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सोनभद्र -*उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही संपन्न हुआ लोक आस्था का महापर्व छठ*

*उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही संपन्न हुआ लोक आस्था का महापर्व छठ*

 

*छठ घाटों पर रहे सुरक्षा के कड़े इंतजाम*

 

*सोनभद्र*/सत्यनारायण मौर्य/संतेश्वर सिंह

Mo 9580757830

सोनभद्र लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा में उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही महापर्व का समापन किया गया ग्राम पंचायत सिकरवार के अमृत सरोवर बांध वैनी के सरदार भगत सिंह खलियारी हनुमान मंदिर पर सैकड़ों की संख्या में व्रती महिलाओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य देकर भगवान भास्कर से संतान प्राप्ति लंबी उम्र सुख समृद्धि उन्नति की कामना की छठ घाट पर व्रती महिलाओं के लिए टेंट समियाना म्यूजिक लाइट बत्ती आदि की व्यस्था ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सतीश जायसवाल वैनी ग्राम रोजगार सेवक रोहित सिंह कुछ जगहों पर समाज सेवी लोगों के द्वारा बेवस्था किया गया था हर वर्ष आस्था के इस महापर्व पर रोहित सिंह द्वारा व्रती महिलाओं के लिए अच्छी व्यस्था की जाती है।

छठ घाटों पर चौकी प्रभारी सरई गढ़ समय समय पर निरीक्षण करते रहे दो चौकीदारों की रात्रि में ड्यूटी भी लगाई गई थी समस्त छठ घाटों पर थाना प्रभारी रायपुर चौकी प्रभारी सरई गढ़ भ्रमणशील रहते हुए आवश्यक निर्देश देते देखे गए वही कल रात्रि में क्षेत्राधिकारी सदर संजीव कटियार ने खलियारी छठ घाट सहित कई घाटों का निरीक्षण किया और संबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिया ।

छठ पूजा की मान्यता के असनुसार इसकी शुरुआत महाभारत काल में पांडवों की माता कुंती के द्वारा किया गया था कहा जाता है कि कुवारेपन में ही कुंती ने उगते सूर्य को जल में खड़ा होकर सूर्य की उपासना की और एक वीर तेजस्वी पुत्र की कामना की जिसके फलस्वरूप दानवीर कर्ण पैदा हुए थे लोक लज्जा के कारण कुंती ने कर्ण को पानी में बहा दिया था जिसका लालन पालन हस्तिनापुर में ही हुआ और आगे चलकर कर्ण एक महान योद्धा हुए ।

छठ पूजा को लेकर कई कहानियां प्रचलित है चार दिनों तक चलने वाला यह पर्व बहुत ही कठिन होता है महिलाएं इस व्रत को बड़ी श्रद्धा के साथ करती है छठी मईया की विशेष कृपा प्राप्त होती है छठ करने वाली महिलाओं पर उनकी सभी मनोकामना पूर्ण होती है।

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