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हरिद्वार में नशा मुक्त अभियान के तहत बहुउद्देशीय विधिक सेवा एवं जागरूकता शिविर का आयोजन

पारुल राठौर हरिद्वार

हरिद्वार में नशा मुक्त अभियान के तहत बहुउद्देशीय विधिक सेवा एवं जागरूकता शिविर का आयोजन

उत्तराखंड राज्य सेवा विधिक प्राधिकरण नैनीताल एवं जिला सेवा विधिक प्राधिकरण हरिद्वार के संयुक्त तत्वाधान में कोर कॉलेज हरिद्वार में नशा मुक्त अभियान के तहत बहुद्देश्य विधिक सेवा एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया,जिसमें मुख्य अतिथि माननीय मुख्य न्यायाधीश उच्च न्यायालय नैनीताल गुहनाथन नरेंद्र एवं विशेषत अतिथि न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति गुहनाथन नरेंद्र ने कहा कि चाइल्ड वेलफेयर इंस्टीट्यूट के बच्चे जिनका प्रदर्शन मेरी व्यक्तिगत राय में आज का मुख्य आकर्षण था, जिसके लिए सभी बच्चे तालियों के हकदार है।उन्होंने कहा कि वह एक प्रेरणा स्रोत है,उन्होंने अभी दिखाया कि दृढनिश्चय है तो कोई भी हैंडी कैप बाधा नहीं होती।

उन्होंने कहा कि नशीली दवाओं का उपयोग,हमारे समय की सबसे जटिल सामाजिक चुनौतियों में से एक है,जो कि आर्थिक स्थिति और समुदायों को काटता है।यह एक कानूनी और एक मानवीय दोनों तरह की चिंता है,कानून अपराधों को पहचानता है।उन्होंने कहा कि पूरे देश में नशीली दवाओं की चुनौतियों का पैमाना हाल के वर्षों में काफी बढ़ा है। नवीनतम आंकड़े जो भारत के स्वापक नियंत्रण ब्यूरो एनसीबी द्वारा जारी किए गए है,वह बताते है कि जब्त की गई नशीली दवाओं का मूल्य 25,330 करोड़ रुपए है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने 3451 मामले दर्ज किए है, जिसमें 4394 लोगों की गिरफ्तारियां की गई लगभग 208 करोड़ रुपए की नशीली दवा जब्त की गई , जब्त किए गए पदार्थों में 674 किलो ग्राम चरस,648 किलोग्राम डोडा,79 किलोग्राम अफीम और लगभग 5,100 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया। उन्होंने कहा कि वह व्यक्ति समाज का दुश्मन है, जो नशीली दवाओं का कारोबार करता है, नशीली दवाओं का प्रभाव काफी गहरा है,इसने परिवारों को नष्ट कर दिया है तथा नशेड़ी अपने ही माता पिता एवं परिवार के सदस्यों एवं दोस्तो पर हमला करते है।

उन्होंने शिक्षण संस्थाओं से अपील की है कि छात्र के बीच जागरूकता कार्यक्रम, संवेदीकरण कार्यक्रम शुरू करे एवं ऐसी टीमें बनाए जो समाज के बीच जागरूकता फैलाए। उन्होंने कहा कि उत्तराखण की युवा आबादी तेजी से बढ़ रही है,शहरीकरण और ग्रामीण बदलाव के साथ एक महत्वपूर्ण मोड पर खड़ा है जिसके लिए जागरूकता सबसे मजबूत ढाल है,जिसमें जल्द हस्तक्षेप हमारा सबसे तेज हथियार है और सामुदायिक जुड़ाव हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।उन्होंने उत्तराखंड राज्य से विधिक सेवा प्राधिकरण और सभी सहयोगी संस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि हमारे सामूहिक प्रयास आज आने वाले कल के लाखों युवाओं की भविष्य को आकर देंगे,उन्होंने कहा कि हम एकजुट होकर खड़े होने की प्रतिज्ञा करे कानून, स्वास्थ्य, प्रशासन और नागरिक समाज ताकि हम मिलकर एक नशा मुक्त उत्तराखंड और नशा मुक्त राष्ट्र सुरक्षित कर सके और नशा मुक्त भारत में सार्थक योगदान दे सके।

इस अवसर पर न्यायमूर्ति उच्च न्यायालय राकेश थपलियाल ने कहा कि आज हम सभी इस पवित्र धरा पर ऐसे आयोजन के लिए एकत्र हुए हैं, जिसकी महत्ता समाज के स्वास्थ्य, मानसिक सुदृढ़ता और युवा पीढ़ी के सुरक्षित भविष्य से जुड़ी हुई है। ‘ड्रग अवेयरनेस एवं वेलनेस नेविगेशन’ स्कीम 2025 के अंतर्गत आयोजित यह शिविर हमें याद दिलाता है कि नशे की चुनौती किसी एक परिवार, समुदाय या क्षेत्र की समस्या नहीं, बल्कि संपूर्ण समाज के सामने खड़ी एक गंभीर सामाजिक, मानसिक और आर्थिक चुनौती है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हरिद्वार का सहयोग विशेष रूप से उल्लेखनीय है। कानूनी सेवाओं को आम जनता तक पहुँचाने, समाज में न्याय सुलभता स्थापित करने और नागरिकों के अधिकारों को सुरक्षित करने की जो पहल उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निरंतर की जा रही है, यह शिविर उसी सतत प्रयास का एक और मजबूत कदम है। हमारा उद्देश्य केवल कानून बताना नहीं, बल्कि समाज को सशक्त बनाना,

कमज़ोर वर्गों को सहयोग देना और हर नागरिक को एक सुरक्षित, स्वस्थ और न्यायपूर्ण जीवन की ओर मार्गदर्शन प्रदान करना है। जिला न्यायाधीश हरिद्वार नरेंद्र दत्त ने कहा कि माननीय न्यायाधीशों (माई लॉर्ड्स) के मार्गदर्शन में, कानूनी सेवा प्राधिकरण (लीगल सर्विस अथॉरिटी) की गतिविधियाँ तेज़ी से बढ़ रही हैं।मैं इस अवसर पर जस्टिस राकेश थपलियाल जी का गर्मजोशी से स्वागत करता हूँ, जिन्होंने हमें उस उद्देश्य के लिए शक्ति और प्रेरणा दी, जिसके लिए हम सभी हितधारक (स्टेकहोल्डर्स) यहाँ एकत्र हुए हैं।उन्होंने कहा कि मुझे अपने पुराने दिन अस्सी के दशक के याद आते है, जब ड्रग्स (नशीले पदार्थों) का खतरा चरम पर था और सबसे अधिक प्रभावित राज्य पंजाब था। पंजाब से यह पूरे देश के विभिन्न राज्यों में फैल गया, जिसके कारण देश के लोग अपने बच्चों को स्कूलों और कॉलेजों में भेजने से डरते थे, क्योंकि उन्हें यह आशंका थी कि बच्चे, उनके बच्चे, किसी भी रूप में ड्रग्स की चपेट में न आ जाएँ।इस ड्रग्स के खतरे का सबसे बुरा हिस्सा यह है कि यह युवा पीढ़ी को प्रभावित करता है, जो राष्ट्र का भविष्य है।उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी और राष्ट्र की रक्षा के लिए, डालसा (DALSA) हरिद्वार द्वारा सालसा (SALSA) के तत्वावधान में एक और कदम उठाया गया है, ताकि ड्रग्स के दुरुपयोग के खतरे को किसी भी रूप में समाप्त और नियंत्रित किया जा सके।ड्रग्स के खतरे को नियंत्रित करने के लिए जो योजना (स्कीम) तैयार की गई है, वह है ‘डाउन’ (DAWN), जिसका अर्थ है ‘ड्रग अवेयरनेस एंड वेलनेस नेविगेशन फॉर ए ड्रग-फ्री इंडिया’ (Drug Awareness and Wellness Navigation for a Drug-free India)।इस डाउन योजना की परिकल्पना नालसा (NALSA), राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में की गई है, और इस योजना का उद्देश्य बहुआयामी है, जो ड्रग्स के दुरुपयोग से संबंधित जागरूकता, रोकथाम, पुनर्वास और कानूनी सशक्तिकरण है और हम उम्मीद करते हैं कि हम इसका पालन करेंगे। इस अवसर पर चेयरमैन कोर कॉलेज जेसी जैन एवं सदस्य सचिव विधिक प्राधिकरण प्रदीप मणि त्रिपाठी,एसपी ज्वालापुर जितेंद्र चौधरी एवं एसपी निशा यादव ने भी नशे की प्रवृत्ति रोकने के लिए अपना व्याख्यान दिया।


इस अवसर पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने माननीय मुख्य न्यायाधीश उच्च न्यायालय नैनीताल गुहनाथन नरेंद्र एवं न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल एवं रजिस्ट्रार जनरल उत्तराखंड उच्च न्यायालय योगेश कुमार गुप्ता,जिला जज हरिद्वार नरेंद्र दत्त एवं विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारियों, कार्मिकों,बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों एवं कार्यक्रम में उपस्थित छात्र छात्राओं, जिलास्तरीय अधिकारियों और उपस्थित अतिथियों का कार्यक्रम में पधारने पर आभार व्यक्त एवं धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर रजिस्ट्रार जनरल उत्तराखंड उच्च न्यायालय योगेश कुमार गुप्ता,न्यायधीश अजय कुमार चौधरी, एडिशनल डिस्ट्रिक्ट न्यायाधीश चंद्रमणि रॉय, प्रोटोकॉल विवेक श्रीवास्तव,भारत भूषण पांडे,योगेश्वर कुमार ,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोभाल, सचिव जिला विधिक प्राधिकरण/सीनियर सिविल जज सिमरनजीत कौर, मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा, संबंधित अधिकारी ,ज्यूडिशियल के अधिकारी एवं बार एसोसिएशन के पदाधिकारी, पैरा लीगल वालंटियर एकता अरोड़ा, छात्र छात्राएं एवं जिलास्तरीय अधिकारी सहित भारी संख्या में जन समूह मौजूद रहा।

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