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क्षेत्र के गांव लिखमादेसर में कलश यात्रा के साथ शुरू हुई नव दिवसीय शिव महापुराण कथा, श्रद्धालुओं के लिए कथा स्थल जाने के लिए कालुबास से निःशुल्क बस की सुविधा भी उपलब्ध पढ़े धार्मिक आयोजन की पूरी खबर

सत्यार्थ न्यूज श्रीडूंगरगढ़- सवांददाता ब्यूरो चीफ

क्षेत्र के गांव लिखमादेसर में नो दिवसीय शिव महापुराण कथा का धार्मिक आयोजन शनिवार को कलश यात्रा के साथ शुरू हुआ जगदीश प्रसाद पुत्र जयचन्द राम तिवाड़ी परिवार द्वारा आयोजित शिव महापुराण कथा शनिवार को कलश यात्रा के साथ धूमधाम से शुरू हुई। कलश यात्रा शनिवार को सुबह 8:15 बजे शिव मंदिर से रवाना हुई जो मुख्य मार्गों से होती हुई निज निवास कथा स्थल पहुँची शोभा यात्रा में महिलाओं ने बडी सँख्या में एक जैसी परिधान पोशाक पहने हुए सर पर मंगल कलश धारण कर शामिल हुई। कथा स्थल पर शानदार डोम तैयार किया गया है। तथा गर्मी से राहत के लिए कुलरो के भी उचित प्रबंध किये गए है। तथा महिलाओं व पुरूषों के बैठने की व्यवस्था भी अलग अलग व व्यवस्थित तरीके की गई है। दूसरे दिन की कथा में रविवार को दोपहर 12:15 बजे से शाम 4:15 बजे तक में कथा वाचक शिवेन्द्राश्रमजी महाराज ऋषिकेश ने बताया कि भगवान अपने शिव की मूर्ति एवं शिवलिंग के स्वरूप का परिचय दिया। पाठवाक्षर मंत्र अर्थात ॐ नमः शिवाय इस मंत्र की उत्पत्ति के विषय में बताया। अ उ और म् बनकर ॐ कहलाता है, जो प्रणवा मंत्र है। प्रणवा मंत्र से ही सारी सृष्टि का सर्जन होता है। शिव के पांच मुख से पांच अक्षर निकले, पहले मुख से न दूसरे मुख से म तीसरे से शि चौथे से वा पांचवे मुख से य अक्षर निकला, यह पंचाक्षर मंत्र कहलाते हैं। ॐ अर्थात प्रणवा मंत्र से ही गायत्री एवं वेद तथा सभी पुराणों की रचना मानी गई है। इसके उपरांत पार्थिव शिवलिंग के विषय में विस्तरित वर्णन किया। सतयुग में मणि का शिवलिंग का विशेष महत्व है, त्रेता युग में स्वर्ण का, द्वापर युग मे पारद (पारे) आदि से बने शिवलिंग का महत्व है और कलयुग में मिट्टी से बने शिवलिंग अर्थात पार्थिव शिवलिंग की पूजा का बड़ा महत्व है। त्रिपुण्ड धारण विधि का वर्णन किया कि त्रिपुण्ड में तीन रेखा है, पहली रेखा ब्रह्मा, दूसरी रेखा में विष्णु एवं तीसरी रेखा में स्वयं शिव विराजमान करते हैं। बिल्व पत्र का भी वर्णन किया कि जो व्यक्ति एक भी बिल्व पत्र शिवजी को चढ़ा दे तो उसे वाजपेय यज्ञ, सोम यज्ञ करने का फल प्राप्त होता है। कथा के दूसरे दिन भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए

नोट- कस्बें में कथा में आने जाने के लिए कालूबास पाराशर जी मन्दिर के पास से निःशुल्क बस की सुविधा भी उपलब्ध करवाई गई है।

बस के लिए संपर्क करे-+91 98308 85194 (सीताराम) बस रवाना का समय 11 बजे


सत्यार्थ न्यूज श्रीडूंगरगढ़-भव्य कलश यात्रा के साथ शुरू हुई शिव महापुराण कथा


सत्यार्थ न्यूज श्रीडूंगरगढ़- बड़ी सँख्या में महिलाओं व युवतियों ने एक जैसी परिधान पोशाक सर पर मंगल कलश धारण कर हुई शोभायात्रा में हुई शामिल


सत्यार्थ न्यूज श्रीडूंगरगढ़- कथा के दूसरे दिन रविवार को शिवेन्द्राश्रमजी महाराज ने शिव की मूर्ति एवं शिवलिंग के स्वरूप का परिचय दिया।

सत्यार्थ न्यूज श्रीडूंगरगढ़-कथा का श्रवन करने बड़ी संख्या में शामिल हुए श्रद्धालु

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