जनपद अभ्यूदय के छत्तीस साल फ़िर भी है हालात बेकार _ ,गिरीश पांडेय
सोनभद्र /संतेश्वर सिंह
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सोनभद्र स्थापना दिवस के अवसर पर जनपद वासियों को बधाई देते हुए पूर्वांचल नव निर्माण मंच के नेता गिरीश पाण्डेय ने उपरोक्त उद्गार व्यक्त किया।
मंच के नेता गिरीश पाण्डेय ने कहा कि
चार मार्च 1989 को जब तत्कालीन सरकार ने मिर्जापुर जनपद के दक्षिणी हिस्से को अलग करते हुए नये जनपद सोनभद्र की स्थापना किया तो जनपद वासियों के लिए हर्ष का समय था। लोगों को लगने लगा था कि जिला बनने के बाद सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का संचार होगा, नये कल कारखाने स्थापित होगें जिसमें स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा। साथ ही जनपद के दुरस्थ गांवों में भी विकास की गंगा बहेगी। लेकिन आज जनपद श्रृजन के छत्तीस साल बाद भी जनपद में धरातलीय स्थिति बेहद बेकार है। यहां की प्राकृतिक संपदाओं को सरकारों के संरक्षण में योजनबद्ध तरीके से लूटा जा रहा है, विकास कार्यों में भ्रष्टाचार चरम पर अंजाम दिया जा रहा है। जनपद में दर्जनों कल कारखाने स्थापित होने के बावजूद स्थानीय बेरोजगारों को कार्य का अवसर तक नहीं दे पा रहीं हैं सरकारें। गिरीश पाण्डेय ने कहा कि गैर जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों को चुनने का अब लोग दंश झेल रहे हैं।

















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