Advertisement

गाडरवारा-गुड़ चना युक्त प्याऊ के समापन पर शरबत वितरण

अजय सोनी

सत्यार्थ न्यूज़ गाडरवारा

गुड़ चना युक्त प्याऊ के समापन पर शरबत वितरण

गाडरवारा । नगर के वरिष्ठ समाजसेवी मुकेश बसेड़िया द्वारा सतत दो माह से चल रही गुड़ चना युक्त प्याऊ के समापन पर विगत दिवस पूर्णिमा पर राहगीरो को शरबत पिलाकर प्याऊ का विधिवत समापन किया
सर्व प्रथम पँ कपिल शास्त्री ने माँ विजयासन व वरुण देवता का पूजन अर्चन किया
कन्याओं के पद पखार कर उन्हें वस्त्र , पठन लेखन सामग्री प्रदान कर आशीर्वाद लिया
वृद्ध व दिव्यांगजनो को वस्त्र आदि प्रदान किया
समापन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ समाजसेवी भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मिनेंद्र डागा, विशिष्ट अतिथि के रूप में महेश रघुबंशी , राजेश पटेल ,प्रदीप कौरव, रजनीश कौरव,मनोज शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार रवि खचांजी , कदम संस्था के प्रणेता अजय खत्री आदि की गरिमामयी उपस्तिथी रही
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मिनेंद्र डागा ने बसेड़िया कि समाजसेवा की सराहना करते हुए कहा कि किसी भी सेवा कार्य को प्रारंभ करना सरल है पर अनेक वर्षों तक अनवरत संचालन अनुकरणीय है, हमने ही 2014 में मां विजयासन इंस्टिट्यूट में इस गुड़ चना युक्त प्याऊ का प्रथम बार शुभारंभ किया था
विगत दो माह से जल सेवा व गुडचना को नियमित रखने वाली माँ विजयासन इंस्टीट्यूट की बेटियां आरती कहार, आरती ठाकुर, कीर्ती विश्वकर्मा, मोहनी कहार ,शिवानी मालवीय, अंकिता श्रीवास्तव, तनुश्री बसेड़िया, के साथ जल सेवा में विशिष्ट सेवा देने वाले घनश्याम , सुनील, रुद्रांश शर्मा, प्रिंन्स बसेड़िया, भारत भूषण तिवारी, नीरज कौरव आदि को वस्त्र भेंटकर सम्मानित किया तथा जल सेवा में सहयोगी रहे रेवाश्री बुक्स के संचालक प्रदीप कौरव व रजनीश कौरव को श्री राम वस्त्र, व श्री राम दरबार से सम्मानित किया
2014 से प्रतिवर्ष वैशाख माह की सतुआई अमावश्या से गुडचना के साथ ज्येष्ठ पूर्णिमा तक गुड़ चना युक्त जल सेवा तक दो माह भीषण गर्मी अनवरत चलती है ,जहाँ राहगीरों के अलावा आसपास डॉक्टर्स क्लिनिक होने मरीजो व रविवार में आदिवासी जो बाजार करने आते है उनके लिए गुड़ चना युक्त जल सेवा विशेष उपयोगी रहती है
बसेड़िया ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि माँ विजयासन व श्री दादाजी की असीम कृपा से सभी सेवाकार्य संचालित होते है ,हम तो निमित्त मात्र है

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!