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बस्ती।कौन बैठेगा बस्ती-61 लोकसभा की कुर्सी पर

किसके सर सजेगा बस्ती का ताज-2

कौन बैठेगा बस्ती-61 लोकसभा की कुर्सी पर

रिपोर्टर-शिवेश शुक्ला बस्ती उत्तर प्रदेश

बस्ती। अभी जब बस्ती में नामांकन की प्रक्रिया 29 अप्रैल से शुरू होने वाली है और 25 मई को छठे चरण में मतदान होगा, तब तक किसके सर सजेगा बस्ती का ताज पार्ट- 2…

बस्ती लोकसभा क्षेत्र 61 में अभी तक मुख्य रूप से तीन दावेदार सामने आए हैं जिसमें से बीजेपी के सांसद हरीश द्विवेदी , सपा गठबंधन से रामप्रसाद चौधरी और बसपा के दयाशंकर मिश्र | बस्ती में लड़ाई अब त्रिकोणीय रूप से नजर आ रही है सभी प्रत्याशी अपनी जीत के दावे के साथ मैदान में जनता के बीच चुनाव प्रचार में लगे हैं ।
पहले हम बात करते हैं वर्तमान सांसद भाजपा के हरीश द्विवेदी की जो नुक्कड़ नाटक और घर-घर मतदाताओं से मिलकर उन्हें अपने पक्ष में करना तथा चौपाल लगाकर अपनी बात मतदाताओं तक पहुंचानें में लगे हैं ।
भाजपा प्रत्याशी हरीश द्विवेदी.. जनता के सामने जो मुख्य मुद्दे, जो बातें रख रहे हैं वह इस प्रकार हैं..
भाजपा द्वारा 4 करोड लोग को आवास देना.
12 करोड़ घरों में शौचालय का निर्माण.
गरीबों के घरों में बिजली की सुविधा पहुंचाना.
अगले 5 सालों तक मुफ्त राशन..
50 करोड लोगों को चिकित्सीय सुविधा देने हेतु आयुष्मान कार्ड..
सबका साथ सबका विकास..
सरकार के सभी योजनाओं को सब तक पहुंचाना.. उज्ज्वला योजना के तहत रसोई गैस..
इसके अलावा सांसद हरीश द्विवेदी द्वारा इंडिया गठबंधन के साझा प्रत्याशी सपा उम्मीदवार राम प्रसाद चौधरी से सवाल पूछते हुए कहते हैं कि वह एक बार सांसद और तीन बार विधायक रहे, एक बार विधायक रहते हुए कैबिनेट मंत्री रहे, 5 साल उनके भतीजे अरविंद चौधरी सांसद रहे और अब उनके पुत्र अतुल चौधरी 2 साल से कप्तानगंज क्षेत्र के विधायक हैं, इन 27 सालों में उन्होंने बस्ती में कोई पांच विकास का कार्य जो उन्होंने किया है उसको बता दें….
भाजपा उम्मीदवार को विजयी और एक बार फिर से कमल खिलाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे जिलाध्यक्ष विवेकानंद मिश्र द्वारा विपक्ष के मुखर आवाज रहे चंद्रमणि पांडे उर्फ सुदामा को उनके सैकड़ो समर्थको के साथ भाजपा की सदस्यता दिला कर ब्राह्मण मतों के बिखराव को रोकने की कोशिश की साथ ही दयाशंकर मिश्र द्वारा पार्टी छोड़कर बसपा के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने पर हुए डैमेज कंट्रोल को भी साधा ।
अब हम बात करते हैं इंडिया गठबंधन के सपा उम्मीदवार राम प्रसाद चौधरी की जिनको कांग्रेस, आप सहित इंडिया गठबंधन के सभी दलों का समर्थन प्राप्त है परंतु उनके प्रचार और समर्थकों के भीड़ से तो यही लगता है कि वह केवल सपा के ही उम्मीदवार हैं |
चार विधानसभा क्षेत्र में सपा के विधायक हैं जो राम प्रसाद चौधरी को विजयी बनाने के लिए भरपूर कोशिश में लगे हैं ।
इसी कड़ी में सदर विधायक एवं पार्टी के जिला अध्यक्ष महेंद्र नाथ यादव द्वारा क्षत्रिय समाज के कुछ लोगों को पार्टी में शामिल कर क्षत्रिय वोटो को अपने पाले में लाने की कोशिश की है | परंतु विरोधी पार्टी द्वारा यह कहा जा रहा है कि वह उनके साथ पहले से थे केवल दिखाने के लिए यह दिखावा किया गया।
पार्टी द्वारा महंगाई एवं बेरोजगारी को मुद्दा बनाया गया है
सपा मुखिया अखिलेश यादव अब कोशिश कर रहे हैं की सभी जातियों के लोग उनके पक्ष में आए किंतु बस्ती जिले में यादव बहुल इलाकों में दूसरे पार्टी के प्रचार और उनके कार्यकर्ताओं से झगड़ा बवाल करने से पार्टी की छवि यादव पार्टी होकर रह जा रही है।
रुधौली थाना क्षेत्र में घटी घटना22 की रात्रि में एक बारात जो राम को लाए हैं हम उनको लेंगे का गाना डीजे पर बजने पर बवाल और मारपीट करने की घटना में एक 14 वर्षीय किशोर की जान चली गई जिसमे तीन यादव आरोपी को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया है।
जातिगत राजनीति के सहारे चुनाव लड़ रहे राम प्रसाद चौधरी को कांग्रेस आप और सपा के वोटरों से तथा 10 सालों से सांसद रहे हरीश द्विवेदी से नाराज लोगों को अपने पक्ष में कर चुनाव जीतने की उम्मीद लगाए चुनाव प्रचार में लगे हैं ।
हम बात करते हैं बसपा की उम्मीदवार तथा भाजपा में 35 सालों तक रहे चुनाव के और वक्त भाजपा छोड़कर बसपा ज्वाइन कर , बसपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़े दयाशंकर मिश्र को जहां परंपरागत बसपा के मतदाताओं का भरोसा है वही खुद के ब्राह्मण होने के कारण ब्राह्मण मतों को भी पानी की उम्मीद में जीत की आस लगाए चुनाव मैदान में है ।
जहां तक उनके प्रचार की बात है देर से पार्टी में आने के कारण अभी इनका प्रचार गति नहीं पकड़ पाया है परंतु बसपा के परंपरागत वोट बैंक जो है वह इनको मिलने की पूरी उम्मीद है ।
कुल मिलाकर बस्ती लोकसभा क्षेत्र में अभी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं हो पाई है, जिस तरह बीजेपी उम्मीदवार हरीश द्विवेदी चुनाव प्रचार में लगे हैं उसे वह तीसरी बार जीत कर हट ट्रिक लगा पाते हैं या नहीं, तीन बार विधायक और एक बार खलीलाबाद सांसद, एक बार राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके सपा की उम्मीदवार रामप्रसाद चौधरी जो चौधरियों के स्वयंभू नेता है, वह सपा के वोटरों के अलावा अन्य पार्टी के मतदाताओं को कितना अपनी तरफ ला पाते हैं और वह क्या हरीश द्विवेदी की हैट्रिक को रोकेंगे तथा बसपा उम्मीदवार दयाशंकर मिश्र द्वारा जो त्रिकोणीय मुकाबला पैदा कर दिया गया है सफल होंगे या तो 4 जून को मतगणना होने के बाद ही पता चलेगा ।

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