सत्यार्थ न्यूज श्रीडूंगरगढ़-सवांददाता ब्यूरो चीफ
नया साल 2025 जनवरी माह से आरंभ हो गया था। वहीं हिंदू नववर्ष की बात करें,तो वह चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि के साथ आज आरंभ हो गया है। और इस बार ग्रहों की विशेष स्थिति के कारण इसका व्यापक प्रभाव देश-दुनिया पर देखने को मिलेगा। पंचांग के अनुसार यह नववर्ष ‘2082 नाल नाम संवत्सर कहलाएगा। इस समय ग्रहों की स्थिति राजनीति,अर्थव्यवस्था, समाज और प्राकृतिक घटनाओं को प्रभावित करेगी। ज्योतिषी पंडित बनवारी लाल पारीक से जानें हिंदू नववर्ष का देश-दुनिया पर क्या असर देखने को मिलने वाला है। पंडित बनवारी लाल पारीक ने दी जानकारी सबसे बड़ी बात यह है कि इसी दिन ग्रहों के नए मंत्रिमंडल का गठन होगा और नए राजा और मंत्री का भी कार्यभार नए ग्रह संभालेंगे इस नए मंत्रिमंडल के गठन के बाद क्या होगा? इसका असर और राशियों के अनुसार उस पर क्या होगा? जानें क्या होता है सिद्धार्थ नाम संवत्सर इस बार वर्ष गणना का यह काल है। वर्ष संवत 2082 कलयुग आरंभ से 5126 वर्ष बीत चुके हैं। अगर हम शक संवत की बात करें तो 1947 शक संवत्सर बीत चुके हैं। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन ही सृष्टि का आरंभ हुआ था। इसलिए इस दिन से ही हम वर्ष आरंभ मानते हैं,इसे हम सिद्धार्थ नाम संवत्सर के नाम से जानेंगे उन्होंने बताया कि इसका फल बहुत उत्तम है। यह वर्ष उन्नति दायक है समग्र सृष्टि,समग्र मानव जाति के लिए इस वर्ष की विशेषता यह है। कि यह वर्ष राजा और मंत्री दोनों एक ही ग्रह के पास रहने वाला है। इस बार राजा और मंत्री दोनों पद पर सूर्य रहेंगे सूर्य का दोनों पदों पर रहने की वजह से मंत्री और राजा के बीच किसी तरह का मतभेद नहीं रहेगा,जिसकी वजह से सारी चीज बहुत ही उत्तम तरीके से आगे बढ़ेंगे
उन्होंने बताया कि नव संवत्सर बहुत ही उत्तम और अच्छा फल देने वाला साबित होगा बुद्ध के प्रभाव से वर्ष की स्थिति संतोषजनक होगी,लेकिन इस वर्ष गर्मी भी खूब पड़ेगी आगजनी की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं,क्योंकि सूर्य राजा और मंत्री दोनों पदों पर होगा प्राकृतिक आपदाओं के बीच फसलें अच्छी रहेंगी उन्होंने बताया कि गेहूं,धान,गन्ना आदि की उपज में बढ़ोतरी होगी,जबकि शीतकालीन फसलों के मामले में इसके स्वामी चंद्रमा के होने की वजह से मूंग बाजरा,सरसों की उपज भी अच्छी रहेगी नए संवत्सर का असर अन्य भूमि भवन,शिक्षा,सोना व तकनीक के क्षेत्र में भी देखने को मिलेगा और इन सभी के दामों में उछाल आएगा उन्होंने बताया कि सूर्य के राजा व मंत्री होने से इस वर्ष तापमान सामान्य से ऊपर जा सकता है,यानी अत्यधिक गर्मी लोगों को झेलनी पड़ेगी चैत्र और वैशाख मास अत्यंत कष्टकारी होंगे. आश्विन और कार्तिक के महीने में हवा बहुत तेज होगी सावन महीने में अनाज में तेजी और अश्विन के महीने में मंडी का दौर देखने को मिल सकता है। उन्होंने बताया कि आर्थिक दृष्टि से यह नव संवत्सर काफी बेहतर माना जा सकता है,लेकिन राजनीतिक दृष्टि से इसका प्रभाव थोड़ा सा उलटफेर वाला देखने को मिल सकता है। सूर्य के विशेष प्रभाव में होने के कारण भारतीय राजनीतिक पृष्ठभूमि पर इसका असर देखने को मिलेगा उन्होंने बताया कि विदेशी कूटनीति में भारत को लाभ मिलेगा और कई राज्यों में सत्ता परिवर्तन का योग बनेगा सूर्य के राजा और मंत्री दोनों पदों पर होने की वजह से सत्ता और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच सामंजस्य स्थापित रहेगा और बेहतर तरीके से कार्य आगे बढ़ेंगे उन्होंने बताया कि नवरात्रि आज 30 मार्च को शुरू हो हो रहा है। चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन पूजन पाठ के साथ ही नव संवत्सर का आगमन और स्वागत अपने तरीके से हर सनातनी को करना होता है। इस दिन अपने घर के दरवाजे पर आम की पत्तियों को लगाकर घर के छत या बालकनी में सनातनी ध्वज (भगवा पताका) जरूर लगाना चाहिए
ग्रहों की स्थिति और विशेषताएं
⚫️सूर्य और चंद्रमा की स्थिति नए साल के दिन सूर्य मीन राशि में रहेगा,जो आध्यात्मिकता, अंतर्ज्ञान और मानसिक शांति को बढ़ावा देगा।
⚫️चंद्रमा मेष राशि में रहेगा,जो आत्मविश्वास और उत्साह बढ़ाएगा।
⚫️शनि और बृहस्पति का प्रभाव शनि मकर राशि में रहेगा,जो कर्म प्रधानता और अनुशासन बढ़ाएगा।
⚫️बृहस्पति (बृहस्पति) वृषभ राशि में स्थित होगा,जो आर्थिक मामलों में स्थिरता और व्यावसायिक प्रगति का संकेत देता है।
⚫️मंगल और राहु-केतु की भूमिका मंगल मिथुन राशि में रहेगा जो संचार और प्रौद्योगिकी से जुड़े क्षेत्रों में तेजी लाएगा।
⚫️राहु मीन राशि में और केतु कन्या राशि में रहेंगे,जिससे आध्यात्मिकता में वृद्धि होगी और राजनीतिक क्षेत्र में कुछ उथल-पुथल होगी।
देश और दुनिया पर प्रभाव
● सरकार के बड़े फैसलों और नीतियों में बदलाव हो सकते हैं।
● यह संवत्सर भारत के लिए आर्थिक रूप से स्थिरता और विकास लेकर आएगा।
● न्यायपालिका से जुड़े बड़े फैसले आ सकते हैं।
● प्राकृतिक आपदाओं, खासकर गर्मी और बारिश के असामान्य प्रभाव की संभावना रहेगी।
● विश्व स्तर पर कुछ देशों में राजनीतिक अस्थिरता और युद्ध जैसे हालात पैदा हो सकते हैं।
● अमेरिका, चीन और रूस के संबंधों में उतार-चढ़ाव रहेगा।
● जलवायु परिवर्तन का असर बढ़ेगा और अप्रत्याशित मौसम देखने को मिल सकता है।
● शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव रहेगा, लेकिन डिजिटल करेंसी और टेक्नोलॉजी सेक्टर में तेजी आ सकती है।
आइये जानते हैं राशियों के लिये कैसा रहेगा नव संवत्सर
मेष : यह वर्ष मिश्रित फलदायी है। स्वास्थ्य संबंधी व्याधि मानसिक कष्ट,अस्थि रोग से पीड़ित होंगे धन संचय में कमी व्यय की अधिकता,कुटुम्बीय क्लेश भौतिक सुख साधनों में कमी होगी शत्रुपक्ष प्रबल होंगे शनि की साढ़ेसाती के प्रारंभ होने से कष्ट होगा किसी धन निवेश में हानि संभव है। अविवाहितों के लिये शुभ अवसर है।
वृष : यह वर्ष अतिशुभदायक है उत्तम स्वास्थ्य भौतिक सुख साधनों में वृद्धि,कुटुम्ब में मांगलिक कार्य होंगे व्यापार में वृद्धि,धनसंचय,उत्तम भाग्य,शासन प्रशासन से लाभ,प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता नौकरी पेशा से जुड़े लोगों को पदोन्नति के अवसर मिलेंगे दाम्पत्य सुख में वृद्धि पैतृक सम्पत्ति के पक्ष में समाधान संभव है,कार्य क्षेत्र में प्रगति का योग है। उत्तरार्द्ध में सन्तान पक्ष से शुभ समाचार मिलेगा।
मिथुन : वर्ष सामान्य रहेगा,उत्तम स्वास्थ्य होगा,किन्तु अनावश्यक मानसिक चिंता एवं भय होगा सन्तान सुख में वृद्धि,उत्तम भाग्य पक्ष,अविवाहितों के लिए विवाह के अवसर विद्यार्थियों एवं प्रतियोगियों को शैक्षणिक एवं प्रतियोगी परीक्षाओं में विशेष सफलता प्राप्त होगी दाम्पत्य सुख में वृद्धि,नौकरी पेशा एवं व्यापार-उद्योग से जुड़े लोगों को सफलता प्राप्त होगी सुरक्षा कार्यों से जुड़े व्यक्तियों के समक्ष कठिन परिस्थितियां उत्पन्न होंगी।
कर्क : यह वर्ष प्रतिकूल होगा भाग्य पक्ष में कमी शैक्षणिक एवं प्रतियोगी परीक्षार्थियों को परिश्रम उपरान्त सफलता प्राप्त होगी नौकरी पेशावालों को कार्यभार में वृद्धि तथा कार्य की चिंता होगी व्यापार में हानि होगी दाम्पत्य सुख में कमी होगी मातृपक्ष से चिंता होगी।
सिंह : यह वर्ष मिश्रित फलदायी है,शनि की ढैय्या के प्रभाव से कष्ट होगा स्वास्थ्य संबंधी कष्ट कार्यभार मानसिक कष्ट होगा संतान की उन्नति,अध्ययन अध्यापन कार्य से जुड़े लोगों को विशेष सफलता सन्तान की उन्नति,कार्य व्यवसाय में लाभ अविवाहितों के लिये विवाह के अवसर प्राप्त होंगे धार्मिक यात्राएं वैवाहिक मांगलिक कार्य होंगे शेयर सट्टा से जुड़े लोगों को हानि व आय में अस्थिरता होगी
कन्या : यह वर्ष सामान्य फलदायी है,स्वास्थ्य सामान्य रहेगा अस्थि संबंधी पीड़ा,उदर तथा नेत्र रोग से कष्ट होगा भौतिक सुख साधनों में वृद्धि,न्यायिक कार्यों में सफलता,शत्रु पक्ष निर्बल होंगे विद्यार्थियों एवं प्रतियोगी परीक्षार्थियों को सामान्य सफलता प्राप्त होगी पराक्रम में वृद्धि होगी भाग्य पक्ष निर्बल होने से अथक परिश्रम होगा।
तुला : यह वर्ष शुभदायी है उत्तम स्वास्थ्य,कुटुम्बीय सुख परिवार में मांगलिक कृत्य होंगे उत्तम आय सन्तान सुख न्यायिक कार्यों में सफलता,शत्रु पक्ष निर्बल,विद्यार्थियों एवं प्रतियोगियों के लिए सफलता का योग है नौकरी में स्थानान्तरण का योग है। माता-पिता के स्वास्थ्य में सुधार सर्राफा व्यापारियों को हानि,इष्ट मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा
वश्चिक : यह वर्ष मिश्रित फलदायी है शनि की ढैय्या का प्रभाव समाप्त हो रहा है,आर्थिक स्थिति में सुधार होगा कंठ कर्ण पीड़ा तथा आन्त्र संबंधी व्याधि बहुप्रतिक्षित कार्यों में प्रगति,मनोबल में वृद्धि,कुटुम्ब सुख, धन संचय में कमी धार्मिक कार्यों में धन व्यय आध्यात्मिक विषयों में रुचि,भाग्य पक्ष में कमी भौतिक सुख साधनों में वृद्धि होगी भूमि वाहन आदि से लाभ का योग है। कृषि क्षेत्र में लाभ,नौकरी में पदोन्नति होगी स्त्री से सहयोग की प्राप्ति होगी।
धनु : वर्ष मिश्रित फलदायी है,शनि की ढैय्या का प्रभाव तथा वक्री तथा मार्गी शनि से मानसिक कष्ट महत्वपूर्ण कार्यों में बाधा,अनावश्यक भय,स्नायु एवं अस्थि संबंधित व्याधि अपव्यय संभव है विद्यार्थियों को विशेष सफलता का योग है। यात्रा में हानि संभव है,चिकित्सा तथा औषधि क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिये वर्ष लाभप्रद है।
मकर : यह वर्ष शुभ फलदायी है,शनि की ढैय्या का प्रभाव समाप्त हो रहा है,किंतु वक्री तथा मार्गी शनि होने से वर्ष में शुभ तथा अशुभ दोनों परिस्थितियां उत्पन्न होंगी उत्तम स्वास्थ्य,महत्वपूर्ण कार्यों में प्रगति आकस्मिक धन लाभ किंतु व्यय की अधिकता होगी पराक्रम में वृद्धि,इष्ट मित्रों एवं कुटुम्बीय सौख्य विद्यार्थियों एवं परिक्षार्थियों को सामान्य सफलता का योग है। न्यायालय से जुड़े कार्यों में स्थिरता
कुम्भ : यह वर्ष सामान्य है,शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण है किंतु वक्री तथा मार्गी शनि होने पर भी स्वयं राशिस्थ होने से अधिकांशतः शुभता रहेगी स्वास्थ्य में सुधार किंतु मानसिक कष्ट संभव है,उत्तम भाग्य पक्ष,परिवार में मांगलिक कृत्य होंगे प्रतियोगी एवं छात्रों को विशेष सफलता का योग,नौकरी पेशा लोगों में पदोन्नति के अवसर,व्यवसाय में लाभ होगा नवीन सम्पर्क द्वारा लाभ प्राप्ति,निवेश संबंधी हानि संभव है।
मीन : यह वर्ष शनि की साढ़ेसाती का उग्र प्रभाव होने से प्रतिकूल है। कार्यों में बाधा,मानसिक कष्ट,अरोग्य तथा सुख में कमी,उदर रोग अस्थि संधि में पीड़ा अनावश्यक व्यय परिश्रम से कार्यों में सफलता,किंतु अल्प लाभ संभव है। माता को कष्ट,आकस्मिक दुर्घटना संभव है। भाग्य पक्ष निर्बल है,कार्य व्यवसाय में हानि,शत्रु पक्ष सक्रिय होंगे,भूमि भवन संबंधी विवाद,भौतिक सुख साधनों के सुख में कमी होगी ऋण संबंधी कार्य में हानि होगी नौकरी में स्थानान्तरण का योग है किंतु लाभ कम है।

















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