बहराइच की थारू जनजाति पर अध्ययन के लिए डॉ.मं रुक्मेश चौहान को मिला प्रोजेक्ट
बहराइच। जिले की उत्तरी सीमा से सटी हुई मिहींपुरवा तहसील के 29 गांवों में थारू जनजाति निवास करती है। इस जनजाति के उत्थान के विषय में किसान स्नातकोत्तर महाविद्यालय बहराइच की प्रबंध समिति के सचिव मेजर डॉ.एसपी सिंह का विशेष ध्यान रहा है और महाविद्यालय में अध्ययनरत थारू जनजाति के छात्र-छात्राओं की समस्याओं के निराकरण में महाविद्यालय हमेशा सक्रिय रहा है। उनकी प्रेरणा और मार्गदर्शन से भारत तिब्बत समन्वय संघ से जुड़ीं डॉ.रुकमेश चौहान को भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद नयी दिल्ली आईसीएचआर ने ‘थारू जनजाति का एक जातीय इतिहास:उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के विशेष संदर्भ में’ विषय पर प्रोजेक्ट प्रदान किया है जिसकी अवधि दो वर्ष की है। कॉलेज में स्थापित सेंटर फॉर हिस्टारिकल स्टडीज के प्रभारी डॉ. सत्यभूषण सिंह ने बताया कि यह प्रोजेक्ट निश्चित रूप से थारू जनजाति के बारे में ऐतिहासिक ज्ञान प्राप्त करने में बड़ी भूमिका निभाएगा।
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