*मीम्स से आहत भंगार वाले बाबा ने फांसी लगाई*
रणवीरसिंह राजपुरोहित
सोमेसर। सोशल मीडिया पर बने एक मीम्स ने बुजुर्ग की जान ले ली। भंगार लेवणो है थोर से चर्चित हुए बुजुर्ग ने रविवार को लोहावट में लोगों की मौजूदगी में ही पेड़ पर चढ़कर फांसी लगा ली। लोग देखते रह गए। जैसे ही फंदा लगाया उन्हें बचाने की बजाय युवक भाग छूटे। घटना से पहले भी कुछ युवक उन्हें भंगार लेवणों है…. कहकर परेशान करते दिखे। चारों तरफ स्क्यूवेदर ऐसी मजाक से घिरे बाबा ने फलोदी स्टेट हाइवे के पास ठेला छोड़ पेड़ पर चढ़कर फांसी लगा ली। कुछ लोगों को तो माजरा समझ नहीं आया और कुछ भाग गए। बाद में लोहावट पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन तब तक दम घुट चुका था। उसके पास मिले दस्तावेज के अनुसार प्रतापराम चौहटन बाड़मेर का निवासी थे।
*भंगार लेवनो है कि शुरुआत*
जानकारी के अनुसार दो तीन महीने पहले एक जापानी महिला पर्यटक मेगुनी यहां पूरे मारवाड़ में घूमी थी। एक दिन जब वह अपने साथियों के साथ जा रही थी तब बाबा अपने ठेले को खींचते जा रहे थे। उन्हें मदद का कहा तो बुजुर्ग ने कहा कि आपको क्या करना है, भंगार लेना है क्या… इसका युवाओं ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया
इसके बाद यह वीडियो ट्रेंड करने लगा। फिर यह बुजुर्ग जहां कहीं दिखते तो युवक उनका मजाक बनाने लगे। इससे आहत बुजुर्ग ने अपना दिमागी संतुलन खो दिया।में ठेले पर भंगार (कबाड़) बीनकर अपनी आजीविका चला रहे बुजुर्ग रविवार को लोहावट क्षेत्र में थे। इसका पता चला तो कई रील बनाने वाले युवक उनके पास पहुंच गए। उन्हें भंगार भंगार से चिढ़ाने लगे। बुजुर्ग युवाओं के पीछे दौड़े। उनके पीछे पत्थर फेंके। मगर रील बनाने वाले युवक कभी इधर से तो कभी उधर से आकर मजाक बनाते रहे। इससे वे इतना आहत हुए कि ठेला छोड़ पेड़ पर चढ़ गए।
*आखिरी शब्द.. अब आगे कुछ मजाक नहीं बनेगा*
प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि बुजुर्ग सहि बोल रहा था कि आपने परेशान कर दिया, अब ले लेना मजे और यह कह कर रस्सी के सहारे पेड़ से लटक गए। उसके के बाद है सभी युवक वहां से भाग गए। युवकों को अंदाजा नहीं था कि वे आत्महत्या कर लेंगे।

















Leave a Reply