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जशपुर: धड़ल्ले से चल रही जंगल में JCB, शिकायत के बाद भी कार्यवाही नहीं

जशपुर: धड़ल्ले से चल रही जंगल में JCB, शिकायत के बाद भी कार्यवाही नहीं

, कर्मचारी जेसीबी जप्त कर आधे रास्ते में ही छोड़े, सन्ना वन विभाग के कर्मचारियों पर मिलीभगत कर जंगल नष्ट कराने का आरोप ” सैकड़ों ग्रामीण पहुंचे DFO कार्यालय”कार्यवाही नहीं होने की स्तिथि में DFO कार्यालय घेराव करने की चेतावनी” DFO ने कहा 1 घंटे में ही….. पढ़िए पूरी खबर

रिर्पोटर, गुलाब यादव
स्थान जशपुर / छ .ग.

जशपुर सन्ना:- जिले के सन्ना वन परिक्षेत्र के ग्राम पंचायत चलनी परसा डिपा के ग्रामीणों ने सन्ना के अधिकारी कर्मचारियों की शिकायत लेकर वन मंडलाधिकारी के पास जशपुर पहुंच गए हैं, तथा सन्ना के भ्रष्ट कर्मचारियों के ऊपर मिली भगत कर जंगल नष्ट कराने का आरोप लगाएं हैं।

इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार सन्ना वनपरीक्षेत्र के परसा डिपा आर एफ 21 में भौवा राम निवासी चलनी के द्वारा जंगल मद की भूमि पर सैकड़ों पेड़ों को नष्ट कर जेसीबी से खुदाई कर खेत बनवाया जा रहा है जिसकी शिकायत स्थानीय ग्रामीणों ने सन्ना वन विभाग में किए थे, शिकायत के अनुसार दिनांक 21 जनवरी 2025 को सन्ना रेंज से नीरंजन मिंज तथा अजय कौमिक के द्वारा मौके पर पहुंचकर अवैध रूप से खुदाई कर रहे जेसीबी को जप्त किया गया, लेकिन निरंजन मिंज पर आरोप है कि मिली भगत कर जेसीबी को चालक समेत रास्ते में ही छोड़ दिया गया जिसके बाद उसी दिन समस्त ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए जशपुर वन मंडलाधिकारी के पास पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराए हैं ।

इधर जशपुर वनमण्डलाधिकारी जितेंद्र उपाध्याय ने कहा कि हमारे पास आवेदन आया था मै जांच हेतु टीम बनाकर भेजा था मै आपको 1 घंटे में पूरी विस्तृत जानकारी देता हूं

विशेष सूत्रों की माने तो वन विभाग सन्ना हमेशा से ही विवादों में रहता है पूर्व में भी ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिसपर यहां पदस्थ अधिकारी कर्मचारी मिलीभगत कर जंगल नष्ट करने में जुटे हुए हैं ।

मामले में दरोगा निरंजन मिंज में बताया कि आप तो जानते ही हैं गांव वाले एक दो पेड़ काटते ही हैं, कहकर मुख्य बातों को तोड़ मरोड़कर गोल मोल जवाब दिया।

इस संबंध में सन्ना रेंजर ने कहा कि शिकायत मिली है इस पर कार्यवाही की जा रही है ।

दो कर्मचारियों का अलग अलग जवाब से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़ा होता है ?

मामले की कुछ अहम सवाल!

जब कार्यवाही हो ही रही है तो सैकड़ों ग्रामीण यहां कार्यालय रहते हुए जशपुर डीएफओ कार्यालय जाने को मजबूर क्यों हुए ?

जब ग्रामीणों के सामने जेसीबी को जप्त किया गया था तो आधे रास्ते में छोड़ने का क्या मतलब है ?

वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि जेसीबी जंगल में अवैध खुदाई कर रहा है तो उसके मुख्य आरोपी (खुदाई करवाने वाला) के ऊपर कार्यवाही क्यों नहीं किया गया ?

ये सभी सवालों का जखीरा है जो विभाग के कार्यों को मिलीभगत कर जंगल नष्ट कराने का सबूत देती है ?

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