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बीकानेर-श्रीडूंगरगढ़ महाविद्यालय में किया 28 प्रतिभावान युवाओं का सम्मान ,किसी भी देश का विकास देश के युवाओं पर निर्भर करता है- उपखंड अधिकारी मित्तल

सवांददाता ब्युरो चीफ रमाकान्त झंवर बीकानेर श्रीडूंगरगढ़

श्रीडूंगरगढ़। कस्बे के श्रीडूंगरगढ़ महाविद्यालय में रविवार को वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वर्ष पर्यन्त विभिन्न गतिविधियों में विजेताओं को पुरस्कार दिए गए। इस दौरान सत्र 2019 से 2022 तक वर्षभर में आयोजित गतिविधियों एकेडमिक, एनएसएस, खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम, कला व शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 28 छात्र-छात्राओं को करीब ढाई लाख रुपयों के नगद राशि व प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह देकर पुरस्कृत किया गया। समारोह की मुख्य अतिथि एसडीएम उमा मित्तल ने करते हुए कहा कि किसी भी देश का विकास देश के युवाओं पर निर्भर करता है। हम यह कह सकते हैं कि युवा ही राष्ट्र का संरचनात्मक और कार्यात्मक ढांचा है। प्रत्येक राष्ट्र की तरक्की का आधार उसकी युवा पीढ़ी होती है, जिसकी उपलब्धियों से उस राष्ट्र का विकास होता है। कॉलेज शिक्षा में युवाओं को एक लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने स्वामी विवेकानन्द का जिक्र करते हुए कहा कि “स्वामी ने युवाओं को कहा था कि उठो जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए। विशिष्ठ अतिथि सीओ निकेत पारीक ने कहा कि भारत में सड़क दुर्घटनाओं की वजह से अधिकतर युवाओं की मौत होती है। युवा यातायात के नियमों की पालना करते हुए यातायात संसाधनों का उपयोग करें। उन्होंने साइबर क्राइम व शोशल मीडिया पर हो रही क्राइम की घटनाओं से सावधान रहने की बात कहीं। समारोह की अध्यक्षता करते हुए उधोगपति हरिशंकर बाहेती ने कहा कि शिक्षा को सरकारी नौकरी तक सीमित नहीं रखते हुए विद्यार्थी उसकी उपयोगिता को समझें। उन्होंने कहा कि युवाओं को चाहिए कि वह एक मुकाम के साथ शिक्षा ग्रहण कर बिजेनस में भी नाम रौशन करें। राजस्थानी भाषा,साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के पूर्व अध्यक्ष श्याम महर्षि ने कहा कि वर्तमान युवा शिक्षा के महत्व को पहचाने। उन्होंने संदेश दिया कि विद्यार्थी निरन्तर प्रयास करें, उन्हें सफलता अवश्य मिलेंगी। संस्था के उपसचिव रामचंद्र राठी ने महाविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय में विज्ञान व पीजी कक्षाओं की शुरुआत जल्द की जाएगी। प्राचार्य डॉ. विनोद सुथार ने सभी आगुन्तकों का स्वागत किया। इस दौरान सत्यनारायण मूंधड़ा, भंवर लाल भोजक, महावीर माली, सत्यनारायण योगी, विजय महर्षि ने भी विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन व्याख्याता पवन सिद्ध ने किया। कार्यक्रम में सांकृतिक प्रभारी निशा स्वामी, डॉ.राजेश सेवग, सुनील आचार्य ने सभी का आभार जताया।

इनकी स्मृति में दिए गए पुरस्कार

महाविद्यालय के महावीर धामा ने बताया कि महाविद्यालय में एकेडमिक व खेल प्रतियोगिताओं में प्रथम व द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को नगद राशि हेतु चैक प्रदान किए गए। इन पुरस्कारों में 11- 11 हजार रुपये की राशि खेताराम मोहता स्मृति पुरस्कार,रिद्धकरण बाहेती स्मृति पुरस्कार व चुन्नीलाल सोमानी स्मृति पुरस्कार व 7500-7500 रुपये की राशि में सीताराम मोहता स्मृति पुरस्कार बंशीलाल बाहेती स्मृति पुरस्कार व मोहनी देवी सोमानी स्मृति पुरस्कार प्रदान किए गए है।

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