आप शिकायत भारत सरकार के साइबर क्राइम पोर्टल पर कर सकते हैं साथ ही हर जिले में पुलिस अधीक्षक कार्यालय में साइबर सेल का एक विंग होती है वहां पर आप अपनी शिकायत दर्ज कर उसकी पावती अपने पास रख सकते हैं और ऐसी परिस्थितियों में चाहे आपको यह भी लगे कि शायद गलती आपसे ही हुई है, तब भी घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है बालिकाओं को सारी चीज अपने माता-पिता को बताते हुए आगामी कानूनी कार्रवाई या पुलिस कार्रवाई कर सकती है। आप बिल्कुल ना घबराएं और जो आपको परेशान कर रहा है उसे स्पष्ट शब्दों में कहें कि तत्काल संबंधित फोटोस ,वीडियो डिलीट करें अथवा आप उसकी शिकायत साइबर क्राइम और साइबर सेल को कर रहे हैं। सामान्यत: प्रकरणों में देखा गया है कि हमारे डर की वजह से हम कुछ गलत काम कर लेते हैं जो बाद में हमारे लिए और बड़ी समस्या बन जाता है।

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