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महराजगंज : सावन में महिलाएं क्यों पहनती हैं हरी साड़ी,एवं चूड़ियां…?

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• सावन में महिलाएं क्यों पहनती हैं हरी साड़ी,एवं चूड़ियां…?

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महराजगंज, सावन का महीना सुहागिन महिलाओ के लिए विशेषखास होता है।और इतना ही नहीं,इस सावन के महीने में हरे रंग का भी अपने आप में बहुत बड़ा महत्व होता है। सावन की रिमझिम फुहारों वाली बारिश और प्राकृतिक वातावरण की सुंदरता,जो हरी चुनर ओढ़े हुए रहती है,जो बरबस ही हर किसी के मन में उल्लास व उमंग से,सराबोर कर देती है।

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यदि यह कहा जाए कि सावन का महीना पूरी तरह से देवाधिदेव महादेव भगवान शिव तथा हरी – भरी प्रकृति को ही समर्पित है तो,यह कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी।हलांकी अभी सावन का महीना शुरू हुए करीब ग्यारह दिन बीत भी चुका है। सावन के महीने में हरा रंग सुहागिन महिलाओं के लिए कुछ अलग ही खास होता है।देवाधिदेव महादेव भगवान शिव का अतिप्रिय महीना सावन में, महिलाएं हरे रंग में तो,पुरुष वर्ग गेरूआ रंग में नजर आते हैं। क्योंकि इस माह में चारों तरफ वातावरण,में जो हरियाली दिखाई देती है,तो वहीं वायुमंडल का आभामंडल गेरुआ से सजा होता है।

महिलाओं और कुंवारी लड़कियों (जो विवाह के योग्य हो चुकी हैं) के लिए यह सावन का महीना,जो हल्की बारिश की फुहार और मनमस्त करने वाली सोंधी – सोंधी खुश्बू लेकर शीतल हवाएं बहती हैं,ऐसा मौसम उनके श्रृंगार करने के लिए सबसे मनमोहक होता है। सावन के महीने में सुहागिन महिलाएं और कुंवारी लड़कियां (जो विवाह योग्य हो चुकी हैं) हरी चूड़ियां और हरी – हरी साड़ियां,या हरी कुर्ती + लैगिंग्स + दुपट्टा पहनती हैं।

महिलाओं का सावन में हरी चूड़ी या हरे रंग की साड़ी पहनने के पीछे एक विशेष राज़ छिपा हुआ है।हरा रंग सौभाग्य का रंग माना जाता है। तो वहीं हरे रंग को प्रेम, सुहाग,शांति व खुशहाली का प्रतीक भी माना जाता है।यही कारण है की महिलाएं सावन के महीने में,यानी हरियाली और प्रेम के इस मौसम में हरे रंग के श्रृंगार से भगवान और प्रकृति को धन्यवाद देती हैं और अपनी खुशी का इजहार करती हैं।तथा अपने पति/प्रेमी को प्यार और रोमांस के रंग से रिझाती हैं।हरा रंग सौभाग्य और खुशहाली का रंग से जुड़ा होता है।

इसलिए सावन के महीने में महिलाएं या कुंवारी लड़कियां हरे रंग के कपड़ों को पहनना बेहद पसंद करती हैं।

महिलाएं भगवान शिव को खुश करने के लिए हरे रंग की चूड़ियां और वस्त्र पहनती हैं तथा मेंहदी लगाती है।जिससे उन्हें अखण्ड सौभाग्यवती होने का वरदान माता पार्वती और देवाधिदेव महादेव भगवान शिव से मिले,तथा माता पार्वती और देवाधिदेव महादेव भगवान शिव के कृपा से पति अटूट प्यार करें,या अटूट प्यार करने वाला पति मिले।हरा रंग को बुद्ध ग्रह का कारक रंग भी माना जाता है। खुशहाली का हरा रंग इंसान की कामयाबी के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है।कहा जाता है की यह रंग व्यक्ति को उसकी किस्मत से भी आगे उंचाइयों तक पहुंचाता है।

“आचार्य पण्डित वीरेंद्र मणि शास्त्री” जी बताते हैं कि चूड़ियां मन की चंचलता और स्थायित्व प्रेम को प्रदर्शित करती हैं,जबकि कंगन मातृत्व की ललक को उत्पन्न करती है।सावन माह को प्रेम का प्रतीक महीना माना जाता है।सावन के महीने में हरे रंग का श्रृंगार महिलाओं की खूबसूरती को न सिर्फ बढ़ाती है बल्कि जीवन की खुशहाली और तरक्की भी दिलाती है।

सावन में महिलाएं विशेष तौर से मेहंदी भी लगाती हैं।मेहंदी के बारे में मान्यता है कि जिसके हाथ की मेहंदी जितनी गहरी (चटख) होती है,उसको उतना ही अपने पति और ससुराल का प्यार मिलता है। और मेहंदी के बगैर महिलाओं का श्रृंगार अधूरा माना जाता है। यही कारण है कि सावन के महीनों में महिलाओं या कुंवारी लड़कियों के हाथों की कलाइयां,हरे रंग की चूड़ी – कंगनों से भर जाती हैं।

सत्यार्थ वेब न्यूज

शिवरतन कुमार गुप्ता “राज़”

Mon.9670089541

महराजगंज 01/08/024

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