मीडिया प्रभारी मुकेश मीना सत्यार्थ न्यूज़
जिले के 53 अधिकारी-कर्मचारियों ने टीबी रोगियों को बांटे किट
सवाई माधोपुर : चिकित्सा विभाग की टीबी (क्षय) रोगियों को बेहतर पोषण उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से एक सराहनीय पहल निक्षय मित्र में जिले के आम अधिकारी- कर्मचारी भी भागीदारी कर रहे हैं। निक्षय मित्र के रूप में इन कार्मिकों ने टीबी से पीड़ित मरीजों को निक्षय पोषण किट वितरण के लिए 54 हजार रुपये दिए हैं। जिला अस्पताल के माध्यम से पोषण किट टीबी मरीजों को दिए जाएंगे। अस्पताल के चिकित्सकों ने भी निक्षय मित्र बनकर 60 हजार रुपये की राशि प्रदान की। इस राशि से 250 पोषण किट टीबी रोगियों को बांटे गए हैं ताकि क्षय रोगियों के स्वास्थ्य में सुधार संभव हो सके। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जेमिनी द्वारा 50 किट और जिला टीबी अस्पताल के अधिकारी एवं कर्मचारियों द्वारा 100 किट टीबी रोगियों को बांटे गए हैं। जिले में अब तक 2 हजार 242 राजकीय कार्मिक निक्षय मित्र बन चुके हैं। वहीं कुल 9 हजार 191 निक्षय किट वितरित किए जा चुके हैं। कलक्टर काना राम ने चिकित्सा विभाग के जिला अधिकारियों को को इसे मिशन मोड में लेकर विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को निक्षय मित्र बनाने के निर्देश दिए हैं। इस अभियान में बीते एक सप्ताह में जलग्रहण विकास एवं भू संरक्षण द्वारा 12 हजार रुपये पीएचईडी विभाग द्वारा 10 हजार 800 रुपये सूचना प्रौद्योगिकी द्वारा 6 हजार 750 रुपये पोषण किट सहायतार्थ दिए गए हैं। इसी प्रकार सीईओ गौरव बुडानिया एडीपीसी दिनेश कुमार गुप्ता अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी रुपये शैलेन्द्र सिंह डॉ. सरोज बैरवा अधीक्षण अभियंता पीडब्ल्यूडी हरि सिंह मीना अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी गोविंद सहाय मीना द्वारा तीन-तीन हजार रुपये तथा जिला शिक्षा अधिकारी देवी लाल मीना द्वारा 2 हजार एवं एसडीएम गौरव मिŸाल लेखा अधिकारी राम चरण मीना जिला रसद अधिकारी राम भजन मीना द्वारा एक-एक हजार रुपये पोषण किट हेतु दिए गए हे मीना लसाड़िया सीडीओ द्वारा 500 आरएस तथा बृजलाल मीना अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी द्वारा 2 हजार तथा लखपत मीना जिला कृषि अधिकारी द्वारा 500 पोषण किट हेतु सहायतार्थ प्रदान किए
जिला क्षय रोग अधिकारी अमित कुमार गोयल ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य टी.बी. रोगियों को बेहतर पोषण उपलब्ध कराना है उल्लेखनीय है कि ‘निक्षय मित्र’ अभियान के तहत विभिन्न संस्थाएं एवं व्यक्ति टीबी मरीजों को पोषण किट एवं अन्य आवश्यक सहायता प्रदान कर उनके उपचार में सहयोग कर रहे हैं। निक्षय मित्रों द्वारा यह पहल न केवल मानवीय संवेदनाओं का परिचायक है बल्कि समाज के अन्य वर्गों को भी इस दिशा में आगे आने के लिए प्रेरित करती है। टी.बी. उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने में समाज के सभी वर्गों की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने आमजन एवं संस्थाओं से अपील की कि वे भी ‘निक्षय मित्र’ बनकर इस पुनीत कार्य में सहयोग करें।
जिले के 74 हजार से अधिक मरीजो कि स्क्रीनिंग:- विश्व क्षय रोग दिवस के मौके से जिले में 100 दिवसीय विशेष टीबी मुक्त भारत अभियान आयोजित किया जा रहा है। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें 100 दिनों तक जिले मे विभिन्न स्थानों पर केम्प लगाएंगी अभियान का मुख्य उद्देश्य उन लोगों तक पहुंचना है जो बीमारी के लक्षण होने के बावजूद जांच नहीं करवा पा रहे हैं। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉक्टर अमित कुमार गोयल ने बताया कि जिले में 100 दिवसीय टीबी अभियान संचालित किया जा रहा है जिसके तहत कुल 172 स्क्रीनिंग केम्प लगाए जा रहे है इनमे से 133 केम्प लगाये गये है जिनमे से ब्लॉक चौथ का बरवाड़ा मे 12 केम्प में 7363 ब्लॉक खंडार मे 28 केम्प मे 15741 ब्लॉक गंगापुर सिटी मे 17 केम्प मे 15847 ब्लॉक बामनवास मे 24 केम्प मे 23167 ब्लॉक सवाई माधोपुर मे 27 केम्प मे 7170 ब्लॉक मलारना डूगर मे 13 केम्प मे 2692 व बौंली मे 12 केम्प मे 2347 मरीजों की स्क्रीनिंग की गयी है। इन केम्प मे लगभग 74 हजार से अधिक लोगो की स्क्रीनिंग की जा चुकी है 21 हजार 485 लोगो का चेस्ट एक्स रे किया जा चुका है। अभियान के दौरान जिले की समस्त ग्राम पंचायतों की वल्नरेबल आबादी की टीबी स्क्रीनिंग कर जॉंच की जा रही है। टीबी के साथ शुगर और बीपी की भी हो रही फ्री जांच:- अभियान के दौरान गांवों में लगाए जा रहे इन कैंपों में 14 साल से बड़े हर व्यक्ति की सेहत जांची जा रही है टीबी की जांच के साथ-साथ मरीजों का ब्लड प्रेशर शुगर और हीमोग्लोबिन भी फ्री में चेक किया जा रहा है अगर किसी के छाती के एक्स-रे में कोई खराबी दिखती है तो मौके पर ही उसके बलगम का नमूना लिया जा रहा है। जांच में टीबी की पुष्टि होते ही मरीज का इलाज और दवाइयां तुरंत मुफ्त शुरू कर दी जा रही है विभाग ने उन जगहों की लिस्ट तैयार की है जहां टीबी फैलने का खतरा ज्यादा रहता है। इसमें जेल वृद्धाश्रम अनाथालय और रैन बसेरों में रहने वाले लोगों की विशेष जांच होगी।














Leave a Reply