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कलम के सिपाहियों ने दिया श्रम का संदेश: GPM जिला प्रेस क्लब ने मनाई टैगोर जयंती, अध्यक्ष अशद सिद्दीकी सहित सभी सदस्यों ने किया श्रमदान,

कलम के सिपाहियों ने दिया श्रम का संदेश: GPM जिला प्रेस क्लब ने मनाई टैगोर जयंती, अध्यक्ष अशद सिद्दीकी सहित सभी सदस्यों ने किया श्रमदान,

गुरुदेव की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद पत्रकारों ने संभाला झाड़ू, सह-सचिव अजीत गहलोत बोले- टैगोर का दर्शन आज भी प्रासंगिक,

सूरज यादव, गौरेला पेंड्रा मरवाही। “जहां मन भयमुक्त हो और मस्तक ऊंचा रहे…” गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की इन पंक्तियों को बुधवार को जिला प्रेस क्लब गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के सदस्यों ने कर्म के धरातल पर उतारा। विश्वविख्यात कवि और नोबेल पुरस्कार विजेता की जयंती के अवसर पर जिला प्रेस क्लब ने न केवल उनकी प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए, बल्कि अध्यक्ष अशद सिद्दीकी की अगुवाई में सामूहिक श्रमदान कर समाज को स्वच्छता और जिम्मेदारी का संदेश दिया।

सुबह शहर के प्रमुख स्थल पर स्थित गुरुदेव की प्रतिमा पर जिला प्रेस क्लब के पदाधिकारियों एवं सदस्यों का जमावड़ा हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अध्यक्ष अशद सिद्दीकी, सह-सचिव अजीत गहलोत और जिला प्रेस क्लब के अन्य पत्रकारों ने माल्यार्पण कर नोबेल पुरस्कार विजेता कवि को नमन किया। इसके तुरंत बाद कार्यक्रम ने एक नया मोड़ लिया। कलम चलाने वाले हाथों में झाड़ू थामे पत्रकारों ने प्रतिमा स्थल और आसपास के क्षेत्र की सफाई शुरू कर दी। लगभग एक घंटे चले इस श्रमदान में सभी ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सह-सचिव अजीत गहलोत ने गुरुदेव के विराट व्यक्तित्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “1913 में ‘गीतांजलि’ के लिए साहित्य का नोबेल जीतने वाले टैगोर केवल कवि नहीं थे। वे दार्शनिक, शिक्षाविद्, चित्रकार और समाज सुधारक भी थे। भारत का राष्ट्रगान ‘जन-गण-मन’ और बांग्लादेश का राष्ट्रगान ‘आमार सोनार बांग्ला’ उनकी कलम से निकले अमर गीत हैं।” गहलोत ने कहा कि शांतिनिकेतन के माध्यम से गुरुदेव ने शिक्षा को खुले आकाश और प्रकृति से जोड़ा था। उनका मानना था कि असली शिक्षा किताबों से नहीं, जीवन के अनुभवों से मिलती है।

गौरेला पेंड्रा मरवाही जिला प्रेस क्लब अध्यक्ष अशद सिद्दीकी ने इस अवसर पर कहा कि पत्रकार का धर्म केवल खबर देना नहीं है, बल्कि समाज को दिशा देना भी है। “गुरुदेव ने कहा था कि सेवा ही सच्चा धर्म है। हम पत्रकारों ने आज उनकी जयंती पर श्रमदान कर यही संदेश देने की कोशिश की है। जिला प्रेस क्लब आगे भी ऐसे रचनात्मक कार्य करता रहेगा।” सिद्दीकी ने सभी सदस्यों के जज्बे की सराहना की। इस गरिमामय आयोजन में जिला अस्पताल के अधीक्षक डॉ. देवेंद्र सिंह पैकरा, एसएस कॉलेज के संचालक शाहिद खोखर, युवा समाजसेवी नवीन जेम्स तथा सखी सेंटर की महिला अधिकारी ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सभी अतिथियों ने गुरुदेव की प्रतिमा पर पुष्प चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी। डॉ. पैकरा ने कहा, “टैगोर का साहित्य हमें इंसान और इंसानियत से जोड़ता है। आज के तनावभरे दौर में उनकी रचनाएं मरहम का काम करती हैं।” शाहिद खोखर ने कहा कि शिक्षण संस्थानों में टैगोर जयंती जैसे आयोजन छात्रों को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं।

कार्यक्रम में जिला प्रेस क्लब के वरिष्ठ सदस्यों के साथ युवा पत्रकारों की भी सक्रिय भागीदारी रही। स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने प्रेस क्लब की इस पहल की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। लोगों का कहना था कि जब समाज का प्रबुद्ध वर्ग खुद झाड़ू उठाएगा तो स्वच्छता अभियान को निश्चित ही बल मिलेगा।

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