श्री सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में 12 घंटे का अखंड पाठ सम्पन्न, आज होगा भव्य रुद्राभिषेक एवं विशेष पूजन
(दुद्धी सोनभद्र रिपोर्ट – नितेश कुमार)
दुद्धी तहसील क्षेत्र अंतर्गत महुली स्थित श्री सिद्धेश्वर महादेव मंदिर, स्टेशन रोड महुली में दिनांक 15 फरवरी 2026 को 12 घंटे का अखंड पाठ श्रद्धा, आस्था और भक्ति भाव के साथ विधि-विधान पूर्वक सम्पन्न हुआ। उल्लेखनीय है कि इस मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा पिछले वर्ष ग्राम प्रधान श्री अरविंद जायसवाल द्वारा कराई गई थी।
इस पावन धार्मिक अनुष्ठान में क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। प्रातःकाल से ही मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी थी। पूरे दिन “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
अखंड पाठ के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और भजन-कीर्तन से पूरा क्षेत्र शिवमय हो गया। मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। रंग-बिरंगी झालरों, फूल-मालाओं और दीपों से सुसज्जित मंदिर परिसर श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना रहा। भक्त कतारबद्ध होकर भगवान शिव के दर्शन-पूजन करते रहे और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
ग्राम प्रधान महुली श्री अरविंद जायसवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि अखंड पाठ के उपरांत आज भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान से रुद्राभिषेक एवं विशेष पूजन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर अयोध्या से पधारे विद्वान आचार्य श्री तेजभान त्रिपाठी जी के सान्निध्य में रुद्राभिषेक सम्पन्न कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि रुद्राभिषेक में दुग्ध, दही, घृत, शहद, गंगाजल एवं विभिन्न पवित्र द्रव्यों से भगवान शिव का अभिषेक किया जाएगा, जिससे समस्त क्षेत्र में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की जाएगी।
कार्यक्रम को लेकर ग्रामीणों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। आयोजकों के अनुसार बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। मंदिर समिति एवं ग्रामवासियों के सामूहिक सहयोग से यह भव्य धार्मिक आयोजन संपन्न हो रहा है, जिसने क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया है।
मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों से समाज में एकता, भाईचारा और सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूती मिलती है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की है।
महुली क्षेत्र में आयोजित यह अखंड पाठ एवं रुद्राभिषेक कार्यक्रम न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक समरसता और सामूहिक सहभागिता का भी जीवंत उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल है और श्रद्धालु शिव भक्ति में लीन होकर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं।


















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