रिपोर्टर देवीनाथ लोखंडे
जिला बैतूल
स्थान कोलगांव (नायक चारसी)
कुकुरमुत्ते की तरह जिले भर में अपनी जड़ फैला चुके हैं झोलाछाप छाप डॉक्टर
पिता का इकलौता पुत्र हमेशा के लिये दुनिया से हों गया अलविदा
खबर बैतुल जिले से.
बैतुल जिले में झोलाभाप डाक्टरों की बाड़ सी आ गई है, जिस पर जिला प्रशासन किसी भी प्रकार कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक कर्मचारियों का भारत सरकार की सारी योजनाओं को पलीला लगा रहे है। अगर किसी को डिग्री के संबंध में पूछा जाता है सो पता नहीं कौन सी डिग्री बताते है। जिसका कोई मतलब ही नही है और कहा जाता है कि हमारे यहाँ पर सब अधिकारी आते हैं। सब को मालुम है।. शायद इसी कारण इन झोलाछाप डाक्टरों के हौसले बुलंद हैं, लोग इलाज कर अपने जीवन से खिलवाड़ कर रहे है। ऐसा ही इन झोलाछाप डॉक्टरों के पास आयुर्वेद की डिग्री होती है इनके द्वारा इलाज किया जाता है इनका एम बी बी एस डाक्टरो वाला फिर चाहे मरीज जिये. था, मरे, मरीज के लिये डॉक्टर भगवान का. दुसरा रूप माना जाता है लेकिन यहाँ तो जल्लादो वाला इलाज हो बेचारा मरीज ही दुनिया से ही चला गया एक बाप इकलौता पुत्र खोकर बेसुध होकर रो रहा है घर का इकलौता बेटा ही था,
सुत्रो से मिली जानकार. के अनुसार जिला मुख्यालय से महज कुछ ही दूर ग्राम कोलगाव के एक झोला छाप डॉक्टर के इलाज से एक आदिवासी परिवार के घर का चिराग बुझ गया ,जिसका नाम विनय पिता बलदेव धुर्वे जो नायक चारसी में निवासी है जिसके बेटे का स्वास्थ्य बिगड जाने से इलाज कराने कोलगाँव में प्रफुल्ल काले के पास लेकर आये, इलाज कराने के बाद घर लाने पर विनय का ज्यादा स्वास्थ्य बिगड़ गया डाक्टर के पास लेकर आते उसके पहले इस गरीब पिता का पुत्र जो सत्रह वर्ष की अल्प आयु में होनहार युवा हमेशा के लिये अपने परिवार को हमेशा के लिए छोड़कर चला गया, जिसे आज पन्द्रह दिन बीत गये उस गरीब पिता पर रसूखदार झोला डाक्टर ने दबाव बनाये रखा है कि इस बात का किसी से जिक्र नही होना चाहिये। झोला छाप डाक्टर अपनी राजनितिक पकड़ और बड़े नेताओं से पहुच का रसूख रखता है। देखते है आखिर इस पिता के साथ क्या होता है।.न्याय होता है अन्याय


















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