• जलभराव बनी दिक्कत, राहत और उनकी तकलीफ समझने ट्रैक्टर से पहुंचे डीएम-एसपी दिए निर्देश
महाराजगंज भारी बारिश के कारण सोहगीबरवा गांव में जलभराव होने,पर वहां के नागरिकों का दर्द जानने जिलाधिकारी अनुनय झा व पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीणा ट्रैक्टर पर सवार होकर सोहगीबरवा गांव में पहुंचे। बरसात के दिनों में सोहगीबरवा गांव तक पहुंचने में काफी दुश्वारियां होती है।बरसात के दिनों में यहां तक पहुंच पाना आसान नहीं है।जिलाधिकारी ने यहां के लोगों को जरूरी सुविधा मुहैया उपलब्ध कराने का आवश्यक दिशा निर्देश दिया।
दोनों अधिकारी ट्रैक्टर पर बैठकर सोहगीबरवा गांव पहुंचने के बाद,जलभराव एवं बाढ़ जैसे हालात के बारे में जानकारी ली। सोहगीबरवा,बोथहा और शिकारपुर गांव में हालात का जायजा लिया।नारायणी नदी और बिहार क्षेत्र में पड़ने वाले रोहुआ नाला में जलस्तर में वृद्धि होने के कारण सोहगीबरवा क्षेत्र के गांव बाढ़ से प्रभावित हैं।
जिलाधिकारी ने लेखपाल और सचिव सहित चिकित्सा टीम को 24 घंटे बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में तैनात करने का निर्देश दिया है। उन्होंने एसडीएम निचलौल को बाढ़ प्रभावित गांवों से लोगों को निकालकर किसी सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने और उनके लिए खाने-पीने,चिकित्सा व्यवस्था का सही व आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया है।
एस.डी.आर.एफ.की टीम को भी अलर्ट रहने के लिए कहा है।सभी बाढ़ चौकियों को सक्रिय रहने का भी निर्देश दिया। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सभी आवश्यक सेवाओं को सुनिश्चित करने के लिए राहत पैकेट, चिकित्सा सेवा सहित आवश्यक इंतजाम करने का निर्देश दिया।
उन्होंने उपजिलाधिकारी निचलौल को पर्याप्त संख्या में नावों, नाविकों और गोताखोरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और बाढ़ से जुड़े सभी लोगों को सक्रिय व सतर्क रखने का निर्देश दिया है।जिलाधिकारी अनुनय झा ने कहा कि तटबंधों की सुरक्षा और बाढ़ की स्थिति में प्रभावित गांवों में सहायता उपलब्ध कराने के लिए सभी तैयारियों को पुनः जांच लें। किसी भी स्तर पर शिथिलता क्षम्य नहीं होगी।
नारायणी/गंडक तटबंध के किनारे 80 गांव भी पूरी तरह सुरक्षित
जिलाधिकारी अनुनय झा,पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीणा निचलौल क्षेत्र में झुलनीपुर बैराज और सोहगीबरवा क्षेत्र का निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया। सबसे पहले झुलनीपुर रेगुलेटर का निरीक्षण किया,तथा जलस्तर और नेपाल से आ रहे पानी की मात्रा और वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। अधिशासी अभियंता सिंचाई द्वितीय राजीव कपिल ने बताया कि नेपाल की ओर से 04 लाख 41 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।निरीक्षण के दौरान नदी में 3.88 लाख क्यूसेक रिकार्ड किया गया था।उन्होंने अवगत कराया कि नारायणी में जलस्तर बढ़ने पर अतिरिक्त जल सोहगीबरवा क्षेत्र में आने लगता है, जिससे क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
पानी का स्तर नदी में फिलहाल कम हो रहा है,और स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने बताया की नारायणी/गंडक तटबंध के किनारे के 80 गांव भी पूरी तरह सुरक्षित हैं।
बाढ़ चौकियों को हाई अलर्ट पर रखने का निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी बाढ़ चौकियों को हाई अलर्ट पर रखने का निर्देश दिया है। साथ ही तटबंधों की लगातार निगरानी और तटबंधों के सुदृढ़ीकरण और बाढ़ से बचाव संबंधी समस्त तैयारियों को चाक चौबंद रखने का निर्देश दिया है। उन्होंने एसडीएम निचलौल को भी लगातार निगरानी और बाढ़ से निपटने के लिए सभी इंतजाम करने का निर्देश दिया।
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