पांढुर्णा में सामुदायिक पुलिसिंग के तहत “सृजन कार्यक्रम” का शुभारंभ,
व्यक्तित्व विकास पर केंद्रित 15 दिवसीय विशेष अभियान
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश

पांढुरना – सामुदायिक पुलिसिंग को और अधिक सशक्त बनाने तथा किशोर-किशोरियों के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा पांढुर्णा में “सृजन कार्यक्रम” का शुभारंभ किया गया। इस 15 दिवसीय विशेष अभियान की थीम “शक्ति से सुरक्षा की ओर” रखी गई है। कार्यक्रम का संचालन पुलिस अधीक्षक श्री सुंदर सिंह कनेश के कुशल निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नीरज सोनी के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।
कार्यक्रम का शुभारंभ पांढुर्णा थाना परिसर में किया गया, जिसमें पांढुर्णा पुलिस एवं ग्रामीण आदिवासी समाज विकास संस्थान की संयुक्त सहभागिता रही। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नीरज सोनी, थाना प्रभारी श्री अजय मरकाम, ग्रामीण आदिवासी समाज विकास संस्थान के निदेशक श्री विजय धवले, पुलिस निरीक्षक श्रीमती संध्या रानी सक्सेना, रक्षित निरीक्षक श्रीमती अनिता शिवड़े, सहायक उप निरीक्षक श्री आरिफ खान, प्रधान आरक्षक श्री नितेश रघुवंशी सहित शास्त्री वार्ड के बच्चे उपस्थित रहे।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नीरज सोनी ने अपने संबोधन में कहा कि इस 15 दिवसीय अभियान के माध्यम से बच्चों के क्षमता निर्माण और आत्मविश्वास विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कार्यक्रम के अंतर्गत किशोर-किशोरियों को शिक्षा, आत्मरक्षा, कंप्यूटर ज्ञान एवं व्यक्तित्व विकास से जुड़ी गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। साथ ही निबंध लेखन, भाषण, वाद-विवाद, चित्रकला, खेलकूद एवं दौड़ जैसी रचनात्मक और शारीरिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, जिससे बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता विकसित हो सके।
ग्रामीण आदिवासी समाज विकास संस्थान के निदेशक श्री विजय धवले ने बताया कि “सृजन कार्यक्रम” का मुख्य उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच आपसी समन्वय को मजबूत करना, किशोर-किशोरियों को सकारात्मक दिशा देना तथा सामाजिक विकास में पुलिस की सक्रिय भूमिका को सुदृढ़ करना है। यह कार्यक्रम बच्चों को आत्मरक्षा, लैंगिक समानता और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें भविष्य का जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

कार्यक्रम के माध्यम से पांढुर्णा में सामुदायिक पुलिसिंग की अवधारणा को नई मजबूती मिलने के साथ-साथ समाज के नौनिहालों को सशक्त और सुरक्षित भविष्य की ओर अग्रसर करने का प्रयास किया जा रहा है।


















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