जिला संवाददाता राजेश पोरवाल रतलाम मध्यप्रदेश
मंगलगान के साथ जयघोष से गूंज उठी स्वर्ण नगरी रतलाम
रतलाम – पौष शुक्ल बारस शुक्रवार 10 जनवरी प्रातःकाल की मंगल बेला पर मध्य प्रदेश की स्वर्ण नगरी रतलाम जिनशासन के मंगलगान सहित श्री नेमीनाथ दिगंबर जिनबिंब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव की जयघोष से गुंजायमान हो उठी।

मंगलमय प्रसंग था सकल दिगंबर जैन समाज द्वारा आयोजित श्री नेमीनाथ दिगंबर जिनबिंब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के मंगलमय शुभारंभ का जो शांति जाप से प्रारंभ हुआ पश्चात श्री जिनेन्द्र पूजन कर श्रीजी सहित मां जिनवाणी की विशाल शौभायात्रा निकाली जिसका शुभारंभ हनुमान रुंडी स्थित नवकार भवन से हुआ जिसमें रजत विमान में श्री जिनेन्द्र भगवान सहित मां जिनवाणी को विराजमान किया गया एवं गजराज पर माता – पिता, यज्ञ नायक, बग्गी पर सुधर्म इंद्र सहित अन्य इंद्र एवं राजा रानी मंगलगान के साथ जयघोष करते हुए आपार जन समुदाय सागोद रोड स्थित शौरीपुर नगरी ऋषभ धाम पहुंचा। रास्ते में जगह-जगह चल समारोह का स्वागत हुआ । ऋषभ धाम में श्री जीनेंद्र पूजन कर ध्वजारोहण किया गया।

जिसका सौभाग्य प्रदीप चौधरी परिवार किशनगढ़ को प्राप्त हुआ पश्चात मंजू प्रदीपकुमार एवं श्वेता नरेश गदिया परिवार भीलवाड़ा द्वारा प्रतिष्ठा मंडप का उदघाटन किया गया। अचरज देवी निहालचंदजी पीतल फैक्ट्री जयपुर द्वारा प्रतिष्ठा मंच का उदघाटन, गेंदालाल महेन्द्रकुमार मोठीया परिवार द्वारा याग मंडल विधान का उदघाटन किया गया एवं माता पिता शिवा देवी समुद्र विजय जी द्वारा नांदी कलश की स्थापना की गई। सौभाग्यशाली परिवार द्वारा भगवान आदिनाथजी एवं आचार्य कुंदकुंद देव सहित आचार्य प्रवर पंडित टोडरमल जी के चित्र का अनावरण विमलनयन चंद्रलेखा अजमेरा परिवार भीलवाड़ा द्वारा किया गया एवं गुरुदेवश श्री कानजी स्वामी के चित्र का अनावरण सुनील सीमा जैन सुपुत्र इंदिरा इंदौरीलाल जैन इंदौर द्वारा किया गया पश्चात प्रतिष्ठाचार्य महोदय द्वारा इंद्र प्रतिष्ठा विधि कराई गई।

दोपहर में माता पिता, सौधर्म इंद्र – इंद्राणी , कुबेर, यज्ञ नायक सहित समस्त इंद्रो द्वारा याग मंडल विधान किया गया।
संध्या की बेला पर बाल कक्षा लगाई गई पश्चात सभी ने श्री जिनेन्द्र भक्ति कर अतिथि विद्वानों के मंगल प्रवचनों का लाभ लिया, सभा के अंत में इंद्र सभा, राज सभा लगाई गई एवं माता के सोलह स्वप्नों का प्रदर्शन किया गया और अंत में नृत्यगान कर छप्पन कुमारिकाओं माता की सेवा की गई। सुशील अजमेरा, जिनेंद्र जैन, संजय गोधा, गौरव अजमेरा महेंद्र अजमेरा, मेघना बड़जात्या,कमल पाटनी, कमलेश पापरीवाल, दीपकराज जैन सहित सममाजन मौजूदथे
















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