शासकीय प्राथमिक शाला ककरवाहा में स्कूली बच्चों से कार्य करवाया जा रहा, एवं शिक्षक मोबाइल पर बात करने में बिजी
शिक्षा व्यवस्था पर उठते सवाल, जिम्मेदार नहीं दे रहे इस ओर ध्यान
टीकमगढ़ म प्र से कविन्द पटैरिया पत्रकार
बड़ागांव :शासकीय प्राथमिक शाला ककरवाहा में बच्चों को पढ़ाई के बजाय काम करवाने की शिकायत सामने आई है। बताया गया है कि अतिथि शिक्षक द्वारा बच्चों से जबरदस्ती पट्टी उठवाने जैसे कार्य कराए जा रहे हैं, जबकि वह पूरे दिन फोन पर लगे रहते हैं और पढ़ाई नहीं होती। इससे बच्चों की शिक्षा पर गंभीर असर पड़ रहा है और शैक्षणिक वातावरण बाधित हो रहा है।शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन को ऐसे मुद्दों पर संज्ञान लेकर जांच करनी चाहिए, क्योंकि बच्चों से इस प्रकार का शोषण एवं पढ़ाई में लापरवाही कानूनी और नैतिक रूप से निंदनीय है। शिक्षा का उद्देश्य बच्चों को ज्ञान देना है, न कि उनसे कार्य करवाना या उन्हें उपेक्षित करना। अतिथि शिक्षक की जिम्मेदारी होती है कि वह बच्चों की पढ़ाई व विकास के लिए समर्पित रहे।
राज्य और केंद्र सरकार शिक्षा विभाग ने भी बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आदेश जारी किए हैं, जिसमें बाल मजदूरी और बच्चों से गैरशैक्षिक कार्य करवाने पर सख्त रोक लगाई गई है। इस तरह की घटनाएं शिक्षा प्रणाली की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं और सुधार की जरूरत को दर्शाती हैं।यदि ऐसी शिकायतें सही पाई जाती हैं तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होनी चाहिए ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके और वे सुरक्षित माहौल में पढ़ाई कर सकें। गंभीरता से इस मामले की जांच कर दोषी व्यक्तियों पर उचित कार्रवाई आवश्यक है ताकि बच्चों का शैक्षणिक अधिकार सुरक्षित रह सके।इस प्रकार, प्राथमिक शाला ककरवाहा में बच्चों के साथ हो रही इस प्रकार की लापरवाही और दुरुपयोग पर कड़ी कार्रवाई और सुधार की आवश्यकता है, ताकि शिक्षा का सही उद्देश्य पूरा हो सके और बच्चों का हित सुनिश्चित हो।


















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