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बहराइच : बाल रोग ओ पी डी मे बढ़ी मरीज़ों की संख्या, पी. आई.सी.यू.वार्ड फुल, गर्मी का नौनीहालो पर सितम

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• बाल रोग ओ पी डी मे बढ़ी मरीज़ों की संख्या, पी. आई.सी.यू.वार्ड फुल, गर्मी का नौनीहालो पर सितम

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संवाददाता पंकज कुमार शुक्ला 

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बहराइच। अप्रैल माह के अंतिम दिनों में ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। कड़क धूप और उमस का दौर शुरू हो गया है। इसका सीधा असर बच्चों की सेहत पर देखने को मिल रहा है। बाल रोग विभाग की ओपीडी में बाल रोगियों की संख्या बढ़ गई है और पीआईसीयू फुल हो गया है। यही नहीं सामान्य वार्ड के भी सभी बेड फुल हैं। शनिवार की दोपहर तक 21 बच्चों को भर्ती करवाया जा चुका था।तराई में मौसम ने करवट बदल ली है और सुबह से ही चटख धूप निकल रही है। दोपहर के समय पार 41 व 42 पहुंच रहा है। इससे बच्चों की सेहत लगातार बिगड़ रही है। बच्चे डायरिया, दस्त, निमोनिया आदि के शिकार हो रहे हैं। आलम यह है कि बोल रोग विभाग की ओपीडी डेढ़ गुना बढ़ गई है। वहीं बीते पांच दिनों में 152 बच्चे बाल रोग विभाग में भर्ती करवाए गए हैं। इसमें 23 अप्रैल को 37, 24 अप्रैल को 27, 25 अप्रैल को सर्वाधिक 43, 26 अप्रैल को 24 और शनिवार की दोपहर तक 21 बच्चों को भर्ती करवाया गया। इसमें ज्यादातर बच्चे डायरिया से पीड़त हैं। शनिवार को बाल रोग विभाग के सभी 38 बेड फुल रहे और दोपहर बाद मरीज के आने पर एक बेड पर दो-दो बच्चों को भर्ती करने की नौबत रही।

• पी.आई.सी.यू. में 10 बेड, 18 बच्चे भर्ती

बाल रोग विभाग के सामान्य वार्ड में भर्ती बच्चों में से गंभीर बच्चों को पीआईसीयू में शिफ्ट किया जाता है। लेकिन शनिवार को पीआईसीयू की भी हालत खराब रही और बाल रोगियों से फुल रहा। आलम यह रहा कि एक बेड पर दो-दो बच्चे भर्ती रहे। पीआईसीयू के 10 बेडों पर 18 बच्चे भर्ती मिले।

• बेड से नदारद रही चादर

मेडिकल कॉलेज में मरीजों की अच्छी सेहत के लिए बेहतर साफ-सफाई के साथ-साथ बेड की चादरें भी साफ सुथरी रखने के आदेश हैं, ताकि भर्ती बच्चों में किसी भी प्रकार का इंफेक्शन न हो। लेकिन शनिवार को बाल रोड विभाग के भर्ती वार्ड में अधिकांश बेडों से चादर गायब रही। वहीं बच्चे और उनकी माताएं बिना चादर के बेड पर लेटे मिले।

• ओ०आर०एस० पिलाते रहें

गर्मी की शुरुआत जल्दी हो गई है। बच्चों का शरीर तापमान का संतुलन नहीं बना पा रहा है। इसके चलते उल्टी, दस्त से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ी है। अभिभावकों को चाहिए की बच्चों को धूप से बचाएं और उनके शरीर में पानी की उपलब्धता बनाए रखें। बच्चे को ओआरएस का घोल पिलाते रहें। बच्चे को किसी भी समय उल्टी, दस्त की शिकायत होती है तो बिना समय गंवाए उसे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं।

-डॉ. अरविंद शुक्ला, बोल रोग विशेषज्ञ

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