विशेष संवाददाता पुनीत मरकाम कांकेर ✍️ ✍️ ✍️ बस्तर पंडुम कार्यक्रम में जनजातीय रहन-सहन,पारंपरिकत्यौहार, खान-पान,वेश-भूषा और कला का प्रदर्शन
दुर्गूकोंदल:-20 मार्च 2017 बस्तर पंडुम छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में मनाया जाने वाला एक पारंपरिक त्योहार है। यह त्योहार आदिवासी समुदाय द्वारा मनाया जाता है और इसमें विभिन्न पारंपरिक नृत्य, संगीत और अनुष्ठान शामिल होते हैं।
बस्तर पंडुम के दौरान, लोग अपने पूर्वजों को सम्मानित करते हैं और उनकी आत्माओं को शांति प्रदान करने के लिए पूजा-अर्चना करते हैं। यह त्योहार आदिवासी संस्कृति की समृद्धि और विविधता को प्रदर्शित करता है।
*पंडुम का अर्थ है* “पूजा” या “अनुष्ठान”। यह शब्द आदिवासी भाषा में प्रयोग किया जाता है और इसका उपयोग विभिन्न पारंपरिक अनुष्ठानों और पूजाओं के लिए किया जाता है।
बस्तर पंडुम के संदर्भ में, पंडुम शब्द का अर्थ है बस्तर क्षेत्र में मनाया जाने वाला एक विशेष पूजा या अनुष्ठान। यह त्योहार आदिवासी समुदाय द्वारा मनाया जाता है और इसमें विभिन्न पारंपरिक नृत्य, संगीत और अनुष्ठान शामिल होते हैं। आज दुर्गूकोंदल में सरकार की अतिमहत्वाकांक्षी कार्यक्रम बस्तर पंडुम का आयोजन किया गया, जिसमें दुर्गूकोंदल ब्लाक. के विभिन्न क्षेत्रों से आए आदिवासी कलाकारों ने आकर्षक वेश-भूषा में आकर्षक प्रस्तुति देकर दर्शको का मन मोह लिया। जनजातीय बाहुल्य बस्तर संभाग के स्थानीय कला एवं संस्कृति को मूल स्वरूप में संरक्षण, संवर्धन एवं कला समूहों के सतत विकास व जनजातीय कलाकारों को प्रोत्साहित व सम्मानित करने के उद्देश्य से विकासखंड दुर्गुकोंदल में ब्लॉक स्तरीय बस्तर पंडुम का आयोजन 20 मार्च को सामुदायिक भवन दुर्गूकोदल में सुबह 10 बजे से किया गया।बस्तर पडुम बस्तर का उत्सव में जनजातीय नृत्य में प्रथम जय लिंगो आदिवासी मादरी भिरावाहि ,जनजातीय गीत में रजनी नरेटी एवं साथी ने प्रथम, जनजातीय नाट्य में प्रथम करिश्मा उसेंडी एवं साथी खुटगांव, स्थानीय वाद्य यंत्रों में प्रथम किशोर एवं साथी,जनजातीय कला व गोदना में प्रथम घनिता मंडावी एवम साथी ने प्रथम, जनजातीय वेशभूषा व आभूषण प्रदर्शन में प्रथम संयोगिता एवं साथी, जनजातीय पेय पदार्थ व व्यंजन सल्फी, ताड़ी, छिंदरस, हड़िया, मांड़, चापड़ा चटनी आदि का प्रदर्शन कर हेमलता नरेटी खुटगांव ने प्रथम स्थान प्राप्त किया । प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विजेता प्रतिभागियों को नगद दस हजार राशि देकर पुरस्कृत किया गया साथ ही प्रमाण पत्र प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में समाज प्रमुख, सामाजिक कार्यकर्ता, क्षेत्र के गायता पटेल समाज प्रमुख सर्व आदिवासी समाज के सदस्यों में किरण नरेटी अध्यक्ष जिला पंचायत काँकेर,निखिल सिंह राठौर अध्यक्ष नगर पंचायत भानुप्रतापपुर,श्री देवेन्द्र टेकाम, जिला पंचायत सदस्य कांकेर,मान. देवलाल नरेटी, जिला पंचायत सदस्य,मान. श्री गोपी बढ़ाई, अध्यक्ष जनपद पंचायत दुर्गुकोंदल,मान. श्री आनंद तेता, उपाध्यक्ष जनपद पंचायत दुर्गुकोंदल,मान. श्रीमती सुलोचना कोरेटी, जनपद सदस्य, पीलम नरेटी, विकास राजू नायक,राजिन्दर रंधावा,वरुण खापर्डे,सिवनी उसेंडी,कोमल हुपेंडी,सविता उयके, निर्मला कोवाची,धनसाय हुर्रा, अमृता कोटिंगला, सुशीला गावड़े, हेमलता उयके,सिरों कोमरे भूतपूर्व अध्यक्ष जिला पंचायत काँकेर,शकुंतला नरेटी सरपंच दुर्गुकोंदल,तामेश्वरी जैन,संतो दुग्गा, पार्वती सोरी,पूर्व अध्यक्ष जनपद दुर्गुकोंदल,मान. श्री बिदेसिंह कल्लो, मण्डल अध्यक्ष भाजपा दुर्गुकोंदल,शोपसिंह आचला, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी दुर्गुकोंदल, जोहन गावड़े, पूर्व जनपद सदस्य दुर्दूकोंदल, गौतम उयके, समाजिक कार्यकर्ता,श्री लालजी राम दुग्गा, ग्राम पटेल दुर्गुकॉदल, श्रीराम बघेल, समाज हल्बा समाज दुर्गुकोंदल,श्री बैजनाथ नरेटी, ग्राम गायता दुर्गुकोंदल, चैनसिंह नरेटी, समाज प्रमुख,श्री जगत राम नरेटी, ग्राम पटेल खुटगांव,लच्छू राम नरेटी, संरक्षक गोंड समाज दुर्गुकोंदल,सुखचंद प्रजापति,कमल कोसमा सन्तु राम नरेटी,मुकेश्वरी नरेटी, ग्राम गायता खुटगांवआदि की गरिमामयी उपस्थिति रही।कार्यक्रम को किरण नरेटी, देवेंद्र टेकाम, देवलाल नरेटी,गोपी बढ़ाई, आनंद तेता,पीलम नरेटी,शकुंतला नरेटी,संतो दुग्गा,सविता उइके,राजू विकास नायक आदि ने कार्यक्रम को सम्बोधित किया।कार्यक्रम का सफल आयोजन कराने में सुरेंद्र बंजारे मुख्यकार्यपालन अधिकारी, एस पी कोसरे खंड शिक्षा अधिकारी,अंजनी मंडावी सहायक खंड शिक्षा अधिकारी, आर के किशोरे, आर डी ठाकुर, बाबूलाल कोमरे, संजय वस्त्रकार, नंदिनी दीवान,प्रीति गंजीर, ए आर मंडावी,सतीश जुर्री,रघुनाथ भुआर्य,बोधिराम कोरेटी,बलिराम दुग्गा,नारायण कोवाची,कुमुद ध्रुव,राजबत्ती पोटाई,मुकेश बघेल,राजेश्वरी कोडोपी,सुमित्रा सलाम, दुर्गा मंडावी,राजेश कुर्रे,समस्त सीएससी रामचंद्र दुग्गा,एस आर कीड़ोपी,भारत दरपट्टी, किशोर विश्वकर्मा, उमाकांत भंडारी,योगेश मरकाम आदि का सराहनीय योगदान रहा,मंच संचालन में ललित नरेटी,शंकरदास नागवंशी,सुरेखा पुरेन्द्र आदि का सराहनीय योगदान रहा।
*बस्तर संभाग के आदिवासी समाज को नई पहचान दिलाएगा बस्तर पण्डुम-विकास राजु नायक*

दुर्गूकोंदल | विकासखंड दुर्गूकोंदल मे ब्लॉक स्तरीय बस्तर पण्डुम का आयोजन किया गया जिसमें जनपद सदस्य विकास राजु नायक ने सम्बोधित करते हुये कहा कि – बस्तर पण्डुम निश्चित ही आदिवासी परंपरा और संस्कृति को सम्मान देता नजर आ रहा है, आप सबको बताते हुये हर्ष हो रहा है कि प्रदेश के मुखिया यशस्वी मुख्यमंत्री मान. विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप इस आयोजन के माध्यम से बस्तर संभाग की समृद्ध लोककला, रीति-रिवाज, पारंपरिक जीवनशैली और सांस्कृतिक विरासत को संजोने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। यह महोत्सव न केवल बस्तर के प्रतिभाशाली कलाकारों का एक मंच प्रदाय करेगा, बल्कि उनकी कला को नई पहचान के साथ प्रोत्साहित भी करेगा। साथ ही विकासखंडों में प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा जो कि 07 अलग अलग विधाओं पर केन्द्रित होगा जिसमें जनजातीय नृत्य, जनजातीय गीत, जनजातीय नाट्य, जनजातीय वाद्ययंत्रो का प्रदर्शन, जनजातीय वेशभूषा आभूषण का प्रदर्शन, जनजातीय कला एवं गोदना का प्रदर्शन तथा जनजातीय पेय पदार्थ एवं व्यंजन का प्रदर्शन है। इस आयोजन से बस्तर संभाग के जनजातीय समुदाय के लोगों, विशेषकर युवाओं के मध्य समरसता और एकता स्थापित करने की इस अनूठी पहल से बस्तर की जनता में विश्वास, शान्ति और विकास को बढ़ावा मिलेगा। बस्तर पंडुम का आयोजन ब्लॉक, जिला और संभाग स्तर पर किया जा रहा है, जिसमें जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य सहित जनजातीय वाद्य यंत्रों का प्रदर्शन, जनजातीय वेशभूषा एवं आभूषण का प्रदर्शन, जनजातीय कला एवं गोदना का प्रदर्शन तथा जनजातीय व्यंजन एवं पेय पदार्थों का प्रदर्शन विधाओं को शामिल किया गया है। आयोजन मे लगे स्टॉल मे पेय प्रदार्थ एवं खाद्य प्रदार्थो माड़िया पेज, को चखकर उनकी प्रशंसा किया,साथ ही केवल संभाग स्तर आयोजन में जनजातीय रीति-रिवाज एवं तीज-त्यौहार पर आधारित प्रदर्शनी को समाहित किया गया है |

















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