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आज क्षेत्रवासी मुख्यमंत्री से करेंगे उज्जैन-झालावाड़ रेलवे लाइन को सिंहस्थ से पहले शुरू करवाने की मांग

सत्यार्थ न्यूज़ मनीष माली की रिपोर्ट

आज क्षेत्रवासी मुख्यमंत्री से करेंगे उज्जैन-झालावाड़ रेलवे लाइन को सिंहस्थ से पहले शुरू करवाने की मांग

4.75 करोड़ रुपए मंजूर करवाकर सर्वे और डीपीआर के लिए भी मुख्यमंत्री ने किया था सहयोग

अब डीपीआर इसी माह होगी तैयार

सुसनेर/ मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव 20 दिसंबर को सुसनेर जनपद पंचायत के ग्राम पालड़ा में आयोजित कार्यक्रम में 880 मेगावाट आगर-नीमच सौर परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। जिसमें आगर-मालवा जिले की 550 मेगावाट क्षमता एवं नीमच जिले की 330 मेगावाट क्षमता सौर परियोजना शामिल है। मुख्यमंत्री डाक्टर सुसनेर विधानसभा के डोंगरगांव में बनी संत कमल किशोर नागर गौ-शाला पहुंचकर गौ-पूजन करेंगे।
इस दौरान सुसनेर, सोयत एवं आगर क्षेत्र की आम जनता की मुख्यमंत्री से एक ही अपेक्षा है कि वह उज्जैन, आगर, सुसनेर एवं सोयतकलां से होकर निकलने वाली उज्जैन झालावाड़ रेलवे लाईन को केंद्र सरकार से सिहंस्थ 2028 से पूर्व शुरू करवाने का पुरजोर प्रयास करे। मुख्यमंत्री डॉक्टर यादव ने अपने गृह क्षेत्र एवं विधानसभा क्षेत्र से होकर धौंसला, आगर, सुसनेर, सोयत होकर झालावाड़ तक निकलने वाली इस लाईन के सर्वे की स्वीकृति ओर जल्द सर्वे पूरा करने के लिए भी पुरजोर प्रयास किया था। ऐसे में आगर एवं सुसनेर विधानसभा क्षेत्र वासियों से इस लाईन को सिहंस्थ से पूर्व शुरू करवाने की अपेक्षा मुख्यमंत्री डॉक्टर यादव से है। उज्जैन-आगर-झालावाड़ नई रेलवे लाइन की फाइनल डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) 31 दिसंबर तक तैयार हो जाएगी। ये डेडलाइन पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल ने तय की है। यदि ऐसा हुआ तो नए वर्ष में इस प्रोजेक्ट पर काम आगे बढ़ने की उम्मीद है। अभी झालावाड़ से सर्वे का काम चल रहा है।
गौरतलब है कि उज्जैन- आगर- झालावाड़ तक नई रेल लाइन के सर्वे व डीपीआर के लिए केंद्र सरकार ने 4.75 करोड़ रुपए मंजूर किए थे। इसी क्रम में पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल ने एफएलएस का वर्क ऑर्डर हैदराबाद की एक फर्म को जारी किया है। इसके लिए 31 दिसंबर की डेडलाइन निर्धारित है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि पश्चिम मध्य रेलवे मंडल का कोटा मंडल इस डेडलाइन में डीपीआर तैयार करके रेलवे बोर्ड को प्रस्तुत कर देगा। यदि ऐसा हुआ तो वर्ष 2025 में इस रेल लाइन के लिए काम आगे बढ़ने लगेगा। हालांकि वित्तीय स्वीकृति के बाद ही मौके पर काम दिखाई देगा। डीपीआर में मुख्य रूप से पटरी बिछाने, पुल-पुलिया-अंडर पास व स्टेशनों के निर्माण आदि के लिए जरूरी व उपयुक्त जमीन का पता चलेगा, तो लागत की स्थिति भी स्पष्ट होगी। खास बात यह भी है कि यह नया ट्रैक तैयार हो जाता है तो सीधे धार्मिक नगरी उज्जैन से कनेक्ट होने के साथ झालावाड़ का मप्र के बड़े व्यापारिक केंद्रों से भी सीधा जुड़ाव हो जाएगा।
ये लाइन दिल्ली-मुंबई ट्रैक से जुड़ेगी। इससे 1 घंटे का समय बचेगा। अभी झालावाड़ से उज्जैन तक बसों पर ही निर्भरता रहती है। मप्र व राजस्थान सीधे जुड़ जाएंगे। इससे धार्मिक पर्यटन भी बढ़ेगा, क्योंकि जिले से बड़ी संख्या में लोग उज्जैन आते-जाते हैं। उज्जैन व मध्यप्रदेश के कई शहरों से भी बड़ी संख्या में लोग गागरोन में हजरत ख्वाजा हमीदउद्दीन चिश्ती की दरगाह पर जियारत करने, पीपाधाम से लेकर झालरापाटन के मंदिरों व चांदखेड़ी जैन मंदिर, धरनावद बालाजी, कामखेड़ा बालाजी के दर्शनार्थ झालावाड़ आते हैं। झालावाड़ मेडिकल कॉलेज, कार्तिक मेले में भी आते हैं, उनका सफर आसान होगा।झालावाड़ सांसद दुष्यंत सिंह धौलपुर का कहना है कि उज्जैन से झालावाड़ तक रेल लाइन को जोड़ने के लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मांग की थी। उन्होंने इस मांग को पूरा किया और अब सर्वे चल रहा है। यह खुशी की बात है कि झालावाड़ का जुड़ाव सीधा महाकाल की नगरी उज्जैन से हो सकेगा। इससे यहां दोनों प्रदेशों के बीच धार्मिक पर्यटन तो बढ़ेगा ही, व्यापारिक गतिविधियों को भी काफी फायदा मिलेगा।
विजय पांडे, सीपीएम ( कंस्ट्रक्शन ) कोटा का कहना है की उज्जैन से झालावाड़ तक की रेल लाइन का सर्वे चल रहा है। जल्द ही यह सर्वे और डीपीआर का काम पूरा हो जाएगा। इस लाइन के बनने से झालावाड़ से उज्जैन तक का नया रेल मार्ग तैयार हो सकेगा।
चित्र : उज्जैन आगर झालावाड़ रेलवे लाईन को सिंहस्थ से पूर्व शुरू करवाने की मुख्यमंत्री से करेगे क्षेत्रवासी आज मांग।

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