रोजगार अधिकार अभियान के तत्वावधान में 10 नवंबर को दिल्ली में सम्मेलन
इविवि परिक्षेत्र में युवाओं व नागरिकों से जनसंपर्क व संवाद
प्रयागराज, /विजय कुमार यादव

रोजगार अधिकार अभियान की वर्चुअल मीटिंग में 10 नवंबर को गांधी शांति प्रतिष्ठान नई दिल्ली में सम्मेलन करने का निर्णय लिया गया है। इसकी जानकारी देते हुए युवा मंच के राजेश सचान ने बताया कि दो महीने से ज्यादा समय से रोजगार अधिकार अभियान चलाया जा रहा है। देश के कई हिस्सों में इस अभियान में बड़ी संख्या में युवाओं ने भागीदारी की है और नागरिकों का समर्थन मिला है। प्रयागराज समेत उत्तर प्रदेश में सघन अभियान चलाया गया है। रोजगार अधिकार अभियान को विस्तार देने और राष्ट्रीय विमर्श में अभियान के ऐजेंडा को स्थापित हो ताकि युवाओं के ज्वलंत मुद्दों को हल कराया जा सके। रोजगार अधिकार अभियान में प्रमुख रूप से बड़े पूंजी घरानों व उच्च धनिकों की संपत्ति पर समुचित टैक्स लगाने, शिक्षा-स्वास्थ्य व रोजगार की गारंटी करने, देश में सरकारी विभागों में खाली करीब एक करोड़ पदों को तत्काल भरने और हर व्यक्ति की सम्मानजनक जिंदगी की गारंटी करने जैसे सवालों को उठाया जा रहा है। दिल्ली सम्मेलन की तैयारी के लिए इविवि क्षेत्र में छात्रों व नागरिकों से जनसंपर्क व संवाद किया गया।
रोजगार अधिकार अभियान की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि देश में बेरोज़गारी की समस्या हल करने को लेकर सरकार कतई गंभीर नहीं है। जबकि प्रबुद्ध अर्थशास्त्रियों के समूह का स्पष्ट मत है कि सुपर रिच पर समुचित टैक्स लगाकर रोज़गार, शिक्षा स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा का सवाल हल करना मुमकिन है।
हाल में एनटीपीसी के विज्ञापन में न्यूनतम 50 सीटें करने के देशव्यापी मुहिम और उत्तर प्रदेश में 6 लाख रिक्त पदों को तत्काल भरने को लेकर युवाओं के शांतिपूर्ण आंदोलन का समर्थन किया गया। गौरतलब है कि 2019 में एनटीपीसी में 35 हजार से ज्यादा पदों को विज्ञापित किया गया था, उसके बाद एनटीपीसी का 5 साल के अंतराल में जारी विज्ञापन में महज साढ़े ग्यारह हजार पदों को विज्ञापित किया गया है। जबकि रेलवे में करीब 3 लाख पद खाली हैं जिसमें सेप्टी कैटेगरी में भारी संख्या में पद रिक्त हैं। बढ़ती दुर्घटनाओं की इसे बड़ी वजह माना जा रहा है।
जनसंपर्क में युवा मंच के राजेश सचान, बागीश धर राय, प्रदीप चौधरी, अतुल विक्रम, आकाश दीप, अर्जुन प्रसाद आदि शामिल रहे।















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