सत्यार्थ न्यूज़भीलवाड़ा
अब्दुल सलाम रंगरेज
शाहपुरा जिला बचाओ आंदोलन का विभिन्न समाजों द्वारा समर्थन जारी_
गुरुवार को शाहपुरा विधायक ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर मांग पत्र सौंपा _
भीलवाड़ा

राज्य सरकार द्वारा 28 दिसंबर को शाहपुरा सहित 9 जिलों का दर्जा समाप्त कर दिया गया था। उसके बाद से स्थानीय स्तर पर लगातार विरोध प्रदर्शन जारी है।शाहपुरा जिला बचाओ आंदोलन को विभिन्न समाजों और संगठनों का समर्थन मिल रहा है। बुधवार को कहार समाज की सक्रिय भागीदारी ने आंदोलन को और मजबूती प्रदान की है।
संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो आंदोलन को और अधिक तीव्र किया जाएगा। शाहपुरा की जनता अब एकजुट होकर इस लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाने के लिए तैयार है।
शाहपुरा जिला बचाओ आंदोलन के 20वें दिन विधायक डॉ. लालाराम बैरवा ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से शाहपुरा विधानसभा क्षेत्र की जनता से संवाद किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा संदेश में आंदोलन को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की और शाहपुरा के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में कुछ जिलों को हटाने के फैसले के तहत शाहपुरा जिला हटाने पर शाहपुरा जिला बचाओ संघर्ष समिति आंदोलन कर रही है, और यह दुखद है।
इसी बीच शाहपुरा जिले की बहाली को लेकर चल रहा आंदोलन नए मोड़ पर पहुंच गया है। गुरुवार की देर शाम शाहपुरा विधायक डॉ. लालाराम बेरवा और जहाजपुर विधायक गोपीचंद मीणा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मुलाकात कर शाहपुरा जिले को लेकर चर्चा की।
28 दिसंबर को शाहपुरा सहित 9 जिलों का दर्जा समाप्त कर दिया था, जिसके बाद से स्थानीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन जारी है। शाहपुरा अभिभाषक संस्थान के नेतृत्व में गठित जिला संघर्ष समिति पिछले 23 दिनों से उपखंड कार्यालय के बाहर धरना दे रही है।
मुख्यमंत्री से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में शाहपुरा के पूर्व राजाधिराज जय सिंह, नगर परिषद सभापति रघुनंदन सोनी, पूर्व पालिका अध्यक्ष कन्हैयालाल धाकड़ और भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष राजेंद्र बोहरा शामिल थे। उन्होंने मुख्यमंत्री को जिला बहाली से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज और मांग पत्र सौंपा।
विधायक बैरवा ने जिला बहाली के लिए हर संभव प्रयास करने का आश्वासन दिया। बैठक में वरिष्ठ भाजपा नेता पंकज सुगंधी और पार्षद दुर्गालाल कहार भी मौजूद रहे।

















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