• केंद्रीय नागर विमानन मंत्री श्री राममोहन नायडू ने नई दिल्ली में नागर विमानन पर एशिया-प्रशांत क्षेत्र के दूसरे मंत्रिस्तरीय सम्मेलन का उद्घाटन किया।
नई दिल्ली : केंद्रीय नागर विमानन मंत्री श्री किंजरापु राममोहन नायडू ने आज नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में एशिया-प्रशांत क्षेत्र के दूसरे मंत्रिस्तरीय सम्मेलन (एपीएमसी) का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में केंद्रीय नागर विमानन और सहयोग राज्यमंत्री श्री मुरलीधर मोहोल, अंतर्राष्ट्रीय नागर विमानन संगठन (आईसीएओ) के अध्यक्ष श्री सल्वोतोर स्कितियानो, नागर विमानन सचिव श्री वुमलुनमंग वुअलनाम के साथ महानिदेशकों और एशिया-प्रशांत क्षेत्र के 29 देशों से विशिष्ठ प्रतिनिधियों ने भी भागीदारी की।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्री राममोहन नायडू ने आईसीएओ के अध्यक्ष का निरंतर सहयोग के लिए धन्यवाद व्यक्त किया और उन्नत वैश्विक विमानन मानकों और सुरक्षा में सगंठन की भूमिका की सराहना करते हुए आईसीएओ को 80वीं वर्षगांठ पर बधाई दी। उन्होंने प्रतिनिधियों के उत्साह की सराहना की और कहा कि सम्मेलन एशिया प्रशांत क्षेत्र में अधिक संपर्क तथा सुदृढ़ विमानन क्षेत्र निर्माण के साझा दृष्टिकोण को प्रदर्शित करता है।कार्यक्रम के एक मुख्य आकर्षण में श्री किंजरापु राममोहन नायडू एपीएमसी का अध्यक्ष निर्वाचित हुए। श्री नायडू का नाम सिंगापुर ने मनोनीत किया और भूटान ने इसकी अनुशंसा की। सोलोमन द्वीप समूह और नेपाल ने सम्मेलन के उपाध्यक्ष के लिए फिजी के उपप्रधानमंत्री और पर्यटन तथा नागर विमानन मंत्री श्री विलिमय रोगुईबुली गोवो के नामांकन का समर्थन किया।

एशिया प्रशांत क्षेत्र में नागर विमानन क्षेत्र की वृद्धि गाथा की मुख्य विशेषताओं के बारे में विचार व्यक्त करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में व्यवसायिक विमानन लगभग एक शताब्दी पहले प्रारंभ हुआ और अब यह क्षेत्र वार्षिक रूप से 3.5 अरब यात्रियों से अधिक के साथ वर्ष 2035 तक सबसे बड़ा विमानन बाजार बन जाएगा। उन्होंने क्षेत्र के दीर्घकालिक और संतुलित विकास को सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्रीय हितधारकों के मध्य रणनीतिक निवेश और सहयोग का आहवान किया।श्री राममोहन नायडू ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विमानन क्षेत्र में तीव्र वृद्धि की और ध्यान केंद्रित करते हुए कहा कि वर्ष 2014 में 74 संचालित हवाई अड्डे की संख्या वर्ष 2024 में बढ़कर 157 तक पहुंच गई है और हमारी योजना वर्ष 2047 तक इसे बढ़ाकर 350 से 400 तक करने की है। उन्होंने कहा कि बीते दशक में घरेलू विमान यात्रियों की संख्या दोगुना से भी अधिक बढ़ी है और भारतीय विमानन कंपनियां अपने बेड़े में उल्लेखनीय वृद्धि कर रही है। उन्होंने सरकार के विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करने पर जोर देते हुए कहा कि भारत में नए अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे और बड़े हवाई अड्डों जैसे दिल्ली, कोलकाता और चेन्नई का विस्तार किया जा रहा है।




















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