• अब नेपाल जाने के लिए भी लगेगा पासपोर्ट,पड़ोसी देश की संसद में रखा गया प्रस्ताव।

☞ सीमा पर लगेंगे कटीले तार ।
☞ भारत – नेपाल के बीच त्रेता युग से है बेटी – रोटी का संबंध।
☞ महाराजगंज जिले में भारत – नेपाल की 84 किलोमीटर की खुली सीमा क्षेत्र है।
☞ नेपाल के सांसद रघुजी पंत ने नेपाल – भारत सीमा पर पासपोर्ट लागू करने और कटीले तार लगाने का प्रस्ताव संसद में रखा।

महराजगंज भारत का पड़ोसी एवं मित्र राष्ट्र नेपाल का भारत से बेटी – रोटी का गहरा संबंध त्रेता युग से है।हर कोई बड़ी ही आसानी से भारत – नेपाल के बीच आवाजाही करते आ रहे हैं।लेकिन,अब ऐसा कर पाना संभव नहीं है।क्यों कि,नेपाल की संसद में भारत – नेपाल सीमा पर कटीले तार बाड़ लगाने एवं भारतीय नागरिकों के नेपाल में प्रवेश करने पर पासपोर्ट सिस्टम लागू करने की जोरदार मांग उठी है।
बताया जा रहा है की नेपाल के सांसद रघुजी पंत ने नेपाल के संसद भवन में स्पीकर से मांग कीया है कि,नेपाल – भारत सीमा पर पासपोर्ट व्यवस्था लागू कर सीमा पर कटीले तार बाड़ लगाए जाएं।जो नेपाल के हित में है।

सांसद रघुजी पंत ने नेपाल – भारत सीमा पर पासपोर्ट व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव दिया है।
{पासपोर्ट सिस्टम से दोनों देश को होगा बड़ा नुकसान}

1- पासपोर्ट लगने से पर्यटन व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित होगा।
2- पहले लोग नेपाल में आसानी से आवाजाही कर सकते थे, लेकिन अब दिक्कतों का बहुत बड़ा सामना करना पड़ेगा
3- पहले लोग भारत से नेपाल में कहीं से भी प्रवेश कर लेते थे,पर अब उनको केवल सोनौली बॉर्डर से ही प्रवेश करना पड़ेगा
4- त्रेता युग से ही नेपाल से भारत का रोटी – बेटी का संबंध है।
5-लोग शादी – विवाह किए हैं।जो लोग आसानी से आ जा सकते थे उनको अब काफी दिक्कत होंगी।
6- ठूठीबारी बॉर्डर से भी जो लोग नेपाल चले जाते थे,उनको भी अब सोनौली बॉर्डर से ही प्रवेश करना पड़ेगा
7- इंडो नेपाल बॉर्डर की 84 किलोमीटर खुली सीमा क्षेत्र है, उसको अब तार से घेरा जा सकेगा

नेपाल के संसद भवन में प्रतिनिधि सभा की बैठक में बोलते हुए सांसद रघुजी पंत ने ऐसा प्रस्ताव रखा,जिसे सुनकर हर किसी के होश फाख्ता हो गए।सांसद रघुजी पंत का कहना है कि,एक स्वतंत्र देश को खुली सीमाओं का नियमन और नियंत्रण करना चाहिए।कुछ दिन से तराई में दिनदहाड़े तमाम लोगों के मारे जाने की खबरें आ रही हैं। इसका मुख्य कारण खुली सीमा ही है।
इसलिए एक स्वतंत्र देश को अपनी हमेशा खुली सीमा का नियमन और नियंत्रण करना चाहिए, जो राष्ट्र हित में आवश्यक है।उनका प्रस्ताव है कि सरकार को इस दिशा में एक बेहतर नीति अपनानी चाहिए।भले ही पासपोर्ट व्यवस्था को नेपाल – भारत सीमा पर तुरंत लागू नहीं किया जा सकता है।लेकिन,इसे जल्द से जल्द लागू कर देना चाहिए।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया है कि,पासपोर्ट पर जाने से पहले दोनों देशों के नागरिकों की आवा जाही के लिए संबंधित देशों के राष्ट्रीय पहचान पत्र (आधार) को अनिवार्य तो बनाया ही जा सकता है।हम तुरंत पासपोर्ट प्रणाली लागू करने के चरण में नहीं जाएंगे।
राष्ट्रीय पहचान पत्र जारी किए गए हैं यह नागरिकता भी दे रही है।वहां से आधार कार्ड भी देखा जा सकता है, यहां से जाने पर भी आप नागरिकता की कॉपी देख सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा, हमें धीरे-धीरे नेपाल सीमा पर कटीले तार बाड़ लगाकर और सीमा व्यवस्थित करके पासपोर्ट प्रणाली की ओर बढ़ना होगा।
ब्यूरो रिपोर्ट: सत्यार्थ वेब न्यूज
शिवरतन कुमार गुप्ता “राज़”
महराजगंज
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