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गिरिराज, ब्रज का हृदय- राधा मोहन शरण महाराज,जांगिड़ परिवार की ओर से आयोजित भागवत कथा का षष्ठम दिवस

सत्यार्थ न्यूज श्रीडूंगरगढ़-सवांददाता ब्यूरो चीफ

सरदारशहर। सोमवार को स्वभूराम निम्बार्क पीठ के जगदगुरु राधा मोहन शरण महाराज ने सरदारशहर के सम्पतराम जांगिड़ परिवार की ओर से आयोजित अष्ठ दिवसीय श्रीमदभागवत कथा के छठे दिवस की कथा में ब्रज के गिरिराज क्षेत्र का महत्व प्रतिपादित करते हुए कहा कि गिरिराज ब्रज का हृदय है। गिरिराज की परिक्रमा से धर्म,अर्थ,काम,मोक्ष चारों पुरूषार्थ की प्राप्ति होती है। निम्बार्क पीठाधीश्वर ने कथा में कहा कि भगवान के अवतरण का हेतु अन्य जीवों की भांति कर्मानुसार नहीं है। वे अधर्म निवारण और धर्म की स्थापना तथा साधुजनों को त्राण देने के लिए आते हैं। भगवान कर्मातीत हैं, परंतु मनुष्य आदि प्राणियों के जन्म सदैव ही कर्माधारित है। कमल जांगिड़ परिवार ने आज छप्पन भोग का प्रसाद लगाकर गिरिराज जी का पूजन किया। सरदारशहर के जम्मड़ों कुए के निकट चल रही कथा में आज सुधि श्रोताओं की भरपूर उपस्थिति रही। कृष्ण की बाल लीलाओं का मनोहारी वर्णन करते हुए राधा मोहनजी महाराज ने कहा कि ये सभी लीलाएं आपके मन का संकर्षण करती हैं। चित्त और मन को निर्मल करती हैं। आपने मन विषय पर एक विस्तृत प्रवचन करते हुए कहा कि मन ही समस्त तरह के क्रिया व्यापार का प्रेरक है, इसलिए समस्त प्रकार की सावधानी मन की ही रखनी चाहिए। मन की मुक्ति ही आपकी मुक्ति है। प्रवचन के दौरान साहित्यकार चेतन स्वामी ने कहा कि सरदारशहर धार्मिक और सांस्कृतिक शहर है। स्थापना काल से ही यहां अनेक प्रतिभाओं ने इस भूमि का नाम रोशन किया है।

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