कोख से जन्म देने वाली ने बच्चों को बनाया अनाथ पिता की हत्या के जुर्म में सलाखों के पीछे, वर्दीधारियों ने पेश की इंसानियत की मिसाल
रिपोर्टर मोहम्मद सेबू
सुल्तानपुर

तीन बच्चों से उनके पिता का साया कोख से जन्म देने वाली मां ने छीना। इसकी सजा भोगने वो प्रेमी संग जेल की सलाखों के पीछे है। बूढ़ी दादी और मजदूरी कर अपने परिवार को पालने वाला चाचा ग़रीबी में उन तीनों का अब पालन हार बना हुआ है। ठीक इस आलम में खाकी वर्दी वालों ने इंसानियत की मिसाल कायम की है।
सोमवार को सीओ लंभुआ अब्दुस सलाम खान, चांदा थाने के इंस्पेक्टर अशोक कुमार सिंह और क्राइम इंस्पेक्टर तनवीर खां किंदीपुर स्थित मृतक महेश के घर पर पहुंचे। पुलिस की गाड़िया रुकते ही जहां महेश के परिवार में बच्चों से लेकर बड़ो तक सबका दिल ठहर उठा। तभी पुलिस कर्मियों ने भी कहा घबराने की जरुरत नहीं है, हम सब आपकी मदद को आए हैं। इस पर बच्चों ने राहत की सांस लिया। इसके बाद पुलिस की सरकारी गाड़ी से एक-एक कर कई बोरिया सिपाहियों ने उतारा।
सोमवार को चांदा क्षेत्र पहुंचे जहां कुछ दिन पहले महेश कुमार की हत्या कर दी गई थी दुर्भाग्य यह रहा की उनकी पत्नी पूजा ही उनकी कातिल निकली जिसकी वजह न्यायिक अभिरक्षा में उसे जेल भेज दिया गया है जिससे परिवार की दो बेटियां और एक मासूम बेटा अनाथ हो गए। इन मासूम बच्चों और मृतक की बूढ़ी मां के दुख को देखते हुए अधिकारियों ने स्वयं आगे बढ़कर सहयोग के लिए हाथ बढ़ाया।
बोरियों में जहां गेंहू, चावल, आटा, आलू समेत अन्य गृहस्थी के हजारों रुपए के सामान थे। इसे महेश के बच्चों को देकर पुलिस अधिकारियों ने कहा यह सब बच्चों तुम्हारे लिए हैं। यही नहीं बल्कि वर्दी धारियों ने बच्चों को दुलार दिया और आश्वासन दिया कि प्रशासन हरसंभव मदद करेगा। क्षेत्राधिकारी अब्दुस सलाम ने कहा कि “हम भी परिवार से हैं और इंसानियत यही कहती है कि एक-दूसरे की मदद करें।” उन्होंने ग्रामीणों से भी अपील की कि इन बच्चों के पालन-पोषण में सबको बढ़-चढ़कर योगदान करना चाहिए।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पुलिस अपराधियों की शत्रु और जनता की मित्र है। इस मौके पर वरिष्ठ उपनिरीक्षक चुन्नू लाल, हेड कांस्टेबल मोहन यादव,कांस्टेबल अनुराग पाल, कांस्टेबल विकास व आरक्षी चालक सोनू भी मौजूद रहे। पुलिस टीम की इस पहल से ग्रामीणों में सकारात्मक संदेश गया और लोगों के दिलों में पुलिस के प्रति भरोसा और गहरा हुआ।
इस दौरान कई ग्राम प्रधान भी मौजूद रहे जिनमें अहिरौला ग्राम प्रधान शेर बहादुर यादव, कयामुद्दिनपुर ग्राम प्रधान पंकज सिंह, नूरम पट्टी ग्राम प्रधान केदारनाथ सिंह, गोपीनाथपुर ग्राम प्रधान संतोष कुमार अग्रहरी और बड़ा गांव ग्राम प्रधान उमाशंकर यादव शामिल थे भारी संख्या में ग्रामीणों ने भी पुलिस अधिकारियों के इस मानवीय कार्य की सराहना की और बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए सहयोग का आश्वासन दिया।
बता दें कि गुरुवार को महेश की पत्नी पूजा और उसका प्रेमी डंगर जेल भेजा गया था। मंगलवार की शाम महेश घर से निकला और वापस नहीं आया था। अगले दिन तीन सौ मीटर दूर बाग में पेड़ के पास उसका शव मिला। गला रेत कर उसकी हत्या की गई थी। पुलिस ने बुधवार दोपहर पहले प्रेमी और अर्थी उठने के समय महेश की पत्नी को गिरफ्तार कर लिया था। अवैध संबंध में दोनों ने मिलकर महेश की हत्या की थी। सर्विलांस से पुलिस ने मामले का खुलासा किया था।

















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