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किसान भाई हल्‍का पटवारी से संपर्क कर बनवायें फार्मर आईडी

किसान भाई हल्‍का पटवारी से संपर्क कर बनवायें फार्मर आईडी

असुविधा या दिक्‍कत होने पर दें जिला स्‍तरीय कंट्रोल रूम को सूचना

कटनी – किसानों को विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ पारदर्शी एवं सुचारु रूप से उपलब्ध कराने हेतु शासन द्वारा एग्रीस्टैंक योजनांतर्गत भू-स्‍वामियों के लिए फार्मर आईडी (किसान पहचान पत्र) को अनिवार्य किया गया है। कलेक्‍टर श्री आशीष तिवारी ने किसान भाईयों से आग्रह किया है कि वे अपने हल्‍का पटवारी से संपर्क कर फार्मर आईडी बनवा लें। फार्मर आईडी बनवानें में किसी भी प्रकार की असुविधा या दिक्‍कत महसूस होने पर कलेक्‍ट्रेट में स्‍थापित जिला स्‍तरीय कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर 07622-220070 और 07622-220071 पर संपर्क किया जा सकता है।

फार्मर रजिस्ट्री के लाभ

भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्रालय तथा मध्‍यप्रदेश शासन के राजस्‍व विभाग द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक पीएम किसान योजना का लाभ प्राप्‍त करने किसानों की फार्मर आईडी होना अनिवार्य होगा। फार्मर रजिस्‍ट्री के अतर्गत प्रत्येक कृषक भूमिस्वामी को एक यूनिक आईडी जनरेट कर प्रदान की जा रही है ताकि कृषकों को आसानी से केसीसी ऋण कम्प्यूटरीकृत प्रक्रिया के माध्यम से प्राप्त हो सके और हितग्राहीमूलक योजनाओं हेतु लक्ष्य निर्धारण एवं कम्प्यूटरीकृत प्रणाली से सत्यापन की प्रक्रिया सुनिश्चित की जा सके।

फार्मर रजिस्ट्री से किसानों की पहचान सुनिश्चित होगी, किसानों का डेटा बेस तैयार होगा और कृषि सबंधी नीतियों के क्रियान्वन में मदद मिलेगी। फार्मर रजिस्ट्री या फार्मर आईडी से किसानों को पीएम किसान एवं अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में भी आसानी होगी।

यहां बनवा सकते हैं फार्मर आईडी

किसान घर बैठे अपने मोबाइल पर फार्मर सहायक एमपी एप डाउनलोड कर फार्मर रजिस्ट्री करा सकते हैं। मोबाइल एप के अलावा किसान एमपी ऑनलाइन कियॉस्क या कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से भी निर्धारित शुल्क चुकाकर किसान फार्मर रजिस्ट्री की जा सकती है।

कृषक अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र (सीएससी), पंचायत कार्यालय, तहसील कार्यालय और पटवारी से संपर्क कर आवश्यक दस्तावेज (आधार कार्ड, भूमि अभिलेख, मोबाईल आदि) के साथ अपनी फार्मर आईडी बनवा सकते हैं।

कलेक्‍टर श्री आशीष तिवारी ने जिले के सभी कृषकों से शीघ्रातिशीघ्र अपनी फार्मर आईडी अनिवार्य रूप से बनवाने एवं अपनी भूमि का एग्रीस्‍टैक डाटा (फार्मर रजिस्ट्री) लिंक कराने की अपील की है। जिससे उन्हें केंद्र एवं राज्य सरकार की सभी योजनाओं का समय पर लाभ मिल सके और वे जरुरी कृषि संबंधित सेवाओं का उपभोग कर सके। कलेक्‍टर ने सभी राजस्‍व अधिकारियों को भी अभियान स्‍वरूप में फार्मर आईडी बनाने के कार्य को संपादित करने की हिदायत दी है।

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