कैसरगंज, बहराइच
संवाददाता पंकज कुमार शुक्ला
कैसरगंज लोकसभा मे
इस बार बहराइच ,आसान नहीं होगा इस बार कैसरगंज लोकसभा मे पार पाना, मतदाताओं ने साधी चुप्पी
जातीय समीकरण के लिहाज से यहां ब्राह्मण मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक है। करीब साढ़े चार लाख ब्राह्मण वोटर हैं। सभी दलों की निगाहें ब्राह्मणों पर ही रहती हैं।
नामांकन खत्म होने से एक दिन पहले प्रत्याशियों की तस्वीर साफ होने के बाद से ही सभी दल जातीय समीकरण साधने में जुटे हैं। तकरीबन सभी दलों ने प्रत्याशी अंतिम समय में घोषित किया। इसलिए सभी को प्रचार का समय कम ही मिला। ऐसे में मतदाताओं की चुप्पी से सभी प्रत्याशी चकरघिन्नी बने हुए हैं।
कहीं करण तो कहीं भगत के प्रति दिखा झुकाव
पांच विधानसभा सीटों वाले इस लोकसभा क्षेत्र में कही करण भूषण का समर्थन दिखा तो कहीं भगत राम के प्रति झुकाव नजर आया। सपा प्रत्याशी के प्रति पयागपुर और कैसरगंज में ब्राह्मण मतदाताओं के बीच सहानुभूति देखने को मिली। गोंडा जिले के तरबगंज और करनैलगंज क्षेत्र में बृजभूषण के दबदबे का असर दिख रहा है। वहीं कटरा बाजार विधानसभा क्षेत्र में ब्राह्मण वोट बैंक में बिखराव के संकेत देखने को मिले।
मुफ्त राशन और आयुष्मान की भी हो रही चर्चा
जरवल क्षेत्र के झुकिया के रहने वाले पासी जाति के गौरीशंकर कहते हैं कि पहली बार जिस सरकार ने गरीबों की सुध ली है, भल्लर और मजदूरी करने वाले मोईन अली कहते हैं कि मुफ्त राशन एक बड़ी मदद है।
इसलिए हम तो उसी की मदद करेंगे, जो हम जैसे मजदूरों की मदद करेगा। करनैलगंज के परसपुर कस्बे के अधिवक्ता वीरेंद्र विक्रम तिवारी कहते हैं कि विकास के दावे तो बहुत हो रहे पर बेरोजगारी, पेपरलीक, छुट्टा पशु जैसे तमाम मुद्दे हैं, जिसका जवाब भाजपा से मांगा जा रहा है।
















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