सवांददाता नरसीराम शर्मा बीकानेर श्रीडूंगरगढ
श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के गांव मिंगसरिया में पिछले एक महीने से पानी की भारी किल्लत के चलते ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गांव के लोग टैंकरों से पानी मंगवाने को मजबूर हैं, लेकिन यह समस्या का स्थायी समाधान नहीं बन पाया है। दीपावली के समय से ही गांव के अधिकांश ट्यूबवेल खराब पड़े हैं, जिससे पानी की समस्या गंभीर हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी की समस्या के समाधान के लिए जिम्मेदार जेईएन और ठेकेदार एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। ठेकेदार कहता है कि यह काम जेईएन का है, जबकि जेईएन ठेकेदार पर जिम्मेदारी डाल रहा है। इस खींचतान के बीच ग्रामीणों की परेशानी बढ़ती जा रही है। गांव के युवा संदीप सिंह मिंग्सरिया ने बताया कि पानी की किल्लत के चलते गांव के लोगों को दैनिक जरूरतों को पूरा करने में भी दिक्कत हो रही है। कई परिवार तो टैंकर मंगवाने में असमर्थ हैं और उन्हें दूरदराज के इलाकों से पानी लाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, “दीपावली से पहले से ही पानी की स्थिति खराब है। ट्यूबवेलों की मरम्मत तक नहीं की गई है। अब हालात ऐसे हो गए हैं कि लोग पूरी तरह असहाय महसूस कर रहे है। ग्रामीणों ने प्रशासन से कई बार शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। पानी की यह समस्या एक महीने से अधिक समय से चल रही है,लेकिन अब तक न तो ट्यूबवेलों की मरम्मत हुई है और न हीनी की आपूर्ति बहाल की गई है।गांव के लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभागों से जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करने की अपील की है। उनका कहना है कि अगर जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए तो वे आंदोलन का सहारा लेने को मजबूर हो जाएंगे।


















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