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किसानों की फार्मर आईडी बनाने में जिले में अग्रणी है कन्हवारा

किसानों की फार्मर आईडी बनाने में जिले में अग्रणी है कन्हवारा

हरिशंकर पाराशर सत्यार्थ न्यूज़ संवाददाता कटनी मध्य प्रदेश

कटनी – समर्थन मूल्य पर फसल उपार्जन हेतु पंजीयन और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी किसानों के हित में चलाई जा रही योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए फार्मर आई.डी की आवश्यकता को देखते हुए कलेक्टर श्री दिलीप कुमार यादव के निर्देश पर जिले की तहसील कटनी के वृत्त कन्हवारा में अभी तक करीब 93 फीसदी किसानों की फार्मर रजिस्ट्री हो चुकी है। नायब तहसीलदार शिवभूषण सिंह ने बताया कि तहसील कटनी के वृत्त कन्हवारा में कुल लक्ष्य 4 हजार 947 के विरूद्ध अभी तक कुल 4 हजार 582 कृषकों की फार्मर आईडी बना ली गई है। शेष 365 कृषकों की फार्मर आई.डी का कार्य भी शीघ्र पूर्ण करनें का कार्य जारी है।

विदित हो कि जिले में कलेक्टर श्री दिलीप कुमार यादव के निर्देशानुसार किसानों की फार्मर रजिस्ट्री का कार्य राजस्व एवं कृषि विभाग द्वारा ग्राम पंचायतों में शिविर का आयोजन किया जाकर अभियान के तौर पर किया जा रहा है।

पीएम किसान योजना का लाभ प्राप्त करनें फार्मर आईडी अनिवार्य

भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय तथा मध्यप्रदेश शासन के राजस्व विभाग द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक मार्च 2025 के बाद पीएम किसान योजना का लाभ प्राप्त करने किसानों की फार्मर आईडी होना अनिवार्य है। फार्मर रजिस्ट्री के अंतर्गत प्रत्येक कृषक भूमि स्वामी को एक यूनिक आईडी जनरेट कर प्रदान की जा रही है ताकि कृषकों को आसानी से केसीसी ऋण कम्प्यूटरीकृत प्रक्रिया के माध्यम से प्राप्त हो सके और हितग्राही मूलक योजनाओं हेतु लक्ष्य निर्धारण एवं कम्प्यूटरीकृत प्रणाली से सत्यापन की प्रक्रिया सुनिश्चित की जा सके।

फार्मर आईडी के लाभ

फार्मर रजिस्ट्री से किसानों की पहचान सुनिश्चित होगी, किसानों का डेटाबेस तैयार होगा और कृषि संबंधी नीतियों के क्रियान्वयन में मदद मिलेगी। फार्मर रजिस्ट्री या फार्मर आईडी से किसानों को पीएम किसान एवं अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में भी आसानी होगी।

घर बैठे बनाएं फार्मर आई.डी

किसान घर बैठे मोबाइल एप के माध्यम से अपनी फार्मर रजिस्ट्री कर सकते है। इसके लिये उन्हें प्ले स्टोर पर जाकर फार्मर सहायक एमपी एप डाउनलोड करना होगा तथा आधार वेरिफिकेशन और मोबाइल नम्बर वेरिफिकेशन के बाद किसान को स्वयं की, कृषि भूमि की और समग्र आईडी की जानकारी इसमें दर्ज करनी होगी। मोबाइल एप के अलावा किसान पटवारी अथवा उनके गांव में नियुक्त सर्वेयर सहायक से भी फार्मर रजिस्ट्री करा सकेंगे। एमपी ऑनलाइन कियोस्क या कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से भी निर्धारित शुल्क चुकाकर किसान फार्मर रजिस्ट्री करा सकेंगे।

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