Advertisement

एसपी मनोहर सिंह मंडलोई के निर्देशन में टीकमगढ़ पुलिस के‘नीड अभियान’ की सफलता —भ्रूण हत्या के मामलों में इस वर्ष 42.85% की कमी

एसपी मनोहर सिंह मंडलोई के निर्देशन में टीकमगढ़ पुलिस के‘नीड अभियान’ की सफलता —भ्रूण हत्या के मामलों में इस वर्ष 42.85% की कमी

महिला थाना पुलिस की कार्रवाई:— नीड अभियान अंतर्गत सोनोग्राफी सेंटरों में भ्रूण परीक्षण रोकने हेतु जांच

टीकमगढ़ म प्र से कविन्द पटैरिया पत्रकार की रिपोर्ट


जिला पुलिस अधीक्षक * मनोहर सिंह मंडलोई* के निर्देशन में महिलाओं की सुरक्षा, स्वतंत्रता और समानता को सुदृढ़ करने हेतु एक व्यापक एवं संवेदनशील अभियान नीड, परी, भरोसा, सहारा, आसरा‘ जिले में निरंतर संचालित किया जा रहा है। इस नवाचारी पहल का उद्देश्य महिला के जन्म से पूर्व (गर्भावस्था) से लेकर बुढ़ापे तक हर चरण में सुरक्षा, संरक्षण और आत्मविश्वास सुनिश्चित करना है।

अभियान के अंतर्गत जिले के प्रत्येक थाने में स्थानीय स्तर पर विभिन्न वर्गों—छात्राएं, युवतियां, वरिष्ठ नागरिक महिलाएं, बेसहारा महिलाएं—को चिन्हित कर उनके लिए विशेष महिला पुलिस दल गठित किए गए हैं। यह दल समय–समय पर विद्यालयों, कॉलेजों, संस्थाओं और समुदायों में पहुंचकर जागरूकता कार्यक्रम, परामर्श, सुरक्षा संबंधी जानकारी, तथा आवश्यक सहयोग प्रदान कर रहे हैं।

नीड अभियान अंतर्गत अवैध गर्भपात एवं भ्रूण परीक्षण पर कड़ी कार्रवाई हेतु पुलिस दल का निरीक्षण

अभियान के ‘नीड वर्ग’ के अंतर्गत 20 नवम्बर 2025 को महिला थाना पुलिस टीम ने शहर के विभिन्न सोनोग्राफी सेंटर और नर्सिंग होम का निरीक्षण कर अवैध गर्भपात एवं भ्रूण परीक्षण संबंधी गतिविधियों की जांच की।

* उपस्थित महिलाओं और पुरुषों को बेटा–बेटी में भेदभाव न करने तथा बालिका के महत्व के बारे में समझाइश दी गई।
* सेंटर संचालकों और स्टाफ को कानूनी प्रावधानों, विशेषकर भ्रूण परीक्षण की पूर्ण प्रतिबंधित स्थिति, से अवगत कराते हुए कड़ी चेतावनी दी गई।
* मेडिकल स्टोर संचालकों को भी किसी संदिग्ध गतिविधि, भ्रूण परीक्षण या अवैध गर्भपात की सूचना तुरंत पुलिस को देने हेतु निर्देशित किया गया।

नीड अभियान का प्रभाव—भ्रूण हत्या के मामलों में उल्लेखनीय कमी

पुलिस अधीक्षक की इस सतत और दृढ़ पहल का प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। वर्ष 2025 में भ्रूण हत्या के मामलों में 2024 की तुलना में 42.85% की कमी दर्ज की गई है, जो इस अभियान की सफलता, जनजागृति और पुलिस–प्रशासन के समन्वय का सशक्त प्रमाण है।

जिला पुलिस प्रशासन महिला एवं बालिका सुरक्षा के इस मिशन को और अधिक व्यापक बनाने की दिशा में कार्यरत है, जिससे हर बालिका न केवल सुरक्षित जन्म ले सके, बल्कि सम्मान, समान अवसर और सुरक्षित वातावरण में जीवन व्यतीत कर सके।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!