पर्यावरण संरक्षण का संदेश: ग्राम तिगांव में 100 पौधों का रोपण, दादागुरुजी के सान्निध्य में हुआ आध्यात्मिक कार्यक्रम
संवाददाता –धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश

पांढुरना – ग्राम तिगांव में प्रकृति संरक्षण और हरित पर्यावरण के संकल्प को साकार करते हुए पर्यावरण वन जलवायु परिवर्तन संवर्धन परिषद इकाई, जिला पांढुरना (म.प्र.) की टीम द्वारा डोंगरगढ़ पहाड़ी परिसर में 100 पेड़ों का सामूहिक रोपण किया गया। इस अवसर पर निरंतर निराहार महायोगी अवधूत दादागुरुजी के सान्निध्य में भव्य आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें ग्रामवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
दादागुरुजी ने अपने प्रेरणादायक वचनों में कहा कि “जहां तीनों देवता निवास करते हैं, वही स्थान तिगांव कहलाता है।” उन्होंने लोगों से पेड़ों को सिर्फ लगाने का ही नहीं, बल्कि उनकी नियमित देखभाल का भी संकल्प लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की दिनभर की रूपरेखा इस प्रकार रही –
🌿 सुबह 10:00 से 11:30 बजे तक: संकट मोचन हनुमान मंदिर में भजन-कीर्तन एवं पूजा-अर्चना।
🌿 सुबह 11:30 से दोपहर 2:00 बजे तक: दत्त मंदिर हिमिच परिसर में दादागुरुजी द्वारा मधुर वचन और संवाद कार्यक्रम।
🌿 दोपहर 2:00 से 3:00 बजे तक: देव वृक्षों की स्थापना एवं पर्यावरण पूजन के साथ विशाल महाप्रसाद का आयोजन।
इस अवसर पर पर्यावरण परिषद की टीम, ग्राम पंचायत तिगांव, स्थानीय श्रद्धालु एवं समाजसेवीजन उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में पर्यावरण संरक्षण को जीवन का हिस्सा बनाने की प्रतिज्ञा ली।
ग्रामवासियों ने बताया कि दादागुरुजी के आशीर्वाद से तिगांव की यह पहाड़ी अब “हरित डोंगरगढ़” के रूप में विकसित की जाएगी, जहां हर वर्ष वृक्षारोपण और संरक्षण का संकल्प दोहराया जाएगा।
कार्यक्रम के सफल संचालन में समस्त धर्मप्रेमी जन, ग्रामवासी एवं आयोजन समिति तिगांव का विशेष योगदान रहा। यह आयोजन न केवल अध्यात्म का प्रतीक बना, बल्कि प्रकृति के प्रति संवेदना जगाने का एक प्रेरणादायक उदाहरण भी रहा।















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