• नरेंद्र मोदी और जेलेंस्की की 4 महीने में तीसरी मुलाकात, भारत का शांति समाधान के प्रति समर्थन।
सत्यार्थ न्यूज़ : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका दौरे के अंतिम चरण में न्यूयॉर्क में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने यूक्रेन में जारी संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान और क्षेत्र में स्थिरता बहाल करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया। दोनों नेताओं के बीच यह बातचीत संयुक्त राष्ट्र के ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन के दौरान हुई, जो वैश्विक मुद्दों पर केंद्रित था।
प्रधानमंत्री मोदी ने जेलेंस्की से हुई बातचीत के बाद कहा कि हम द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और यूक्रेन में संघर्ष के जल्द समाधान के लिए भारत का समर्थन जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत, कूटनीति और संवाद के जरिए सभी हितधारकों के बीच शांतिपूर्ण समाधान का पक्षधर है।प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत इस संघर्ष के स्थायी समाधान के लिए अपने स्तर पर हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है। भारत का यह दृष्टिकोण हमेशा से स्पष्ट और रचनात्मक रहा है, जिसमें सभी पक्षों के बीच संवाद को प्राथमिकता दी गई है।
विदेश सचिव विक्रम मिस्री के अनुसार, जेलेंस्की ने भी प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों की सराहना की और भारत की इस दिशा में जारी भूमिका के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारत का समर्थन यूक्रेन की संप्रभुता और अखंडता के लिए महत्वपूर्ण है।
यह तीसरी बार था, जब प्रधानमंत्री मोदी और जेलेंस्की ने पिछले 4 महीनों में मुलाकात की। इससे पहले दोनों नेता अगस्त 2023 में कीव में मिले थे, जहां प्रधानमंत्री मोदी ने यूक्रेन की यात्रा की थी। इसके अलावा, जून 2023 में इटली के अपुलिया में हुए जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान भी दोनों नेताओं ने बातचीत की थी।
जेलेंस्की ने भी इस मुलाकात के बाद कहा, “हमारे संबंधों को और मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सहयोग को बढ़ाने के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर था। हमने शांति के सूत्र और शांति शिखर सम्मेलन की तैयारी पर भी चर्चा की।” उन्होंने भारत के स्पष्ट समर्थन के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया।
भारत ने लगातार इस बात पर जोर दिया है कि वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए संघर्षों का शांतिपूर्ण समाधान ही एकमात्र विकल्प है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस मुलाकात के दौरान भी यही संदेश दिया और कहा कि भारत बातचीत और कूटनीति के माध्यम से समाधान खोजने के लिए अपनी भूमिका निभाता रहेगा।प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति जेलेंस्की की यह मुलाकात यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए भारत की प्रतिबद्धता को और मजबूती से सामने रखती है। भारत का रचनात्मक दृष्टिकोण और कूटनीतिक प्रयास इस संघर्ष को हल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। भारत, अपनी शक्ति और संसाधनों के भीतर, इस दिशा में हर संभव योगदान देने के लिए तैयार है।
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