सत्यार्थ न्यूज/ मनीष माली
सुसनेर
वेतन मिलना चाहिए 1 लाख 37 हजार , मिल रहे 8 हजार 460 ₹ ? 35 वर्षों की हुई नौकरी।
पद प्रभारी जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी का, वेतन भ्रतय से भी कम।
दबंग देश मनोज कुमार माली
सुसनेर/ मध्य प्रदेश अजब भी है और गजब भी है, यह कहावत तो आपने कई बार सुनी होगी और देखी भी होगी। लेकिन आगर जिले में या कहावत सत्य हो रही है। 35 साल की नौकरी पूरी कर चुके जिले के प्रभारी जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी इस कहावत का उदाहरण है। जिस पद पर यह अधिकारी काम कर रहे हैं। नियमों के अनुसार उनका वेतन 137000 होना चाहिए, लेकिन उक्त अधिकारी की पे स्लिप के अनुसार इनका वेतन 8460 है जो की एक भ्रत्य के वेतन से भी कम है। जानिए क्या है पूरा मामला?
कहानी है सहायक खाद्य अधिकारी के पद पर नियुक्त गोवर्धन लाल बोरसिया की। जिनके पास आगर जिले के जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी का प्रभार भी है। सत्यार्थ न्यूज को मिली बोरसिया की अप्रैल 2023 की पे स्लिप के अनुसार इनका एम्पलाई कोड 240002024 है,
जबकि उनकी नौकरी ज्वाइन करने की तारीख 10 जनवरी 1989 हैं, पे स्लिप पर जोरा शुगर मिल की भारतीय स्टेट बैंक शाखा का अकाउंट नंबर भी दर्ज है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उक्त अधिकारी की सर्विस बुक आगर जिले में मौजूद नहीं है और जिस अधिकारी की सर्विस बुक ही मौजूद नहीं है, वह नौकरी किस आधार पर कर रहा है तथा प्रशासन के जिम्मेदारों ने उसे इतना महत्वपूर्ण पद कैसे दे रखा है? इस पूरे मामले में यह आशंका पैदा हो रही है की उक्त अधिकारी कहीं फर्जी तरीके से तो नौकरी नहीं कर रहा, नौकरी को ज्वाइन करें 35 वर्ष होने के बाद भी यदि किसी अधिकारी कर्मचारी की सर्विस बुक ही मौजूद नहीं है तो उसकी नौकरी ही सवालों के घेरे में आ जाती है। जिला कोषालय अधिकारी अगर भी इस बात को स्वीकार कर रहे हैं कि संबंधित अधिकारी की सर्विस बुक उनके रिकॉर्ड में नहीं है और बिना सर्विस बुक के संबंधित अधिकारी की पेंशन का प्रकरण तैयार नहीं किया जा सकता। कोषालय के जिम्मेदारों के अनुसार उक्त अधिकारी का एम्पलाई कोड मौजूद है जिसके आधार पर वह वेतन जारी कर रहे हैं।
* इनका कहना –
1. अगर कोई कर्मचारी कार्य कर रहा है, तो उसे वेतन तो देना ही पड़ेगा। प्रभारी जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी की सर्विस बुक कोषालय में मौजूद नहीं है। किंतु एम्पलाई कोड के आधार पर कोषालय उनकी सैलरी जारी कर रहा है किसी अधिकारी की सर्विस बुक मौजूद नहीं होना उसके विभाग का मामला है कोषालय को इससे कोई लेना देना नहीं है।
– मनीष कुमार सोलंकी ( जिला कोषालय अधिकारी आगर मालवा)
2. मेरे वेतन का आज दिनांक तक विभागीय तौर पर फिक्सेशन नहीं किया गया है, इसीलिए मेरा वेतन इतना काम है। विभाग के जिम्मेदारों ने मेरे कई प्रयासों के बाद भी अभी तक ईस और ध्यान नहीं दिया है।
– गोवर्धन लाल बोरसिया(प्रभारी जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी आगर मालवा)
















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