वाराणसी – “काशी को मिलेगी नई पहचान: ₹260 करोड़ की वरुणा रिवरफ्रंट परियोजना को मंजूरी, होटल-गेस्ट हाउसों पर भी VDA का बड़ा अभियान“
वाराणसी के विकास और शहरी व्यवस्था को नई गति देने के लिए वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) ने दो बड़े कदम उठाए हैं। एक ओर जहां शहर के होटल, गेस्ट हाउस, मैरिज लॉन और पीजी प्रतिष्ठानों का विशेष सर्वेक्षण अभियान शुरू किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर ₹260.61 करोड़ की महत्वाकांक्षी वरुणा रिवरफ्रंट विकास परियोजना के लिए VDA और ONGC के बीच महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
होटल, गेस्ट हाउस और पीजी पर VDA की नजर
22 जून से शुरू होने वाले विशेष सर्वे अभियान के तहत शहर के होटल, गेस्ट हाउस, मैरिज लॉन और पीजी प्रतिष्ठानों में भवन मानचित्र, भूमि उपयोग, पार्किंग व्यवस्था, फायर एनओसी, आपातकालीन निकास, अग्निशमन उपकरण और सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी।
VDA ने स्पष्ट किया है कि जिन प्रतिष्ठानों में नियमों का उल्लंघन या सुरक्षा मानकों में कमी पाई जाएगी, उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान पर्यटकों और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।
वरुणा नदी के किनारे बनेगा विश्वस्तरीय रिवरफ्रंट
वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा और ONGC के CSR प्रमुख नीरज कुमार बंसल के बीच ₹260.61 करोड़ की वरुणा रिवरफ्रंट परियोजना के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
परियोजना के तहत वरुणा नदी के तटों को विकसित कर वहां हरित क्षेत्र, वॉकिंग ट्रैक, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, सार्वजनिक स्थल, पर्यटन सुविधाएं और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी।
इस परियोजना को जल निकायों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन के लिए संचालित Water Body Rejuvenation Mission के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद वरुणा नदी का तट काशी के प्रमुख पर्यटन और सार्वजनिक आकर्षण केंद्रों में शामिल हो सकता है।
कार्यक्रम में आयुक्त एवं VDA अध्यक्ष एस. राजलिंगम, ONGC के महाप्रबंधक अटल श्रीवास्तव, अधीक्षण अभियंता अजय पंवार, अवर अभियंता विजय सिंह, आईटी विशेषज्ञ दिनेश सिंह सहित दोनों संस्थाओं के अधिकारी मौजूद रहे।
काशी को आधुनिक, स्वच्छ, हरित और विश्वस्तरीय शहर बनाने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
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