गंगेश कुमार पाण्डेय
05/10/2025
(ब्यूरोचीफ) सत्यार्थ न्यूज़ सुलतानपुर, उत्तर प्रदेश
“जिला प्रशासन व केंद्रीय पूजा समिति हुई आमने-सामने,आयोजकों में आक्रोश“

सत्यार्थ न्यूज़ सुलतानपुर:
“कूरेभार में जिला प्रशासन व केंद्रीय पूजा समिति आमने-सामने”
“पुलिस प्रशासन की तानाशाही शो काज नोटिस के जवाब में पट हुए बंद”
श्रद्धालुओं में आक्रोश सड़क पर बैठकर शुरू किया विरोध प्रदर्शन तो थाना अध्यक्ष का फरमान
“रासुका की करेंगे कार्रवाई”
*”मामला बिगड़ गया तो पहुंचे विधायक व एसडीएम मान मनौता कर मामला संभाला”
“केंद्रीय पूजा समिति के पदाधिकारियो का आरोप गुंडागर्दी पर उतर आई है कूरेभार थाने की पुलिस”
(ब्रेकिंग न्यूज़ सुलतानपुर)
कूरेभार–
बेलगाम अफसर की
जुवान करवा सकती है बवाल*
बीते सावन मास में कावड़ यात्रा के दौरान कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा कर पाँव धुलने के फरमान का पालन करने वाली पुलिस अब बिना अनुमति दुर्गा माता के पूजा पंडाल लगाए तो होगी कार्रवाई ऐसे नोटिस के साथ चर्चा में है और पुलिस की इस क्रिया की प्रतिक्रिया स्वरूप कूरेभार थाना क्षेत्र के केंद्रीय पूजा व्यवस्था समिति के पदाधिकारी व समितियों के आयोजन करता सड़क पर उतर गए। भड़के बाजार वासियों ने जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए विरोध स्वरूप अपने पूजा पंडाल बंद कर दिये जिला पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारे बाजी शुरू कर दी साउंड सिस्टम भी बंद कर दिया गया गया प्रशासनिक तानाशाही के खिलाफ विरोध के स्वर मुखर होने लगे लोग धरने पर बैठ गए। जिले के आला अधिकारियों तक मामले की सूचना पहुंची इसके बाद मौके पर पहुंचे थाना अध्यक्ष ने धमकाते हुए कहा की सड़क पर बैठकर जाम लगाया प्रशासन के खिलाफ काम करने पर रासुका जैसी कार्यवाही हो जाएगी।धर्म और आस्था जैसे संवेदनशील मुद्दे पर थाना अध्यक्ष कूरेभार का यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। सूचना पर क्षेत्र के विधायक राज प्रसाद उपाध्याय मौके पर पहुंचे और बिगड़ रहे मामले को संभालने की कोशिश की।जानकारी पर एसडीएम सदर विपिन कुमार द्विवेदी भी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने स्थिति को भांप कर आयोजन समितियों से वार्ता शुरू किया। घंटो समझौते के दौर चलते रहे अंत में विधायक राज प्रसाद उपाध्याय के सीधे हस्तक्षेप के बाद पुलिस व प्रशासन को बैक फुट पर आना पड़ा। मजे की बात तो यह है कूड़ेभार में इतनी मामलेदारी चलती रही और जिले का सबसे बड़ा संगठन केंद्रीय पूजा व्यवस्था समिति और उसके पदाधिकारी मौन रहे। कूरेभार के मामले को लेकर नगर क्षेत्र में पूजा समितियों के पदाधिकारियो में जिला प्रशासन के खिलाफ नाराजगी बढ़ती जा रही है।सोशल मीडिया पर फैलती अफवाह ही स्थानीय अभियोजन इकाई के सूत्र बन चुके हैं बिना पहलुओं को जांचे उच्च अधिकारियों को भ्रामक रिपोर्ट दी जा रही है। लंभुआ के बाद कूड़ेभार में भी इस तरीके के टकराव दुर्गा पूजा महोत्सव में सब कुछ ठीक होने पर सवाल उठा रहे हैं। पहली बार जिला संभाल रहे जिला अधिकारी कुमार हर्ष की अनुभवहीनता इस महोत्सव में साफ दिख रही है सामाजिक संगठनों व जिले के गण मान्य से उनकी दूरी उनका व्यवहार चर्चा में आ गया है। वहीं पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह दुर्गा पूजा महोत्सव में बेहतर परफॉर्मेंस के लिए लगातार अपने मातहतो को निर्देशित कर रहे हैं। हालांकि अपर पुलिस अधीक्षक अखंड प्रताप सिंह व स्वयं एसपी महोदय की पब्लिक डोमेन में अच्छी छवि जानी जाती है पर बेलगाम मातहत कहीं ना कहीं आयोजन समितियों सामाजिक संगठनों में जिला व पुलिस प्रशासन के प्रति नाराजगी भरते जा रहे हैं। जिले में सक्रिय एक सामाजिक संगठन के प्रदेश के पदाधिकारी लगातार जिले में होने वाली गतिविधियों पर प्रतिदिन फीडबैक ले रहे हैं जिनकी सीधे सूबे के मुखिया तक पहुंचने की सूचना प्रबल हुई है।मौसम साफ होने पर शनिवार को नगर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। जिला प्रशासन से पूजा पंडाल डीजे अन्य आयोजनों की अनुमति ने जहां आयोजकों के माथे पर बल ला दिया है वही जिला प्रशासन को भी कटघरे में खड़ा करने के लिए तैयार है।
“अफवाहो व गलत फीडबैक से रद्द हुए कार्यक्रमों से भी नाराजगी”
दुर्गा पूजा महोत्सव में होने वाले कई कार्यक्रमों की अनुमति अफवाह व गलत फीडबैक के आधार पर रद्द करने से शहर में जिला प्रशासन के प्रति आयोजको समेत पूजा समितियो से जुड़े कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ी है। हालांकि जिला व पुलिस प्रशासन ऐसे कार्यक्रमों को लेकर काफी सतर्क नजर आता रहा है। भरत मिलाप के मंच पर जिले के आला अधिकारियों की नामौजूदगी ने भी केंद्रीय पूजा व्यवस्था समिति के अस्तित्व पर सवाल उठा दिए हैं ऐसे ढुलमुल रवैये से केंद्रीय पूजा व्यवस्था समिति पर पूजा आयोजन समितियों के विश्वास के बीच दूरी बढ़ना भी तय माना जा रहा है बीती दिनों से हो रही प्रशासनिक हलचल व नित नए घटनाक्रम के बीच आने वाले समय में सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार अनुमति के बावजूद आस्था पर चोट पंहुचाने वाले भारी भरकम डीजे जिला प्रशासन का सिर दर्द बनने को तैयार बैठे हैं।
“सोशल मीडिया पर गलत सूचनाओं से खराब हो रही स्थिति”
सोशल मीडिया पर चली खबर के मुताबिक आयोजनों में टिकट सहयोग राशि पर जीएसटी की चर्चा भी आम हो गई। प्रशासन द्वारा दी गई अनुमति के अनुसार क्या आगे के कार्यक्रमों का पालन हो सकेगा या फिर कथित ठेकेदारों की लगाई चिंगारी की भेंट चढ़ेगा यह देखने वाला विषय होगा जिम्मेदार अफसरों की इन आयोजनो से दूरी, छवि चमकाने व छपास रोगी, ब्लैक बैकग्राउंड वाले कथित संगठनों से जुड़े लोगों की आंख से देखने की नई रवायत से प्रशासन के भी कटघरे में खड़ा होने की संभावना दिखाई देने लगी है।फिलहाल पुलिस व प्रशासन का रवैया सहयोगी ना हुआ तो विषम परिस्थितियां बनने में देर नहीं लगेगी। स्थानीय अभियोजन इकाई को भी अपने अफसरो को सही फीडबैक देने की जरूरत दिखाई पड़ रही है।……
ग्राउंड रिपोर्ट

















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